ePaper

दाउदनगर में लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय पड़े अनुपयोगी

Updated at : 24 Dec 2025 5:42 PM (IST)
विज्ञापन
दाउदनगर में लाखों की लागत से बने सामुदायिक शौचालय पड़े अनुपयोगी

दिशा बैठक में उठा मामला, भखरुआं मोड़ पर सामुदायिक शौचालय बनवाने की उठ रही मांग

विज्ञापन

दिशा बैठक में उठा मामला, भखरुआं मोड़ पर सामुदायिक शौचालय बनवाने की उठ रही मांग

दाउदनगर. मंगलवार को जिला मुख्यालय में आयोजित दिशा की बैठक में दाउदनगर में सार्वजनिक व सामुदायिक शौचालय निर्माण का मुद्दा जोरशोर से उठा. बैठक में यह सवाल सामने आया कि दाउदनगर अनुमंडल क्षेत्र में शौचालयों की आवश्यकता होने के बावजूद कई बने हुए शौचालय आज भी आम जनता के उपयोग के लिए चालू नहीं हो सके हैं. दाउदनगर अनुमंडल मुख्यालय के भखरुआं मोड़ पर सार्वजनिक शौचालय की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही है. यह इलाका अत्यंत व्यस्ततम है और यातायात व व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. इसके बावजूद यहां अब तक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है. वहीं दूसरी ओर, दाउदनगर में ऐसे तीन सामुदायिक शौचालय हैं, जिनका निर्माण तो हो चुका है, उद्घाटन की औपचारिकता भी पूरी कर ली गयी है, लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी इन्हें आम लोगों के लिए चालू नहीं कराया जा सका है. इन शौचालयों में न तो आवश्यक सुविधाएं मुहैया करायी गयी हैं और न ही संचालन की कोई ठोस व्यवस्था की गयी है. ये तीनों शौचालय जिला पर्षद द्वारा बनवाये गये हैं.

दो शौचालय उद्घाटन के 14 महीने बाद भी नहीं हो सके चालू, तीसरा बन कर तैयार

अनुमंडल कार्यालय परिसर में अवर निबंधन कार्यालय के पास जिला पर्षद द्वारा लगभग साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से एक पुरुष व एक महिला सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था. 26 अक्तूबर 2024 को जिला पर्षद अध्यक्ष प्रमिला देवी ने तत्कालीन डीडीसी व दाउदनगर के तत्कालीन एसडीओ की उपस्थिति में फीता काटकर उद्घाटन की औपचारिकता पूरी की थी. उद्घाटन के बाद दोनों शौचालयों की चाबी एसडीओ को सौंप दी गयी है. दोनों सामुदायिक शौचालयों में तीन-तीन सीट और यूरिनल का निर्माण कराया गया है. हालांकि, उद्घाटन के बाद भी बिजली कनेक्शन नहीं हो सका. पेयजल सुविधा तो उपलब्ध करा दी गयी, लेकिन बिजली कनेक्शन के अभाव में शौचालय चालू नहीं हो पाये. आज स्थिति यह है कि 14 महीने बीत जाने के बाद भी न तो बिजली कनेक्शन कराया गया है और न ही इन शौचालयों का संचालन शुरू हो सका है. पुरुष शौचालय में ताला लटका है, जबकि महिला शौचालय का ताला खुला है, लेकिन वहां गंदगी का अंबार लगा है. अब सवाल यह उठता है कि जिला पर्षद द्वारा लगभग 17 लाख रुपये खर्च किये जाने के बावजूद जब इन शौचालयों का उपयोग नहीं हो रहा है, तो इसकी जवाबदेही आखिर किसकी है. इनके संचालन की जिम्मेदारी किन अधिकारियों या विभागों की थी, यह भी स्पष्ट नहीं है. करीब डेढ़ दशक पहले अनुमंडल कार्यालय परिसर के पास डूडा द्वारा भी एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया गया था, जिसे भी कभी चालू नहीं कराया जा सका.

नहर पुल सब्जी मंडी के पास बना नया शौचालय भी बंद

भखरुआं जाने वाले बाजार रोड में नहर पुल सब्जी मंडी के पास जिला पर्षद द्वारा लगभग साढ़े आठ लाख रुपये की लागत से नया सामुदायिक शौचालय बनाया गया है. इसका निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, लेकिन यह भी अब तक चालू नहीं हो सका है. इसमें भी बिजली कनेक्शन सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता है.

बाजार क्षेत्र में दो सामुदायिक शौचालय चालू

हालांकि दाउदनगर बाजार क्षेत्र में राहत की बात यह है कि नगर पर्षद द्वारा दो सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कराया गया है. नगर पालिका मार्केट (पुराना मछली मार्केट) और चूड़ी बाजार में बने इन शौचालयों की देखरेख नगर पर्षद द्वारा एक एजेंसी के माध्यम से कराई जा रही है. दोनों शौचालय वर्तमान में चालू अवस्था में हैं और आम लोगों को सुविधा मिल रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
SUJIT KUMAR

लेखक के बारे में

By SUJIT KUMAR

SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन