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जूट की खेती से किसानों की आय में होगी वृद्धि, खेत का अधिकतम उपयोग संभव : मजूमदार

Updated at : 15 Sep 2025 7:28 PM (IST)
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जूट की खेती से किसानों की आय में होगी वृद्धि, खेत का अधिकतम उपयोग संभव : मजूमदार

भारत सरकार के जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जीएम कल्याण कुमार मजूमदार ने दाउदनगर क्षेत्र में जूट की खेती का अवलोकन किया

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जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जीएम कल्याण कुमार मजूमदार ने दाउदनगर क्षेत्र में खेती का किया अवलोकन दाउदनगर. भारत सरकार के जूट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के जीएम कल्याण कुमार मजूमदार ने दाउदनगर क्षेत्र में जूट की खेती का अवलोकन किया. यहां जूट आधारित लघु और कुटीर उद्योगों की स्थापना की संभावना पर विचार-विमर्श किया. भखरुआं बाजार रोड स्थित एक होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि जूट की खेती से किसानों के आय में वृद्धि होगी. दाउदनगर और आस-पास का क्षेत्र जूट की खेती के लिए अत्यंत अनुकूल है. दक्षिण बिहार के दाउदनगर सहित इसके आस-पास का इलाका जूट की खेती के लिए बहुत ही उपयुक्त है. यहां की मिट्टी और जलवायु इस फसल के लिए उपयुक्त मानी जाती है. पहले यहां जूट की खेती नहीं होती थी. सुनने में आया है कि करीब 40- 50 वर्ष पहले यहां जूट की खेती होती थी, लेकिन लंबे समय से होना बंद हो गया. उत्तर बिहार में जूट की खेती होती रही है. जूट की खेती लगभग एक-दो सौ वर्ष पुरानी है. इसकी पद्धति में कुछ बदलाव की आवश्यकता सरकार को महसूस हुई. इस वर्ष दक्षिण बिहार में खलिहान सोसायटी के सहयोग से इस क्षेत्र में जूट की खेती को प्रोत्साहन दिया जा रहा है. क्षेत्र भ्रमण के दौरान यह देखा गया कि किसानों में इसकी खेती को लेकर काफी उत्साह है. इसकी विशेषता यह है कि इसे रवि और खरीफ सीजन के बीच बोया जाता है, जब खेत अक्सर खाली रहते हैं. ऐसे समय में किसान अतिरिक्त फसल को अपनाकर अपनी आय में इजाफा कर सकते हैं. निश्चित तौर पर इस एरिया में अच्छी क्वांटिटी में जुट की खेती होने की संभावना है. यहां के किसानों को प्रशिक्षण देकर उनका स्किल डेवलपमेंट किया जाए तो बहुत सारे लोगों को स्वरोजगार की प्राप्ति हो सकती है. जब अच्छी क्वालिटी के जूट का उत्पादन शुरू हो जाएगा तो यहां व्यापारी भी काफी संख्या में आना शुरू कर देंगे. खलिहान स्वावलंबी कृषक सेवा समिति के डायरेक्टर रविकांत ने बताया कि वर्तमान में औरंगाबाद जिले के दाउदनगर, ओबरा और हसपुरा प्रखंडों के साथ-साथ अरवल जिले के कलेर ब्लॉक में जुट की खेती की जा रही है. करीब 2300 किसानों ने जूट की खेती को अपनाया है.मौके पर क्षेत्रीय प्रबंधक प्रभारी रंजन मुर्मू, सहायक प्रबंधक ऑपरेशन अंशुमान बनर्जी, अंबुज कुमार सिंह आदि उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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