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Aurangabad News: कोयल मुख्य नहर में छोड़ा गया 300 क्यूसेक पानी

Updated at : 05 Jul 2025 10:52 PM (IST)
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Aurangabad News: कोयल मुख्य नहर में छोड़ा गया 300 क्यूसेक पानी

Aurangabad News: अधिकारियों ने विधिवत पूजन कर खरीफ फसल के अनुकूल मौसम रहने की मेघपति से की कामना

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औरंगाबाद/अंबा. झारखंड के पठारी भागों और उत्तर कोयल नदी के अधीनस्थ क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज में पर्याप्त जल भंडारण हो गया है़ शनिवार की सुबह बराज का गेट खोलकर राइट साइड मेन कैनाल में टेस्टिंग के लिए पानी छोड़ा गया़ इससे पहले जल संसाधन विभाग की टीम ने विधिवत पूजा-अर्चना कर मेघदेव इंद्र से खरीफ मौसम के अनुकूल रहने की कामना की. टीम में कार्यपालक अभियंता इं विनीत प्रकाश, एसडीईओ सुलेन्द्र कुमार, जेई निर्भय कुमार, शुभम राज, अनिल कुमार सिंह समेत सिंचाई विभाग के कई कर्मी मौजूद थे. कार्यपालक अभियंता ने बताया कि इस बार भू-जल रिचार्ज के लिए बराज में पर्याप्त पानी है. बराज का वाटर पाउंड लेवल बढ़कर 2.4 मीटर तक पहुंच चुका है. किसानों को खरीफ सीजन में पानी की कमी न हो, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है. शनिवार को पूर्वाह्न 10 बजे मुख्य नहर में 300 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. रविवार से क्रॉस रेगुलेटर गेट को चालू कर जल प्रवाह को धीरे-धीरे तेज किया जायेगा. ज्ञात हो कि उत्तर कोयल नहर अब तक वर्षा आधारित प्रणाली रही है. नदी के जलग्रहण क्षेत्र में वर्षा होने पर ही नहर का संचालन किया जाता है. इस बार पिछले 20 दिनों से नदी में लगातार तेज बहाव बना हुआ है. नदी कई बार उफान पर भी रही. मेदनीनगर डिवीजन के अधिकारियों ने समय रहते बिहार को बराज हैंडओवर कर दिया था, जिसके बाद सभी गेट डाउन कर जल भंडारण शुरू कर दिया गया. इस बार की अच्छी मानसूनी वर्षा के कारण कोयल नदी में बाढ़ जैसे हालात बन गये हैं. अभियंता ने बताया कि पिछले सप्ताह 60 हजार से लेकर 2.50 लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी नदी में बहाया गया है. गौरतलब है कि गत वर्ष झारखंड के पोरसन क्षेत्र में बुधवा माइनर के तटबंध (89–90 आरडी के बीच) क्षतिग्रस्त होने से कई दिनों तक बिहार क्षेत्र के किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित रही थी. तत्पश्चात तत्कालीन अधीक्षण अभियंता की पहल पर अस्थायी लकड़ी का गेट लगाया गया था, जबकि इस बार लोहे का गेट लगाया गया है. हालांकि कुटकु डैम में अब तक गेट नहीं लगाये जाने से किसानों को खरीफ फसल, विशेषकर धान की खेती में कठिनाई होती रही है. इसके पहले विगत गुरुवार को भीम बराज से 271 क्यूसेक पानी नहर में टेस्टिंग के लिए छोड़ा गया था, लेकिन सरकार के मुख्य सचिव के निर्देश पर कुछ ही घंटों में उसे रोक दिया गया.

मुख्य अभियंता बोले – नहर के अंतिम छोर तक पहुंचायेंगे पानी

जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अर्जुन प्रसाद सिंह ने बताया कि इस बार उत्तर कोयल नहर के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाने के लिए विभाग पूरी तरह सक्रिय है। कमजोर बिंदुओं की लाइनिंग करा ली गयी है. सभी पुल-पुलियों और संरचनाओं की रिमॉडलिंग पूरी हो चुकी है. उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे नहर की व्यवस्था में किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें. यदि टेस्टिंग के दौरान कहीं पर तटबंध में लीकेज नजर आये, तो तत्काल विभाग को सूचित करें. निरंतर मॉनीटरिंग के लिए संबंधित क्षेत्र में अभियंताओं के साथ मौसमी मजदूरों की भी तैनाती की गयी है. सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के लिए हर स्तर पर सतर्कता बरती जा रही है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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