क्लासिकल स्वाइन फीवर से बचाव के लिए सूकरों का टीकाकरण जरूरी
Published by : Vivek Pandey Updated At : 29 May 2026 1:28 PM
Aurangabad News: जिले में 3650 सूकरों के टीकाकरण का लक्ष्य, 15 जून तक चलेगा विशेष अभियान, बीमारी को “सूकर प्लेग” बताते हुए पशुपालकों से टीकाकरण कराने की अपील
Aurangabad News: (विश्वनाथ पांडे)
क्लासिकल स्वाइन फीवर बीमारी सूकरों के लिए बेहद घातक मानी जाती है. इस बीमारी का तत्काल समुचित उपचार उपलब्ध नहीं है और टीकाकरण ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है. ऐसे में बीमारी पर नियंत्रण स्थापित करने के लिए सूकरों का टीकाकरण बेहद जरूरी है.
जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. श्याम किशोर ने बताया कि क्लासिकल स्वाइन फीवर से बचाव के लिए जिले में विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 3650 सूकरों के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.
15 जून तक चलेगा अभियान
उन्होंने बताया कि टीकाकरण अभियान पिछले सप्ताह से शुरू कर दिया गया है, जो 15 जून तक लगातार जारी रहेगा. अभियान के सफल संचालन के लिए प्रत्येक पंचायत में एक वैक्सीनेटर की प्रतिनियुक्ति की गई है.
सरकार के पशुपालन विभाग द्वारा इंडियन इम्यूनोलॉजिकल कंपनी के निर्मित टीके की सुई नि:शुल्क लगाई जा रही है. टीकाकरण से पूर्व सूकरों की इयर टैगिंग भी की जा रही है.
डोर-टू-डोर लगाया जाएगा टीका
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने बताया कि पशुपालकों को आर्थिक क्षति से बचाने और उनके पशुधन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह 15 दिवसीय अभियान शुरू किया गया है. अभियान के दौरान निजी टीकाकर्मी डोर-टू-डोर जाकर सूकरों को टीका लगाएंगे.
जानलेवा बीमारी है क्लासिकल स्वाइन फीवर
उन्होंने बताया कि इस बीमारी को “सूकर प्लेग” भी कहा जाता है. बीमारी होने पर सूकरों में तेज बुखार, पीले रंग का दस्त, उल्टी, सुस्ती, चलने में लड़खड़ाहट, आंखों से पानी आना, गर्भपात तथा त्वचा का रंग लाल या बैंगनी पड़ने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं. कई मामलों में बीमारी के कारण सूकरों की मौत भी हो जाती है.
जिला पशुपालन पदाधिकारी ने सभी सूकर पालकों से अपील की है कि वे अपने पशुओं का अनिवार्य रूप से टीकाकरण कराएं, ताकि जानलेवा बीमारी से बचाव हो सके.
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By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
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