रफीगंज राजधानी एक्सप्रेस हादसे की 24वीं बरसी, धावा नदी किनारे मृत यात्रियों को दी गई श्रद्धांजलि

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रफीगंज में राजधानी एक्सप्रेस रेल दुर्घटना की 24वीं बरसी पर लोगों ने धावा नदी के पास मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि दी. जानें इस दर्दनाक हादसे की पूरी जानकारी.

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Rafiganj Rajdhani Express Accident : औरंगाबाद में पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड के रफीगंज रेलवे स्टेशन से करीब चार किलोमीटर पश्चिम धावा नदी के समीप बुधवार की रात राजधानी एक्सप्रेस रेल दुर्घटना की 24वीं बरसी पर विशेष श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. रात करीब 10:45 बजे घटनास्थल पर रेलवे कर्मियों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने एकत्रित होकर उस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले यात्रियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए. लोगों ने पूजा-अर्चना की, कैंडल जलाए और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा.

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कार्यक्रम के दौरान मौजूद लोगों की आंखों के सामने 9 सितंबर 2002 की वह भयावह रात एक बार फिर ताजा हो गई. बताया गया कि इसी स्थान पर हावड़ा से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस भीषण दुर्घटना का शिकार हो गई थी. इस हादसे में 150 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई थी. देश की सबसे दर्दनाक रेल दुर्घटनाओं में शामिल इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था.

पीडब्ल्यूआई इंचार्ज गौरव कुमार, कांग्रेस नेता डॉ. तुलसी यादव एवं विनोद कुमार ने बताया कि 24 वर्ष बीत जाने के बावजूद इस हादसे की याद आज भी लोगों के जेहन में ताजा है. धावा नदी पुल के समीप आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में लोगों ने दिवंगत यात्रियों को नमन करते हुए उनके परिजनों के दुख को भी याद किया.

शुभम सिंह ने बताया कि इस दर्दनाक रेल हादसे के बाद से प्रत्येक वर्ष 9 सितंबर को रेलवे कर्मी, आरपीएफ के जवान तथा स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंचकर मृत यात्रियों को श्रद्धांजलि देते हैं. यह आयोजन उन असमय काल के गाल में समा गए यात्रियों की स्मृति को जीवित रखने का प्रयास है.

श्रद्धांजलि कार्यक्रम में डॉ. तुलसी यादव, जदयू के वरिष्ठ नेता विनोद कुमार, शुभम सिंह, पप्पू यादव बाबा, अजय कुमार, संदीप कुमार, मनोज कुमार मधुकर, आजाद कुमार मधुकर, गौरव कुमार, रात्रि प्रहरी महीप कुमार, रविशंकर, खेमचंद लखड़ा, रामदास मांझी, कृष्ण मुरारी कुमार, रंजीत कुमार, बालमुकुंद, सत्यप्रकाश, दिलीप कुमार, एयर मार्शल मेठ दिलीप कुमार, सत्यप्रकाश आजाद, मनोज मधुकर, विराट कश्यप और जितेंद्र गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित थे.

बड़ी बात यह है कि 24वीं बरसी पर धावा नदी किनारे जले दीपों ने एक बार फिर उस दर्दनाक रात की याद दिला दी, जिसे रफीगंज और देश आज भी भूल नहीं पाया है.

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