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औरंगाबाद में बढ़ी ठंड, मौसम में उतार-चढ़ाव से स्वास्थ्य व कृषि प्रभावित

Updated at : 02 Dec 2025 7:09 PM (IST)
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औरंगाबाद में बढ़ी ठंड, मौसम में उतार-चढ़ाव से स्वास्थ्य व कृषि प्रभावित

पछुआ हवा के साथ सुबह-शाम तेज ठंड, धूप सुहानी पर स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर, अस्पतालों में लग रही मरीजों की भीड़, स्कूली बच्चो को सुबह में हो रही दिक्कत

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पछुआ हवा के साथ सुबह-शाम तेज ठंड, धूप सुहानी पर स्वास्थ्य पर पड़ रहा असर

अस्पतालों में लग रही मरीजों की भीड़, स्कूली बच्चो को सुबह में हो रही दिक्कत

अंबा. मौसम में उतार-चढ़ाव के कारण कभी सुबह हल्का कुहासा तो कभी आसमान में छिटपुट बादल छा रहे हैं. इसी बीच दिन-प्रतिदिन तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है. पछुआ हवा के प्रभाव से सुबह और शाम तेज ठंड महसूस हो रही है, जबकि दिन में धूप सुहानी लग रही है. सोमवार को अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री तथा मंगलवार को न्यूनतम तापमान 11.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो अचानक आई ठंड का संकेत है. तापमान में कमी से वातावरण पूरी तरह प्रभावित हो गया है और इसका प्रतिकूल प्रभाव मनुष्य और पशु स्वास्थ्य पर पड़ रहा है. बीते शाम को सूर्य ढलते ही कनकनी बढ़ गई और कमरे का तापमान भी ठंडा हो गया. मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि ठंड औरंगाबाद के साथ-साथ पूरे प्रदेश में अपना प्रभाव दिखा सकती है. ऐसे मौसम में हर नागरिक को सचेत रहने की जरूरत है, खासकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. पशुपालकों को भी अपने पशुओं के रखरखाव में सतर्क रहने की आवश्यकता है. ठंड बढ़ने से स्कूली बच्चे सुबह स्कूल, कोचिंग या ट्यूशन पढ़ने जाने में परेशान हो रहे हैं.

ठंडी बढ़ने से बढ़ रही बीमारियां

जैसे-जैसे तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है, ठंड बढ़ रही है. इस मौसम में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है. रेफरल अस्पताल कुटुंबा में मरीजों की भीड़ लग रही है. होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. रमेश कुमार मिश्र ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी और बताया कि सुबह-शाम गर्म कपड़ों का प्रयोग करें. टंकी का ठंडा पानी पीने या उससे स्नान करने से बचें. हमेशा ताजा पानी का सेवन करें. छोटे बच्चे और बुजुर्गों के स्वास्थ्य के प्रति सभी को सावधानी बरतनी चाहिए. रेफरल अस्पताल कुटुंबा के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नवल किशोर सिंह और सूचित कुमार पांडेय का कहना है कि मौसम में तेजी से हो रहे बदलाव के कारण अगले कुछ दिनों तक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं. उन्होंने बताया कि अस्पताल की ओपीडी और इनडोर में सर्दी-जुकाम, बुखार, कय-दस्त और पेट दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं.

क्या बताते हैं मौसम वैज्ञानिक

मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप कुमार चौबे ने बताया कि औरंगाबाद में पछुआ हवाओं के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में काफी अंतर दर्ज हो रहा है. आने वाले दिनों में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में और कमी आने की संभावना है. मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी पांच दिनों तक अधिकतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 10 से 11 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है. पिछले वर्षों में दिसंबर माह के अंत में ठंड पड़ती थी, लेकिन इस बार नवंबर माह से ही ठंड शुरू हो गई है, जो कृषि के दृष्टि से लाभदायक है. ठंडी के मौसम में रबी फसलों की बुवाई से अंकुरण सही होता है और उपज अच्छी रहती है. तापमान में अत्यधिक कमी आने पर बीज के अंकुरण पर असर पड़ सकता है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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