औरंगाबाद में धनीवार मिडिल स्कूल की बदहाल व्यवस्था उजागर, 362 में सिर्फ 108 बच्चे पहुंचे, कई दिनों से नहीं बन रहा भोजन

एमडीएम व्यवस्था की जानकारी देते रसोइया
औरंगाबाद के धनीवार मिडिल स्कूल में शैक्षणिक अव्यवस्था और मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) संचालन की स्थिति गंभीर है. परिसर और कक्षाओं में गंदगी, बच्चों का कक्षा में सोते मिलना, और निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन न मिलना जैसी समस्याएं उजागर हुई हैं. 362 नामांकित छात्रों में से केवल 108 ही उपस्थित मिले, जिस पर एमडीएम की अनियमितता का असर पड़ रहा है. रसोइयों ने खाद्यान्न और ईंधन की समस्या बताई, जबकि हेडमास्टर ने मजबूरी जताई. मामले की जांच की जा रही है.
प्रखंड क्षेत्र के धनीवार मिडिल स्कूल में शैक्षणिक व्यवस्था और मध्यान्ह भोजन (एमडीएम) संचालन की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. अभिभावकों की शिकायत के बाद जब मीडिया ने विद्यालय का जायजा लिया तो परिसर और कई कक्षाओं में गंदगी मिली. कुछ बच्चे कक्षा में सोते हुए मिले, जबकि कई छात्र-छात्राएं अपनी बेंच और डेस्क स्वयं साफ करते नजर आए. आठवीं कक्षा में पढ़ाई के दौरान सफाईकर्मी झाड़ू लगाती दिखी.
मीनू के अनुसार नहीं मिल रहा मध्यान्ह भोजन
विद्यालय के बच्चों ने बताया कि उन्हें कई दिनों से निर्धारित मीनू के अनुसार मध्यान्ह भोजन नहीं मिल रहा है. कई बार स्कूल में चूल्हा तक नहीं जलता. शिक्षकों ने भी स्वीकार किया कि पिछले सप्ताह सोमवार और मंगलवार को एमडीएम नहीं बना था. इसके बावजूद विभाग को बच्चों को भोजन कराए जाने की रिपोर्ट भेजी गई, जिस पर सवाल उठ रहे हैं.
362 नामांकित, लेकिन सिर्फ 108 बच्चे पहुंचे
विद्यालय में कक्षा एक से पांच तक 153 और कक्षा छह से आठ तक 209, यानी कुल 362 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. निरीक्षण के दौरान मात्र 108 बच्चे ही उपस्थित मिले. प्रथम कक्षा में नौ ऐसे बच्चे भी मिले, जिनका नाम उपस्थिति पंजी में दर्ज नहीं था. शिक्षकों का कहना है कि एमडीएम की अनियमितता का असर बच्चों की उपस्थिति पर भी पड़ रहा है.
रसोइयों ने बताई खाद्यान्न और ईंधन की समस्या
विद्यालय की रसोइया सरिता देवी और मुन्नी देवी ने बताया कि समय पर खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया जाता. साथ ही गैस चूल्हे का उपयोग करने की अनुमति भी नहीं मिलती. गीले जलावन से भोजन बनाना मुश्किल हो जाता है, जिससे एमडीएम संचालन प्रभावित हो रहा है. उन्होंने बताया कि कई बार मजबूरी में वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ती है.
हेडमास्टर ने बताई अपनी मजबूरी
हेडमास्टर ममता कुमारी ने कहा कि एमडीएम नहीं बनने के बावजूद विभाग को रिपोर्ट भेजना उनकी मजबूरी है. उन्होंने बताया कि जिस दिन भोजन नहीं बना, उस दिन वे प्रभार में नहीं थीं. उनका कहना है कि विद्यालय से बाहर रहने की स्थिति में अन्य शिक्षक प्रभार लेने के लिए तैयार नहीं होते. उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित स्कूल भेजने की भी अपील की.
बीईओ ने जांच का दिया भरोसा
प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी रणविजय कुमार ने बताया कि धनीवार मिडिल स्कूल का निरीक्षण कर पूरे मामले की जांच की जाएगी. यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए वरीय अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी.
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