ePaper

Aurangabad News: आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला : शाहनवाज

Updated at : 25 Jun 2025 10:36 PM (IST)
विज्ञापन
Aurangabad News: आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला : शाहनवाज

Aurangabad News: आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर भाजपा ने किया सेमिनार का आयोजन, वक्ताओं ने कहा -नयी पीढ़ी को जागरूक करने पर दिया गया जोर

विज्ञापन

औरंगाबाद शहर. देश में 1975 में लगाये गये आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर बुधवार को भाजपा ने सेमिनार का आयोजन किया़ कार्यक्रम में वक्ताओं ने उस दौर को भारतीय लोकतंत्र पर अब तक का सबसे बड़ा हमला करार दिया़ वक्ताओं युवाओं और नयी पीढ़ी को जागरूक करते हुए संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की़ कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन, पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह, केवटी विधायक मुरारी मोहन झा, त्रिविक्रम सिंह आदि ने दीप प्रज्वलित कर किया़ भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि 25 जून 1975 भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला व काला दिन था़ उस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने संविधान के चारों स्तंभ-विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और मीडिया-को गिरवी रख दिया़ प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गयी, लोगों की आवाज को खामोश कर दिया गया और हजारों लोगों को जेल में ठूंस दिया गया. यहां तक कि नसबंदी जैसे अमानवीय कार्य किये गये. जो अंग्रेजों के शासन में भी नहीं हुआ था, लेकिन कांग्रेस सरकार ने कर दिखाया. उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में बिहार ने लोकतंत्र की मशाल जलाया गया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज वही लोग, जो उस समय आपातकाल के खिलाफ सड़कों पर थे, अब कांग्रेस की गोद में बैठे हैं. शाहनवाज हुसैन ने कहा कि आज बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा प्रदत्त संविधान सुरक्षित है, क्योंकि देश में भाजपा की सरकार है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संविधान की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि हमने संविधान को अपने दिलों में बसाया है, और कोई भी ताकत उसे अपमानित नहीं कर सकती. उन्होंने यह भी कहा कि एक समय बिहार में जंगलराज था, लेकिन आज कानून का शासन है. आने वाले चुनाव में जनता को फिर गलती नहीं दोहरानी है और भाजपा को मजबूती से समर्थन देना है.

आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय : सुशील

पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय है। उस समय ””मीसा”” और ””डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स जैसे कानूनों के माध्यम से बिना किसी आरोप के लोगों को जेल में डाल दिया जाता था. छात्रों और नौजवानों पर लाठियां बरसाई जाती थीं, और विरोध करने पर यातनाएं दी जाती थीं. बाबा साहेब आंबेडकर द्वारा बनाये गये संविधान को शिथिल कर दिया गया था. आज कांग्रेस पार्टी खुद भी उस निर्णय की प्रशंसा नहीं कर पाती. केवटी विधायक मुरारी मोहन झा ने कहा कि जब भी आपातकाल की याद आती है, शरीर सिहर उठता है. यह इंदिरा गांधी की सत्ता में बने रहने की जिद का परिणाम था. रातों-रात देश में आपातकाल लागू कर दिया गया, जेलों में जगह नहीं बची थी. यह लोकतंत्र की सीधी हत्या थी।

युवाओं को जानना चाहिए इतिहास : दिलीप

एमएलसी दिलीप कुमार सिंह ने कहा कि यह सेमिनार एक प्रकार की शिक्षा है, जिससे युवाओं और नए मतदाताओं को यह बताना जरूरी है कि कांग्रेस ने उस समय देश के साथ क्या किया था. कार्यक्रम को भाजपा के वरिष्ठ नेता गोपाल शरण सिंह, पूर्व विधायक मनोज शर्मा, त्रिविक्रम सिंह, पूर्व एमएलसी राजन कुमार सिंह सहित अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशोक कुमार सिंह ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन भाजपा जिला महामंत्री सतीश कुमार सिंह ने किया. इस अवसर पर नगर पर्षद के मुख्य पार्षद उदय गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष बिजेंद्र चंद्रवंशी, पूर्व जिलाध्यक्ष मुकेश शर्मा, पुरुषोत्तम कुमार सिंह, प्रवक्ता अश्विनी तिवारी, चंदन सिंह, उज्ज्वल सिंह, दीपक कुमार, विवेक सिंह चौहान, रंजीत कुमार, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अमित अखौरी, संजय कुमार, विनोद शर्मा, मो. इल्ताफ, कमला सिंह, अनीता सिंह, जुलेखा खातून, सुमन अग्रवाल, गुड़िया सिंह आदि मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
AMIT KUMAR SINGH_PT

लेखक के बारे में

By AMIT KUMAR SINGH_PT

AMIT KUMAR SINGH_PT is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन