एडोलिसेंट प्रोग्राम फॉर गर्ल्स के तहत तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू् औरंगाबाद नगर. छात्रों को मानसिक एवं सामाजिक स्तर पर सशक्त होना जरूरी है. ये बातें माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ रवि रौशन ने कहीं. वे सोमवार को अनुग्रह इंटर विद्यालय औरंगाबाद में एडोलिसेंट प्रोग्राम फॉर गर्ल्स के तहत आयोजित शिक्षकों के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि किशोरावस्था छात्राओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण अवस्था माना जाता है इस अवस्था में बालिकाओं को विशेष रूप से सशक्त होने की जरूरत है. माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ के साथ समग्र शिक्षा के डीपीओ अमृतेश आर्यन ने संयुक्त रूप से प्रशिक्षण का उद्घाटन किया. समग्र शिक्षा के डीपीओ ने कहा कि किशोरावस्था शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास का एक महत्वपूर्ण चरण है. इस अवस्था में बालिकाओं को विशेष रूप से सशक्त बनाने की जरूरत है. कार्यक्रम के नॉडल इंचार्ज सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि यूनिसेफ एवं बिहार शिक्षा परियोजना के संयुक्त तत्वाधान में तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है. पहले दिन बारुण, औरंगाबाद व देव प्रखंड के शिक्षिकाएं शामिल हुए. उन्होंने बताया कि जिले के सभी प्रखंड के उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षिकाओं को एक दिन का प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है, ताकि वे अपने विद्यालय स्तर पर किशोरी छात्राओं को मानसिक एवं सामाजिक स्तर पर सशक्त एवं मजबूत बना सकें. मास्टर ट्रेनर प्लस टू उच्च विद्यालय लौवावार सिकरिया नवीनगर के शिक्षक मुकुल कुमार पांडेय एवं माध्यमिक विद्यालय बैरांव कुटुंबा की शिक्षिका सुनीता कुमारी ने छात्राओं को मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक स्तर से मजबूत व सशक्त बनाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की. वर्तमान परिवेश में लगातार सामाजिक बदलाव हो रहे हैं. ऐसे समय में जब तक सामाजिक उत्थान के लिए छात्राओं को सशक्त होना जरूरी है. छात्राएं सशक्त होकर समाज को नयी दिशा दे सकती हैं. उन्होंने इससे संबंधित कई तरह के टिप्स भी प्रशिक्षण के दौरान बताया.
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