ग्रामीणों ने बीडीओ को आवेदन देखकर किया निर्माण की मांग कुटुंबा. गांव के विकास के लिए सरकार द्वारा कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है. पंचायती राज विभाग इसके लिए करोड़ों रुपये खर्च भी कर रहा है, लेकिन योजनाओं के सही तरीके से क्रियान्वयन के अभाव में गांव की स्थिति आज भी नारकीय बनी हुई है. भरौंधा पंचायत की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है. पोखराही गांव के वार्ड नंबर चार के ग्रामीणों ने कुटुंबा बीडीओ को आवेदन देकर समस्या से अवगत कराते हुए जल्द समाधान की मांग की है. पंच कुंती देवी, कौशल्या कुमारी, जितेंद्र यादव, धनंजय सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि उक्त वार्ड में बनी नाली ठीक से नहीं बनायी गयी है, जिससे 40-50 घरों का पानी बाहर नहीं निकल पाता है. गंदा पानी सड़क पर जमा होने के कारण आवागमन कठिन हो गया है. ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें घरों का पानी बाल्टी से बाहर फेंकना पड़ता है और बिना ऐसा किए वहां से आना-जाना संभव नहीं होता. आवेदन देने वाली महिलाओं ने कहा कि पानी साफ करते समय लोग उन्हें घृणा की नजर से देखते हैं. ग्रामीणों ने सरपंच रीता देवी के नेतृत्व में यह आवेदन पंचायत सचिव को सौंपा है. आवेदन में गांव की नाली को पुनः सुदृढ़ करने और जल निकासी का व्यवस्थित प्रबंध करने की मांग की गयी है, ताकि वार्ड नंबर चार को पूर्णतया जलजमाव से मुक्त किया जा सके. उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र नाली दुरुस्त नहीं की गयी, तो आंदोलन करने पर मजबूर होंगे. यह समस्या केवल वार्ड नंबर चार तक सीमित नहीं है. वार्ड नंबर आठ और 10 (सिमरा बाजार) में भी घरों की नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहता है, जिससे आवागमन में कठिनाई होती है. चार जनवरी को प्रभात खबर में इस पंचायत के वार्ड आठ और दस में नाली की जटिल स्थिति पर प्रमुखता से रिपोर्ट प्रकाशित की गयी थी.
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