घने कोहरे व शीतलहर में ट्रेन पकड़ने को विवश दिखे यात्री कड़ाके की ठंड ने जिंदगी को जकड़ा, फेसर में अलाव की व्यवस्था नहीं होने से यात्री परेशान फोटो- 23- कुहासा के बीच ट्रेन पकड़ने की जद्दोजहद में यात्री फोटो- 24, 25- घने कोहरे व ठंड में स्टेशन पर ट्रेन के इंतजार में बैठे यात्री प्रतिनिधि, औरंगाबाद/फेसर. कड़ाके की ठंड ने इंसानों से लेकर पशुओं तक की जिंदगी को पूरी तरह से जकड़ कर रख दिया है. पछुआ सर्द हवा के साथ-साथ कड़ाके की भीषण ठंड ने लोगों को घर में दुबके रहने पर मजबूर कर दिया है. सदर प्रखंड के फेसर क्षेत्र में शीतलहर व घने कोहरे की वजह से जनजीवन प्रभावित हो गया है. चौक-चौराहे के साथ-साथ रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या भी पहले की तुलना में कम हो गयी है. लोग जरूरी काम पड़ने पर ही घर से बाहर निकल रहे हैं. बेवजह बाहर निकलने से बच रहे हैं. जिला प्रशासन द्वारा एवं स्थानीय जन प्रतिनिधि द्वारा हर चौक-चौराहा पर अलाव की व्यवस्था की जा रही है, लेकिन रेलवे स्टेशन से जुड़े भीड़भाड़ वाले स्थान फेसर में कहीं भी ऐसा सरकारी इंतजामम देखने को नहीं मिल रहा है. फेसर क्षेत्र के गांवों में भी अभी तक सार्वजनिक स्थानों पर अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है. जैसे ही दिन ढलता है वैसे ही ठंडी हवाएं सितम ढाने लग रही है. ऐसे में बुजुर्गों एव बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है. लोग मजबूरन कहीं प्लास्टिक जलाकर आग ताप रहे हैं तो कहीं पुआल जला कर अपने शरीर को गर्म करने में लगे हैं. राहगीर अरविंद तिवारी, रोहित सिंह, अविनाश सिंह, पिंटू कुमार, मनीष सिंह, मंतोष यादव जैसे कई राहगीरों ने कहा कि स्टेशन परिसर के पास जिला प्रशासन, रेल प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा ठंड से बचने के लिए अलाव की व्यवस्था की जानी चाहिए, ताकि ठंड से राहगीरों को राहत मिल सके. इधर, अत्यधिक ठंड के कारण अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ बढ़ गयी है. अधिकांश मरीजों में ठंड के लक्षण दिख रहे हैं. डॉक्टर ऐसे मौसम में विशेष एहतियात बरतने की सलाह दे रहे हैं. खासकर बच्चों व बुजुर्गों की विशेष देखभाल करने की जरूरत है. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट दर्ज होने की संभावना है. इससे ठंड में और इजाफा होगा. कड़ाके की ठंड के साथ-साथ घने कोहरे व शीतलहर लोगों पर सितम ढायेगा. पिछले दो-तीन दिनों से सूर्य तक के दर्शन नहीं हुए. सुबह से दोपहर के घना कोहरा छाया रह रहा है. दोपहर में कुछ देर के लिए थोड़ी राहत मिल रही है, लेकिन फिर शाम ढलने के साथ स्थिति जस की तस हो जा रही है.
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