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हीटवेव से बचाव के लिए अस्पताल तैयार

Updated at : 25 Apr 2025 6:45 PM (IST)
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हीटवेव से बचाव के लिए अस्पताल तैयार

औरंगाबाद न्यूज : अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त, ऑक्सीजन प्लांट खरा

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औरंगाबाद न्यूज : अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं दुरूस्त, ऑक्सीजन प्लांट खराब

प्रतिनिधि,

दाउदनगर.

इन दिनों भीषण गर्मी पड़ रही है. गर्मी में तापमान बढ़ा हुआ है. ऐसी स्थिति में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है. भीषण गर्मी व तेज धूप के कारण दोपहर होते ही सड़क पर सन्नाटा सा पसरा दिख रहा है. वहीं, दूसरी ओर हीटवेव से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह से सतर्क है. अनुमंडल अस्पताल में दाउदनगर में हीटवेव से बचाव व इलाज के लिए आवश्यक व्यवस्था कर ली गयी है. दो वार्डों में कुल 16 बेड बनाये गये हैं. उपाधीक्षक डॉ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि दो स्पेशल वार्ड बनाये गये हैं, जिसमें 16 बेड लगाये गये हैं. एसी, ऑक्सीजन, फ्लूड, दवा व ओआरएस आदि की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था है. 21 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं. रोस्टर के अनुसार चिकित्सक व जीएनएम की तैनाती की गयी है. हालांकि, अनुमंडल अस्पताल में हीटवेव का कोई मरीज नहीं पहुंचा है. अनुमंडल अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ राजेश कुमार सिंह ने बताया कि इस भीषण गर्मी में लू से बचने के लिए लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए. शरीर में ग्लूकोज की कमी नहीं हो पाये, इसके लिए अधिक पानी पीना चाहिए. हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए. जितना संभव हो सके, कड़ी धूप में निकलने से बचना चाहिए. पूरी तरह सावधानी बरतने की जरूरत है.

छह महीने से ऑक्सीजन प्लांट खराब

बिहार सरकार की ओर से अनुमंडल अस्पतालों में सुविधाजनक तरीके से ऑक्सीजन उपलब्ध कराने के लिए ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था, लेकिन अनुमंडल अस्पताल का ऑक्सीजन प्लान लगभग छह महीनों से खराब है. इसे अभी तक बनाया नहीं गया है. ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे काम चलाया जा रहा है. कोरोना काल के समय ऑक्सीजन प्लांट बनाया गया था. सूत्रों से पता चला कि दूसरे राज्य की एजेंसी द्वारा ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया था, जिसके वारंटी का समय समाप्त हो चुका है. जब उस एजेंसी से संपर्क किया गया, तो उसके इंजीनियर के विजयवाड़ा से आकर एक विजिट का 30 हजार रुपये खर्च आ रहा है. विजिट के बाद पता चलेगा कि किस उपकरण की आवश्यकता है. विभागीय स्तर पर पत्र व्यवहार किया गया है. ऑक्सीजन के लिए वैकल्पिक रूप से 30 बड़े सिलेंडर हैं, जिससे 24 गुणा सात घंटे ओटी रूम के साथ-साथ 55 बेडों तक ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है. बारुण में रिफिलिंग सेंटर से सिलेंडर में ऑक्सीजन भराया जा रहा है. उपाधीक्षक ने बताया कि विभागीय स्तर पर इस संबंध में पत्र व्यवहार किया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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