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आज से शुरू हो रहा महादेव की आराधना का माह सावन, जलाभिषेक कर भक्त शिव को रिझायेंगे

Updated at : 10 Jul 2025 6:51 PM (IST)
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आज से शुरू हो रहा महादेव की आराधना का माह सावन, जलाभिषेक कर भक्त शिव को रिझायेंगे

इस वर्ष चार सोमवार और चार महासंयोग

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इस वर्ष चार सोमवार और चार महासंयोग

प्रतिनिधि, औरंगाबाद सदर.

श्रावण मास की शुरुआत आज से हो रही है और इसका समापन नौ अगस्त को होगा. देवों के देव महादेव को समर्पित यह मास श्रद्धा, उपासना और आत्मशुद्धि का प्रतीक है. इस बार विशेष बात यह है कि हर सावन सोमवार पर दुर्लभ और पुण्यदायक योग बन रहे हैं, जिससे यह मास पहले से कहीं अधिक फलदायी होगा. जैसे आयुष्मान, सर्वार्थ सिद्धि, गौरी और ब्रह्म-इंद्र योग. प्रख्यात ज्योतिषाचार्य पंडित सतीश पाठक ने बताया कि 14 जुलाई को सावन की पहली सोमवारी है इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र व आयुष्मान योग रहेगा. इस दिन भगवान शिव की पूजा से भक्तों को आरोग्यता व दीर्घायु का आशीष प्राप्त होगा. दूसरा सोमवार 21 जुलाई को पड़ रहा है. इस दिन रोहिणी नक्षत्र, गौरी योग, कामदा एकादशी, सर्वार्थ सिद्धि योग है. इस दिन पूजन से विष्णु-शिव कृपा व सुख-संपत्ति की प्राप्ति होगी. तृतीय सोमवार 28 जुलाई को है. इस दिन पूर्वाफाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, सिंह राशि में चंद्रमा, मंगल गोचर होगा. इस दिन शिव की भक्ति से धन योग व दोष निवारण होगा. वहीं, चौथा सोमवार चार अगस्त को पड़ेगा. इस दिन अनुराधा, ज्येष्ठा नक्षत्र, वृश्चिक चंद्रमा, ब्रह्म और इंद्र योग रहेगा. यह बेहद खास है क्यों कि इस दिन पूजन से कार्य सिद्धि एवं भक्तों की समस्त इच्छापूर्ति होगी. इसके अलावा 22 जुलाई को मंगल प्रदोष एवं छह अगस्त को बुध प्रदोष इन दोनों प्रदोषों पर शिव-पार्वती का युगल पूजन विशेष फलदायी माना गया है. साथ ही मंगला गौरी व्रत करने से मां पार्वती की कृपा से अखंड सौभाग्य और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होगी.

ऐसे करें शिव पूजन और जलाभिषेक

घर में प्राण-प्रतिष्ठित शिवलिंग हो तो वहीं पूजन करें, अन्यथा मंदिर जायें. पंडित सतीश पाठक ने बताया कि सबसे पहले ॐ नमः शम्भवाय च मयो भवाय च… मंत्र का जाप करते हुए शुद्ध जल अर्पित करें. फिर पंचामृत (दूध, दही, शहद, घी, गंगाजल) से अभिषेक करें. शिवलिंग पर मौली, जनेऊ, चंदन-केसर का तिलक करें, फल-नैवेद्य अर्पित करें. पूजन के साथ निरंतर ॐ नमः शिवाय या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें. इस सावन में हर सोमवार हर तिथि अवसर है, शिव को पाने का, आत्मा को पवित्र करने का, और जीवन के कष्टों से मुक्त होने का. इन शुभ योगों में पूजन करने से न केवल अभी का जीवन सुधरेगा, बल्कि आपके पूर्व जन्मों के दोष भी शांत होंगे. उन्होंने बताया कि महामृत्युंजय का जाप फिर अत्यंत फलदायक साबित होगा.

सावन के पहले दिन शिव पूजन के लिए शुभ मुहूर्त

सावन के पहले दिन ब्रह्म मुहूर्त में पूजा का समय सुबह चार बजकर 16 मिनट से लेकर पांच बजकर चार मिनट तक रहेगा. वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर पांच मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. वहीं अमृत चौघड़िया का शुभ मुहूर्त आठ बजकर 27 मिनट से 10 बजकर छह मिनट तक रहेगा. गोधुलि मुहूर्त शाम सात बजकर 22 मिनट से सात बजकर 41 मिनट तक रहेगा. इन शुभ मुहूर्त में महादेव की पूजा अर्चना करना बेहद शुभ होता है. इसके साथ ही प्रदोष काल में पूजा करना लाभदायक है. प्रदोष काल सूर्योदय के बाद का समय होता है. इस अवधि में शिव पूजन करने से आध्यात्मिक उत्थान आप प्राप्त करते हैं.

शहर के शिवालयों में रहेगी श्रद्धालुओं की भीड़

आज सावन की शुरुआत हो रही है. शहर के सभी शिव मंदिर सजकर तैयार हैं. रमेश चौक स्थित महाकाल मंदिर, बुढ़वा महादेव मंदिर, पीएचडी कॉलोनी शिव मंदिर, श्री कृष्णा नगर शिव मंदिर, ओवर ब्रिज स्थित महेश्वर महादेव शिव मंदिर, न्यू एरिया स्थित शिव मंदिर सहित अन्य शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रहेगी. सभी भक्त बाबा को जल अर्पण कर मन की मुरादे मांगेंगे. साथ ही देव के सटवट स्थित शिव मंदिर में विशेष पूजा अर्चना होगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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