औरंगाबाद: प्रशासनिक व तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हुई 12 सिंचाई योजनाएं, डीएम ने दिए त्वरित समाधान के निर्देश

अधिकारियों के साथ बैठक करतीं जिलाधिकारी
औरंगाबाद में 12 महत्वपूर्ण सिंचाई योजनाएं अब तक शुरू नहीं हो पाई हैं. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने बैठक में अधिकारियों को इन बाधाओं को दूर कर योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए हैं.
Aurangabad News: औरंगाबाद समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा की अध्यक्षता में जल संसाधन विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न सिंचाई एवं नहर पुनर्स्थापन योजनाओं की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई. इस बैठक में सिंचाई प्रमंडल दाउदनगर, सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमंडल औरंगाबाद तथा सोन उच्चस्तरीय नहर प्रमंडल टेकारी के तहत चल रही योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई. समीक्षा के दौरान कुल 31 प्रमुख योजनाओं की प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, कार्य प्रगति, वित्तीय व्यय तथा शेष बचे कार्यों का बिंदुवार आकलन किया गया.
अठारह योजनाओं का कार्य पूर्ण
औरंगाबाद की इस बैठक में विभागीय अधिकारियों ने अवगत कराया कि समीक्षा के लिए निर्धारित कुल 31 योजनाओं में से 18 योजनाओं का भौतिक कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुका है अथवा वे अपने अंतिम चरण में हैं, जबकि एक अन्य महत्वपूर्ण योजना पर वर्तमान में कार्य प्रगति पर है. इसके विपरीत, कुल 12 ऐसी सिंचाई योजनाएं हैं जो विभिन्न जटिल प्रशासनिक एवं तकनीकी कारणों से धरातल पर अब तक शुरू नहीं की जा सकी हैं, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी चिंता व्यक्त की.
योजना कोड नहीं मिलना बना मुख्य कारण
बैठक में लंबित कार्यों की जानकारी देते हुए बताया गया कि कई योजनाओं में अब तक आधिकारिक योजना कोड निर्गत नहीं होने, पूर्व में अन्य विभागीय योजनाओं के माध्यम से कुछ कार्य संपादित हो जाने, आउटलेट निर्माण लंबित रहने तथा हालिया वर्षा और नहरों में लगातार हो रहे जल प्रवाह के कारण कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है. इन सभी योजनाओं के तहत मुख्य नहर, राजवाहा, वितरिणी, ग्रामीण नाला, गाद सफाई, जंगल सफाई, आउटलेट निर्माण और मरम्मत जैसे आवश्यक कार्य कराए जा रहे हैं.
लागत दस लाख से अधिक होने पर फंसा पेंच
औरंगाबाद के अधिकारियों ने बताया कि कई योजनाओं में धरातल पर भौतिक कार्य पूरा हो चुका है तथा मापी (मेजरमेंट) और अंतिम भुगतान की प्रक्रिया जारी है. वहीं, कुछ नई योजनाओं में अनुमानित लागत 10 लाख रुपये से अधिक होने के कारण मुख्यालय स्तर से योजना कोड निर्गत करने की प्रशासनिक प्रक्रिया चल रही है, जिसके पूरा होते ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा ने संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को कड़ा निर्देश दिया कि जिन योजनाओं पर कार्य चल रहा है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराया जाए.
साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश
डीएम ने स्पष्ट कहा कि जिन योजनाओं में तकनीकी अथवा प्रशासनिक पेंच के कारण कार्य लंबित है, उनका संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रुचि लेकर शीघ्र समाधान निकालें और कार्य प्रारंभ कराएं. उन्होंने वर्षा अथवा नहरों में जल प्रवाह के कारण रुकी योजनाओं में परिस्थितियां अनुकूल होते ही युद्धस्तर पर तेजी से काम शुरू करने को कहा. डीएम ने जोर देते हुए कहा कि किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने प्रत्येक कार्यपालक अभियंता को साप्ताहिक प्रगति की समीक्षा कर अद्यतन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया. बैठक में डीआरडीए निदेशक अनुपम कुमार, डीपीओ मनरेगा सहित कई अधिकारी उपस्थित थे.
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