औरंगाबाद में बारिश ने छोड़ा साथ, फिर भी नहीं टूटा किसानों का हौसला, समरसेबल के सहारे शुरू हुई धान की रोपाई

बिछड़े उखाड़ते किसान मजदूर गीत गाते हुए रोपनी करती महिलाएं
औरंगाबाद में खरीफ सीजन की शुरुआत बारिश की कमी से हुई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है. इसके बावजूद, वे समरसेबल मोटरों के सहारे धान की रोपाई शुरू कर रहे हैं, भले ही सिंचाई की लागत बढ़ गई हो.
खरीफ सीजन की शुरुआत में ही बारिश की बेरुखी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. पिछले एक सप्ताह से क्षेत्र में बारिश नहीं होने के कारण खेत सूखे पड़े हैं. वहीं उत्तर कोयल नहर परियोजना के बसडीहा कैनाल में भी सिंचाई के लिए पानी नहीं छोड़ा गया है. ऐसे में साधन-संपन्न किसान समरसेबल मोटर के सहारे खेतों में पानी भरकर किसी तरह धान की रोपाई शुरू कर रहे हैं.
समरसेबल के सहारे बचाई जा रही खेती
मंगलवार को कुटुंबा प्रखंड के रसलपुर गांव में खरीफ सीजन की पहली धान की रोपाई की गई. तेज धूप और विपरीत मौसम के बावजूद किसान सुबह से ही बिचड़ा उखाड़ने और खेत तैयार करने में जुटे रहे. महिलाओं ने पारंपरिक रोपनी गीत गाते हुए धान की रोपाई की, जिससे खेतों में उत्साह का माहौल देखने को मिला.
किसानों ने बताई बढ़ती सिंचाई लागत
रसलपुर गांव के किसान शिवनाथ पांडेय ने बताया कि लगातार बारिश नहीं होने और बसडीहा कैनाल में पानी नहीं छोड़े जाने से समरसेबल मोटर ही खेती का एकमात्र सहारा बन गया है. उन्होंने कहा कि तेज धूप के कारण खेतों में अधिक पानी देना पड़ रहा है, जिससे सिंचाई का खर्च लगातार बढ़ रहा है. इसके बावजूद किसान समय पर रोपाई पूरी करने का प्रयास कर रहे हैं.
मौसम की मार के बीच भी कायम है हौसला
किसानों का कहना है कि अब खेती पूरी तरह मौसम पर निर्भर नहीं रह सकती. हर साल कभी सूखा तो कभी अतिवृष्टि जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है. इसके बावजूद खेती छोड़ना संभव नहीं है. किसानों का कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका है और कठिन परिस्थितियों में भी वे अपना हौसला कमजोर नहीं होने देंगे.
देरी से रोपाई होने पर घट सकती है उपज
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई का महीना धान की रोपाई के लिए सबसे उपयुक्त समय होता है. यदि जल्द अच्छी बारिश नहीं हुई और नहरों में पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो रोपाई प्रभावित होगी, जिससे खरीफ फसल का उत्पादन घट सकता है. किसानों ने प्रशासन और सिंचाई विभाग से उत्तर कोयल नहर के बसडीहा कैनाल में जल्द पानी छोड़ने और सिंचाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










