औरंगाबाद ग्रामीण.
बारुण प्रखंड के अष्टभुजी धाम पिपरा में 29 व 30 जनवरी को अष्टभुजी धाम महोत्सव होगा. कला संस्कृति विभाग से राजकीय दर्जा मिलने के बाद पहली बार जिला प्रशासन एवं कला संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में महोत्सव किया जायेगा. इससे संबंधित अष्टभुजी धाम महोत्सव आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक मुख्य संरक्षक संजीव कुमार सिंह के आह्वान पर अध्यक्ष विजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित की गयी. संचालन सुरेश विद्यार्थी ने किया. सदस्यों ने आपसी विचार समन्वय कर संकल्प लिया कि महोत्सव के आयोजन में समिति के सभी पदाधिकारी एवं सदस्य अपेक्षित सहयोग प्रदान करेंगे. गौरतलब है कि आयोजन समिति के सदस्यों द्वारा लगातार महोत्सव का आयोजन किया जाता रहा था और अष्टभुजी माता की महिमा गरिमा जिस प्रकार की है उसको देखते हुए इसे राजकीय दर्जा दिया गया है. महोत्सव के माध्यम से यह संदेश जाए कि अष्टभुजी धाम विंध्यवासिनी माता की प्रतिकृति है. बैठक में मौजूद संरक्षक अजीत मिश्रा उपाध्यक्ष अजय कुमार व संजय कुमार सिंह, सचिव राजा दिलीप, उपसचिव कर्म देव भगत, कोषाध्यक्ष रामेश्वर भगत, उपकोषाध्यक्ष आलोक कुमार गुप्ता, कार्यकारिणी के सदस्यों ने यह भी बताया कि अष्टभुजी धाम पिपरा एक ऐसी जगह है जहां अष्टभुजी माता के साथ-साथ दर्जनों देवी-देवताओं की प्रतिमाएं विराजमान है. एक ही परिसर में इतने सारे देवी-देवताओं का होना एक शोध का विषय है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

