औरंगाबाद: 20-21 जुलाई के रेड अलर्ट को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट, डीएम ने सभी प्रखंडों में कंट्रोल रूम बनाने के दिए निर्देश

अदरी नदी इलाके का जायजा लेते एसडीओ
बिहार में 20-21 जुलाई के भारी बारिश के रेड अलर्ट के मद्देनज़र औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के निर्देशानुसार, सभी प्रखंडों में आपात बैठकें हुईं और तैयारियों की समीक्षा की गई.
Aurangabad News: बिहार मौसम विभाग द्वारा आगामी 20 एवं 21 जुलाई के लिए जारी भारी बारिश के रेड अलर्ट के मद्देनजर औरंगाबाद जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद हो गया है. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा के विशेष निर्देशानुसार जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों ने अपने-अपने आवंटित प्रखंडों का दौरा किया. वहां प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों एवं कर्मियों के साथ आपात बैठक आयोजित कर संभावित बाढ़, सुखाड़ व जलजमाव की स्थिति से निपटने हेतु की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की.
राहत शिविरों के लिए स्थलों का चिन्हांकन
औरंगाबाद की इस उच्च स्तरीय बैठक में संभावित आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी राहत तथा बचाव कार्य सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ), अंचल अधिकारी (सीओ), प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी (बीपीआरओ) एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी (एमओ) सहित सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे संभावित बाढ़ की स्थिति में राहत शिविरों के संचालन हेतु पूर्व से ही सभी आवश्यक तैयारियां हर हाल में पूर्ण कर लें.
नालियों की सफाई और जल निकासी के निर्देश
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविरों के लिए उपयुक्त और सुरक्षित स्थलों का चिन्हांकन कर वहां आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है. इसके साथ ही शहरी और ग्रामीण इलाकों में जलजमाव की गंभीर समस्या से बचाव हेतु प्रमुख नालियों की युद्धस्तर पर साफ-सफाई कराने एवं जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश दिया गया है ताकि सड़कों पर पानी जमा न हो सके.
गोताखोर और आपदा मित्र रहेंगे अलर्ट
औरंगाबाद जिले में आपदा से निपटने के लिए गोताखोरों, आपदा मित्रों तथा आपदा प्रबंधन से जुड़े अन्य सभी महत्वपूर्ण संसाधनों की उपलब्धता एवं उनकी तत्परता की भी बारीकी से समीक्षा की गई. बैठक में बाढ़ जैसी आपात स्थिति में अपनाई जाने वाली मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के प्रत्येक बिंदु पर विस्तार से चर्चा करते हुए सभी अधिकारियों एवं फील्ड कर्मियों को निर्धारित सरकारी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
चौबीस घंटे कार्यरत रहेंगे कंट्रोल रूम
वरीय अधिकारियों ने स्पष्ट कहा कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सूचना का आदान-प्रदान करने, राहत एवं बचाव कार्य चलाने तथा प्रभावित लोगों को तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध कराने में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इसके साथ ही जिले के सभी प्रखंडों में एक समर्पित कंट्रोल रूम को 24 घंटे कार्यरत रखने का निर्देश दिया गया है. जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहने को कहा है.
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