बारिश से नदियों में उफान, बतरे-बटाने का रौद्र रूप

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 15 Sep 2024 9:38 PM

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औरंगाबाद न्यूज : झारखंड में मूसलाधार बारिश से 48 वर्षों के बाद दिखा बतरे नदी पुल के ऊपर पानी

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औरंगाबाद न्यूज : झारखंड में मूसलाधार बारिश से 48 वर्षों के बाद दिखा बतरे नदी पुल के ऊपर पानी

औरंगाबाद/कुटुंबा.

कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र व झारखंड के पठारी भाग में शनिवार की रात हुई मूसलाधार बारिश से कुटुंबा प्रखंड के आधे से अधिक का इलाका जलमग्न हो गया. बाढ़ की भयावह स्थिति बन गयी. झारखंड के पठारी भाग में मूसलाधार बारिश होने से कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र होकर गुजरने वाली सभी नदियां उफान पर आ गयीं. बतरे, बटाने, रामरेखा व पनछहिया नदी का रौद्र रूप देखकर हर कोई सहम गया. रविवार की सुबह लोगों ने नदी में पानी की धार बढ़ते देखा, पर ऐसा नहीं सोचा था कि पानी की बढ़ रही धारा एकाएक बाढ़ का रूप धारण कर लेगी. देखते ही देखते नदी में पानी काफी बढ़ गया और फिर कुछ ही देर में कई घरों में पानी घुस गया. प्रखंड मुख्यालय अंबा बाजार के पूरब बटाने नदी में तथा पश्चिम बतरे नदी में पानी बढ़ने से अंबा के लोगों की हालत काफी खराब हो गयी. देव रोड में बटाने नदी पर बना काउजवे बाढ़ के पानी में समा गया. पूरे दिन आवागमन ठप रहा. इधर, अंबा नवीनगर रोड स्थित बतरे नदी के पुल के ऊपर से बाढ़ का पानी बहने लगा. बतरे नदी में बाढ़ आने से नदी तट पर बसे महादलित टोला सोना बिगहा के कई घरों में पानी घुस गया है. ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भुवनेश्वर भुइयां, कमलेश भुइयां एवं रंजीत डोम के घर में पानी घुसने से अनाज एवं अन्य सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गयी. इसके साथ ही नदी की धारा में बर्तन भी बह गये. इनके अलावा भी कई घरों में भी पानी घुसा. हालांकि, उन्हें क्षति काफी कम हुई. इधर, महिला कॉलेज मुड़िला-अंबा व उसके आसपास कई घरों में पानी घुस गया. कॉलेज में जाने वाला रास्ता पर पूरी तरह पानी भर गया. मुडिला गांव निवासी गहन भुइयां का घर पूरी तरह ध्वस्त हो गया है.

नदी की धारा बाजार के नाले में घुसी, लाखों का नुकसान

बतरे नदी में एकाएक बाढ़ का पानी आ जाने से काफी परेशानी हुई. विगत कई वर्षों से तेज पानी नहीं आने के कारण नदी जहां-तहां कूड़े कचरों से भर गयी थी. ऐसे में पानी निकासी के लिए जगह नहीं मिलने पर नदी की धारा मुड़कर अंबा की ओर से निकलने वाले नाले में समा गयी. इससे पासवान मुहल्ले की ओर जाने वाले रास्ते पर जलजमाव हो गया. बघेल भवन के समीप कैंब्रिज क्लासेस में पानी घुसने से हजारों की क्षति हुई. वहीं सोनी प्लाई हाउस एवं अन्य दुकान के गोदाम में पानी घुसने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ. गोदाम में रखे पलाइ, सनमाइका एवं अन्य सामग्री बचाने के लिए दुकानदार उसे दूसरी जगह रखने का प्रयास करने लगे. हालांकि, उनके द्वारा किया गया प्रयास सफल नहीं दिख रहा था. समान डूब जाने से उन्हें लाखों रुपये की क्षति हुई है. यूं कहें, तो एनएच 139 के पश्चिम वाले इलाका के दर्जनों घर में पानी घुसने से क्षति हुई है. इधर, बभंडीह स्थित पंचदेव धाम गौशाला में पानी की तेज धार से परेशानी हुई. समीप में बटुरी बिहार में भी घरों तक पानी पहुंच गया. गांव के नंदू यादव की गौशाला डूब गयी. लोगों ने सुरक्षात्मक दृष्टि से पशुओं को दूसरी जगह हटाया. हालांकि, पशुधन की कोई खास क्षति नहीं हुई है. इधर, लभरी खुर्द, नेउरा, परसावां अदि कई गांवों का बधार एवं रास्ता भी पूरी तरह डूब गया. जनता कॉलेज के समीप जन सहयोग से बनाया गया काउजवे व पंचदेव धाम चपरा जाने के लिए बतरे नदी पर बनी पुलिया पानी में समा गयी. पुलिया के ऊपर पानी की धारा इतनी तेज थी कि लोग यह समझ नहीं पा रहे थे कि पुलिया है या फिर पानी की धारा में बह गयी. इस दौरान सतबहिनी मंदिर के आसपास से लेकर घेउरा गांव के किनारे के लोगो को मुसीबत के दौर से गुजरना पड़ा.

बटाने नदी ने मचायी तबाही, घंटों फंसे रहे दर्जनों लोग

बटाने नदी का रौद्र रूप, तो बतरे से भी अधिक भयावह रहा. अंबा देव रोड पर बनी पुलिया के ऊपर से पानी का बहाव होने से पूरे दिन आवागमन बाधित रहा. लोगों की मानें, तो सड़क निर्माण कंपनी की ओर से बनाया गया डायवर्सन भी पानी में बह गया. हालांकि, डायवर्सन बहा या नहीं, यह तो नदी में पानी कम होने के बाद ही पता चल सकता है. इधर, घेउरा गांव के कई लोग बटाने नदी की बाढ़ में फंस गये. जानकारी के अनुसार, घेउरा गांव के शैलेंद्र पासवान, गोपाल पासवान, अजय पासवान, अवधेश पासवान, अनुज पासवान, नेउरा सूरजमल गांव के पवन राम, विकास राम किसी कार्य से नदी की ओर आये, तभी एकाएक बाढ़ आने से सभी बुरी तरह फंस गये. लोगों ने उन्हें फंसे देखकर प्रशासन को इसकी सूचना दी, पर हर लोग मूकदर्शक बने रहे. हालांकि, सीओ चंद्रप्रकाश एवं थाना अध्यक्ष सुनील कुमार उन्हें किसी तरह बचाने में लगे थे, पर उनकी तरकीब भी कुछ काम नहीं आ रही थी. लोग जिला प्रशासन से एसडीआरएफ की टीम भेजने की गुहार लगाते रहे थे.

गांव की महिला ने दिखाई बहादुरी, बचायी जान

घेउरा गांव के तकरीबन छह से सात लोग जब पानी के बीच फंस गये, तो सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोग एवं प्रशासन के अधिकारी मूकदर्शक बने रहे. इस बीच गांव की ही एक महिला लक्ष्मीनिया देवी ने अपनी बहादुरी दिखायी. वह अपनी जान की परवाह किये बगैर तेज धार में कूद पड़ी और फंसे लोगों की जान बचायी. बैराव पंचायत के मुखिया सिकंदर यादव ने भरपूर सहयोग पहुंचाया. वहीं फंसे लोगों की जान बचाने में शिक्षक वेद प्रकाश तिवारी की भूमिका भी सराहनीय रही. इनके अलावा घेउरा गांव के ही प्रदीप कुमार, अरविंद पासवान, लव कुश पासवान, प्रकाश पासवान, परवील पासवान, सुनील कुमार, अनिल पासवान, पिंटू पासवान, बृहस्पत पासवान, मंटू कुमार के भरपूर प्रयास से उन्हें बाहर निकाला गया. लोगों ने ट्यूब को रस्सा से बांधकर लोगों तक पहुंचा और फंसे हुए लोगों को ट्यूब के सहारे बाहर निकाला. अपनी जान की परवाह किये बगैर महिला की बहादुरी का लोगों ने सराहना की.

रामरेखा व पनछहिया नदियाें का पानी भी गांवों में घुसारामरेखा व पनछहिया नदियों की बाढ़ का पानी ने आसपास के ग्रामीण इलाकों में तबाही मचाकर रख दिया. जानकारी के अनुसार, रामरेखा नदी का पानी गोल गरिवा, खैरा विशुनपुर, पाढ़ी, चांद खाप आदि कई गांवों तक पहुंच गया. इससे आवागमन बाधित रहा. खैरा विशुनपुर स्कूल में भी नदी की बाढ़ का पानी घुस गया. वहीं कई घरों में पानी घुस जाने से हजारों की क्षति हुई. इधर, पनछहिया नदी का पानी मिर्जापुर, कुटुंबा, सुही, दूधमी आदि गांवों के बधार में तबाही मचायी. आसपास के कई गांवों में भी पानी जा घुसा है.

दो-तीन दिनों तक होगी बारिशमौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप कुमार चौबे ने बताया कि तीन-चार दिनों तक आसमान में काले बादल छाये रहेंगे. इस दौरान मध्यम से लेकर भारी बारिश होने से इंकार नहीं किया जा सकता है. बिहार व पूर्वी भारत में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है. उन्होंने बताया कि मौसम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी सोमवार व बुधवार को वातावरण का अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस, मंगलवार को 27 डिग्री, गुरुवार को 34 डिग्री और शुक्रवार को 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जायेगा. इस बीच न्यूनतम तापमान में 24 से 26.5 डिग्री सेल्सियस तक रहेगा. उन्होंने बताया कि मौसम विभाग आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट किया है. ऐसे में हर व्यक्ति को सुरक्षित और सचेत रहने की जरूरत है.

सबसे अधिक नवीनगर व कुटुंबा में बारिशकुटुंबा व नवीनगर के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ का कहर व्याप्त है. इधर, कई दिनो से कभी थमकर कभी झमाझम बारिश का दौर जारी है. इस दौरान शनिवार की देर शाम से लेकर रविवार की सुबह तक लगातार बारिश हुई. हर जगह बाढ़ का नजारा देखने को मिल रहा है. जिला सांख्यिकीय विभाग से प्राप्त आकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे के अंदर नवीनगर प्रखंड में सबसे अधिक 198.4 एमएम तथा कुटुंबा में 113.6 एमएम बारिश हुई है. एसएसओ ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि सदर प्रखंड में 25.4 एमएम, बारूण में 14.4, दाउदनगर में 2.7, देव में 65.4, गोह में 9.4, हसपुरा में 11.4, मदनुपर में 20.2, ओबरा में 3.6 तथा रफीगंज प्रखंड में 20.6 एमएम बारिश हुई है. उन्होंने बताया कि सभी प्रखंडों को मिलाकर कुल 440.8 यानी औसतन 36.8 एमएम बारिश हुई है. उन्होंने बताया कि इस बार इससे अधिक कई बार बारिश रिकार्ड किया गया है.

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