औरंगाबाद: ग्रामीण समृद्धि व अर्थव्यवस्था सुदृढ़ बनाने को संकल्पित है नाबार्ड: डीडीएम

Author Vinay singh|Edited by Vikash Jha
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ग्रामीण समृद्धि व अर्थव्यवस्था सुदृढ़ बनाने को संकल्पित है नाबार्ड : डीडीएम

नाबार्ड के 45वीं स्थापना दिवस समारोह में शामिल डीडीएम कृष्ण कुमार ओझा, जिला उद्योग महाप्रबंधक, बीएओ व अन्य | Prabhat Khabar Network

नाबार्ड ने औरंगाबाद के मदनपुर में अपना 45वां स्थापना दिवस मनाया. इस अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को स्वरोजगार और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई. मशरूम उत्पादन जैसे प्रशिक्षण की घोषणा की गई.

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Aurangabad News: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) का 45वां स्थापना दिवस औरंगाबाद जिले के मदनपुर स्थित प्रियंका स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के सभागार में बेहद हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. इस विशेष कार्यक्रम में विभिन्न जीविका व स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही, जहां उन्हें स्वरोजगार, कृषि आधारित आय में वृद्धि और केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई.

महिलाओं को मिलेगा मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण

कार्यक्रम को मुख्य रूप से संबोधित करते हुए नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक (डीडीएम) कृष्ण कुमार ओझा ने कहा कि नाबार्ड ग्रामीण समृद्धि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए जमीनी स्तर पर लगातार कार्य कर रहा है. उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण महिलाओं को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न विकासात्मक योजनाएं संचालित की जा रही हैं. स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना नाबार्ड की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने समूह की महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मशरूम उत्पादन का विशेष प्रशिक्षण दिलाने का आश्वासन दिया.

उद्यमी योजनाओं से आत्मनिर्भर बनने की अपील

जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) के महाप्रबंधक संजीव कुमार ने सरकार द्वारा संचालित विभिन्न रोजगार योजनाओं की बारीकी से जानकारी दी. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, बिहार लघु उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एवं स्टार्टअप योजना के माध्यम से लोग आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं. उन्होंने युवाओं और महिलाओं से सरकारी उद्यमी पोर्टल पर पंजीकरण कराने और अनुदान (सब्सिडी) का लाभ उठाने की अपील की.

कृषि में नई तकनीकों के इस्तेमाल पर जोर

इस दौरान मदनपुर की प्रखंड कृषि पदाधिकारी (बीएओ) आकृति तिवारी ने भी किसानों और महिलाओं को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग स्थानीय किसानों की समृद्धि के लिए नई तकनीकों, उन्नत किस्म के बीज, खाद एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित कर रहा है, जिससे कृषि उत्पादन में लागत कम हो और किसानों की आय में गुणात्मक वृद्धि हो सके. ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने में नाबार्ड और कृषि विभाग मिलकर काम कर रहे हैं.

भारी संख्या में महिलाएं रहीं उपस्थित

इस गरिमामयी कार्यक्रम में परियोजना प्रबंधक भारत भूषण शर्मा, डीआईसी की शालू कुमारी, अजीत कुमार, रोहित कुमार ठाकुर सहित बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूह की सक्रिय महिलाएं मुख्य रूप से उपस्थित रहीं. इनमें सोनी कुमारी, रेणु देवी, मुन्नी देवी, चिंता देवी, संगीता देवी, कुसुम कुमारी, पूनम सिन्हा, रेणु कुमारी, प्रियंका श्रीवास्तव, ममता कुमारी आदि शामिल थीं. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करना था.


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