दाउदनगर में अनुमंडल कृषि कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू

Updated at : 21 Apr 2025 5:41 PM (IST)
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दाउदनगर में अनुमंडल कृषि कार्यालय का निर्माण कार्य शुरू

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किसानों को मिल सकेगा कृषि से संबंधित सभी योजनाओं का लाभ

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दाउदनगर. अनुमंडल की स्थापना के लगभग 34 वर्षों बाद एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि दाउदनगर के साथ जुड़ने जा रहा है. दाउदनगर में अनुमंडल कृषि कार्यालय का निर्माण हो रहा है. इसके निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गयी है. प्रखंड इ-किसान भवन में 1800 स्क्वायर फीट में दो मंजिला अनुमंडल कृषि कार्यालय का निर्माण कराया जा रहा है. इसमें अनुमंडल कृषि पदाधिकारी का कार्यालय, अनुमंडल उद्यान पदाधिकारी, मिट्टी जांच प्रयोगशाला पदाधिकारी, सहायक निदेशक कृषि अभियंत्रण का भी कार्यालय होगा. वैसे, दाउदनगर में अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जांच प्रयोगशाला की शुरुआत हो चुकी है. हालांकि, लगभग चार साल पहले ही दाउदनगर में अनुमंडल कृषि पदाधिकारी की पदस्थापना हो चुकी है. प्रखंड इ-किसान भवन के ऊपरी तल्ले के एक कमरे में कार्यालय है. उनके कार्यालय में फिलहाल एक क्लर्क और एक आदेश पाल है. लेकिन अब सरकार द्वारा अनुमंडल कृषि पदाधिकारी का अलग कार्यालय बनाया जा रहा है, जिससे अनुमंडल क्षेत्र के किसानों को कभी काफी लाभ मिलेगा.

किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाना उद्देश्य

सूत्रों से पता चला कि कृषि योजनाओं की निगरानी बेहतर तरीके से करने और किसानों तक उसका अधिकतम लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने नयी कार्य योजना तैयार की है. कृषि योजनाओं की निगरानी अनुमंडल स्तर पर करने का सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है. वैसे कृषि योजनाओं का अनुश्रवण जिला स्तर पर जिला कृषि पदाधिकारी के माध्यम से किया जाता रहा है. जिला कृषि पदाधिकारी पर कार्यों की बहुत बड़ी जवाबदेही होती है. इसे अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को भी दिया गया है. सूत्रों से पता चला कि अनुमंडल कृषि पदाधिकारी को विभाग की 19 योजनाओं का जिम्मा सौंपा गया है. नयी व्यवस्था के तहत योजनाओं में के कार्यान्वयन में काफी तेजी आयेगी. किसानों को पहले की अपेक्षा अधिक तेजी से योजनाओं का लाभ मिलेगा. बीज वितरण, फसल प्रत्यक्षण कार्य, बीजोत्पादन, किसान पाठशाला, किसान चौपाल, पंचायत कृषि कार्यालय का परिचालन, प्रक्षेत्रों की चहारदीवारी व गेट निर्माण, इ-किसान भवन, गोदाम निर्माण, प्रखंड कृषि पदाधिकारी व कृषि समन्वयक की उपस्थिति, जलवायु अनुकूल कृषि, डीजल अनुदान, कृषि इनपुट अनुदान, आकस्मिक फसल योजना, फार्म रजिस्ट्री, डिजिटल क्रॉप सर्वे, जैविक खेती, वर्मी पीट गोबर गैस निर्माण, आत्मा की ओर से आयोजित प्रशिक्षण समेत अन्य कार्यक्रम एवं समय-समय पर कृषि विभाग व जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा दिए गए कार्यों का निष्पादन करना है.

चार प्रखंडों को मिलेगा लाभ

अनुमंडल कृषि कार्यालय से चार प्रखंडों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा. दाउदनगर, ओबरा, गोह व हसपुरा के किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे. जिन कार्यों के लिए उन्हें जिला कृषि पदाधिकारी कार्यालय जाना पड़ता है, उनमें से अधिकांश कार्य उनके अनुमंडल स्तर पर ही हो सकेंगे. अनुमंडल कृषि कार्यालय किसानों को कृषि योजनाओं सब्सिडी और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधान मंत्री फसल बीमा योजना और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के बारे में जानकारी प्रदान करता है. किसानों को उनकी फसलों के बारे में सलाह और मार्गदर्शन प्रदान करता है. अनुमंडल उद्यान पदाधिकारी के रहने से उद्यान विभाग की योजनाओं का लाभ किसानों को मिल सकेगा. इन योजनाओं में अनुदानित दर पर किसान पौधारोपण कर सकेंगे, जिसमें सरकार द्वारा सब्सिडी मिलती है. जल जीवन हरियाली के तहत कार्य होगा फलदार वृक्ष लगाने पर सरकार का अधिक बल है. सरकार की इस योजना के कार्यान्वयन सहायक होगा. दाउदनगर में मिट्टी जांच प्रयोगशाला खुल गया है मिट्टी जांच प्रयोगशाला के पदाधिकारी अनुमंडल स्तर पर ही बैठ सकेंगे. किसानों को मिट्टी रिपोर्ट कार्ड अनुमंडल स्तर से ही मिल जाएगी .हालांकि, इसकी शुरुआत दाउदनगर में हो चुकी है. सहायक कृषि निदेशक कृषि अभियंत्रण की पदस्थापना से किसानों को यह लाभ मिलेगा कि उन्हें कृषि यांत्रीकरण के बारे में स्थानीय स्तर से जानकारी मिल सकेगी और इसका लाभ उठा सकेंगे. कृषि यांत्रीकरण योजना में सब्सिडी का लाभ लेने के लिए संबंधित कार्य अनुमंडल स्तर से ही निबटाये जायेंगे. वर्तमान में स्थिति यह है कि संबंधित कार्यों के लिए लोगों को किसानों को जिला कृषि कार्यालय जाना पड़ता है. सूत्रों से पता चला कि लगभग चार वर्ष पहले अनुमंडल कृषि पदाधिकारी की पदस्थापना तो हो चुकी है. लेकिन, उनका कार्य अनुमंडल स्तर पर राजकीय बीज गुणन प्रक्षेत्र का संचालन करवाना, अनुमंडल स्तरीय कृषि विभाग की योजनाओं का अनुश्रवण करने तक ही सीमित होकर रह गया है.

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SUJIT KUMAR

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