बेटे की बारात में जा रहे पिता की सड़क हादसे में मौत, औरंगाबाद में मातम के बीच हुई शादी की रस्में

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घटना की संकेतिक तस्वीर

जिले में बेटे की बारात लेकर जा रहे पिता की मौत सड़क हादसे में हो गई. घटना के बाद खुशियों वाले घर में मातम पसर गया और आनन फानन में शादी की रस्में निभाई गई.

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Aurangabad News: जिले के नवीनगर थाना क्षेत्र में बुधवार की देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया. बेटे की बारात निकलने के कुछ ही देर बाद दूल्हे के पिता की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई. घटना के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया. हालांकि सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए रात में ही आनन-फानन में शादी की रस्म पूरी कराई गई.

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बारात जा रहे पिता की सड़क हादसे में गई जान

मृतक की पहचान नवीनगर थाना क्षेत्र के बारा गांव निवासी 45 वर्षीय जीतन राम के रूप में की गई है. बताया जाता है कि उनके पुत्र योगेंद्र कुमार की बारात कुटुंबा थाना क्षेत्र के चपरा गांव जा रही थी. गांव से सभी बाराती पहले ही निकल चुके थे. इसके बाद जीतन राम अपने भाई संतन कुमार के साथ बाइक से बारात के पीछे-पीछे जा रहे थे.

तेज रफ्तार पिकअप ने मारी टक्कर

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जैसे ही दोनों भाई तमसी गेट के समीप पहुंचे, उसी दौरान एक तेज रफ्तार अनियंत्रित पिकअप वाहन ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी. हादसे में जीतन राम गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि उनके भाई को भी चोटें आईं. घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. पीछे आ रहे बाराती और स्थानीय लोगों की मदद से घायल जीतन राम को तत्काल इलाज के लिए रेफरल अस्पताल कुटुंबा ले जाया गया. वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने सदर अस्पताल रेफर कर दिया.

रास्ते में तोड़ा दम

परिजनों के अनुसार सदर अस्पताल में भी समुचित इलाज नहीं हो सका और डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए गया रेफर कर दिया. गया ले जाने के दौरान रास्ते में ही जीतन राम की मौत हो गई. मृतक के पुत्र उपेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में उनके पिता का सही तरीके से इलाज नहीं किया गया. यदि समय पर इलाज मिलता तो शायद उनके पिता की जान बच सकती थी. परिजनों का आरोप है कि रात के समय सदर अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही अक्सर सामने आती रहती है, लेकिन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है.

मातम में बदली खुशियां

जीतन राम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई. जिस घर में बेटे की शादी की खुशियां थीं, वहां अचानक मातम छा गया. एक तरफ दूल्हा शादी की रस्में निभा रहा था तो दूसरी ओर पिता की मौत की खबर से पूरा परिवार टूट चुका था. ग्रामीणों ने बताया कि सामाजिक और पारिवारिक दबाव को देखते हुए देर रात किसी तरह शादी की रस्म पूरी कराई गई. शादी के बाद दुल्हन की विदाई हुई, लेकिन घर पहुंचते ही नई नवेली बहू का स्वागत खुशी के माहौल में नहीं बल्कि मातम के बीच हुआ.

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