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Aurangabad News: घने कोहरे में थमी वाहनों की रफ्तार

Updated at : 04 Jan 2025 10:03 PM (IST)
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Aurangabad News: घने कोहरे में थमी वाहनों की रफ्तार

Aurangabad News: कोल्ड डे का कहर : येलो अलर्ट जारी, कनकनी व शीतलहर से जनजीवन प्रभावित

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औरंगाबाद शहर.

जिले में कोल्ड डे की स्थिति ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. शीतलहर और हाड़ कंपा देने वाली कनकनी के चलते लोग घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं. आवश्यक कार्य होने पर ही लोग पूरी एहतियात के साथ बाहर निकल रहे हैं. शनिवार को घने कोहरे ने लोगों की और मुश्किलें बढ़ा दी है. विजिबिलिटी कम होने के कारण एनएच पर वाहनों की रफ्तार थमती दिखी. वैसे मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है. पिछले तीन दिनों से ठंडी हवाओं और गिरते तापमान ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी है. सुबह और रात के समय घने कोहरे की वजह से विजिबिलिटी 20-30 मीटर तक रह गयी है, जिससे हाइवे व अन्य सड़कों पर वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्कूलों के संचालन के समय में परिवर्तन किया गया है. कोहरे के बीच छोटे-छोटे बच्चे स्कूल जाते दिखे. ठंड के प्रकोप से बचने के लिए लोग गर्म कपड़ों, अलाव व हीटर का सहारा ले रहे हैं. हालांकि, गरीब व बेघर लोगों की स्थिति बेहद दयनीय हो गयी है. प्रशासन ने रैन बसेरों में व्यवस्था करने और जरूरतमंदों के बीच कंबल वितरण करने का काम शुरू कर दिया है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट हो सकती है. विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तर से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण यह स्थिति बनी हुई है. किसानों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है. क्योंकि, फसलों पर पाला पड़ने का खतरा बना हुआ है. मौसम वैज्ञानिक डॉ अनूप कुमार चौबे ने बताया कि मौसम विभाग द्वारा रविवार एवं सोमवार को घना कोहरा को लेकर यल्लो अलर्ट जारी किया गया है.

ठंड में बढ़ोतरी से पशुपालकों को परेशानी

ठंड के प्रकोप से पशुओं में बीमारी बढ़ने लगी है. ऐसे में पशुपालकों गंभीर रूप से परेशान हैं. हालांकि, पशुपालक पशुओं पर जूट का बोरा या कंबल डालकर उन्हें ठंड से बचाने का प्रयास कर रहे हैं पर लगातार मौसम बिगड़ने से स्थिति और भी गंभीर बनती जा रही है.

अलाव की व्यवस्था नहीं

कड़ाके की ठंड पड़ने के बावजूद भी प्रखंडों में प्रशासन की ओर से कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं दिख रही है. समाजसेवी एवं बुद्धिजीवियों ने प्रशासनिक अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए ठंड के प्रकोप से बचाव के लिए जगह-जगह पर अलाव की व्यवस्था करने की मांग की है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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