औरंगाबाद शहर. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार की अध्यक्षता में सभी न्यायिक पदाधिकारियों की बैठक मध्यस्थता राष्ट्र के लिए द्वितीय चरण अभियान को लेकर की गयी. इसमें प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राज कुमार ने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण ने मध्यस्थता एवं सुलह परियोजना समिति के मार्गदर्शन में विषेश मध्यस्थता अभियान मध्यस्थता राष्ट्र के लिए द्वितीय चरण की शुरूआत होने वाली है जिसके तहत प्रारंभिक स्तर पर वादों का चयन करते हुए सूची उपलब्ध करायी गयी है. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा इस बैठक में सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारित होने वाले वादों का ज्यादा से ज्यादा चयन किया जाए जिससे कि मध्यस्थता राष्ट्र के लिए द्वितीय चरण के तहत अधिक से अधिक मामलों का निस्तारण किया जा सके. प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने कहा कि इस अभियान के तहत तालुका न्यायालयों, जिला न्यायालयों और उच्च न्यायालयों में लंबित मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से निबटाने के लिए 90 दिनों का द्वितीय चरण एक विशेष गहन अभियान के तहत होना है. इस विशेष मध्यस्थता अभियान मध्यस्थता राष्ट्र के लिए द्वितीय चरण अभियान के तहत वैवाहिक विवाद मामले, दुर्घटना दावा मामले, घरेलू हिंसा मामले, चेक बाउंस मामले, वाणिज्यिक विवाद मामले, सेवा मामले, आपराधिक समझौता योग्य मामले, उपभोक्ता विवाद मामले, ऋण वसूली मामले, विभाजन मामले, बेदखली मामले, भूमि अधिग्रहण मामले सहित अन्य उपयुक्त सिविल मामले को मध्यस्थता के माध्यम से निस्तारण किया जायेगा जिसके लिए अलग से तिथि घोषित की जायेगी. उन्होंने बताया कि वादों को निस्तारण में मध्यस्थता का प्रयोग करें. वर्तमान परिस्थिति के अनुरूप मध्यस्थता समय की आवश्यकता है. मध्यस्थता के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वच्छ समाज तथा स्वच्छ पारिवारिक वातावरण के निर्माण में मध्यस्थता का महत्वपूर्ण स्थान होता है.
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