औरंगाबाद में विधि विरुद्ध किशोर को दो माह की सामुदायिक सेवा, ओबरा पीएचसी में करेगा कार्य

औरंगाबाद किशोर न्याय बोर्ड ने विधि विरुद्ध एक किशोर को दो महीने तक सामुदायिक सेवा करने का आदेश दिया है. किशोर को ओबरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सेवाएं देनी होंगी, जहां उसकी पहचान गोपनीय रखी जाएगी.
Aurangabad News: औरंगाबाद किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के प्रधान दंडाधिकारी सह एसीजेएम सुशील प्रसाद सिंह ने एक मामले की सुनवाई करते हुए विधि विरुद्ध एक किशोर को दो महीने तक सामुदायिक सेवा (Community Service) करने का आदेश दिया है. इस आदेश के तहत किशोर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), ओबरा में निर्धारित अवधि तक अपनी सेवाएं देनी होंगी.
यह फैसला जीआर संख्या 306/25, जेजेबी संख्या 1016/26 और दाउदनगर थाना कांड संख्या 638/25 में पारित किया गया.
पहचान गोपनीय रखने के निर्देश
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि न्यायालय के आदेश की प्रति प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, ओबरा पीएचसी को भेजी जा रही है. अस्पताल प्रशासन को सख्त निर्देश दिया गया है कि:
- किशोर से सामुदायिक सेवा सुनिश्चित कराई जाए.
- सेवा के दौरान किशोर की पहचान (Identity) को पूरी तरह गोपनीय रखा जाए.
- दो महीने की सेवा अवधि के दौरान उसके आचरण और व्यवहार से संबंधित रिपोर्ट किशोर न्याय बोर्ड को उपलब्ध कराई जाए.
सामुदायिक सेवा का उद्देश्य
अधिवक्ता ने बताया कि किशोर न्याय प्रणाली के तहत सामुदायिक सेवा का मुख्य उद्देश्य किसी किशोर को सामाजिक परिवेश से अलग या दंडित करने के बजाय उसके व्यवहार में सकारात्मक बदलाव लाना है. इससे किशोर को अपनी गलतियों का अहसास होता है और वह समाज के प्रति अनुशासित व जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित होता है.
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