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असामाजिक तत्वों ने सूर्यकुंड तालाब के 19 गेट तोड़े

Updated at : 02 Jan 2026 4:18 PM (IST)
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असामाजिक तत्वों ने सूर्यकुंड तालाब के 19 गेट तोड़े

घेराबंदी के तहत 21 लोहे के गेट पाइप के माध्यम से लगाये गये है

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घेराबंदी के तहत 21 लोहे के गेट पाइप के माध्यम से लगाये गये है

देव. सूर्य नगरी देव स्थित पौराणिक एवं पवित्र सूर्य कुंड तालाब परिसर की सफाई और सुरक्षा के उद्देश्य से लगाये गये गेट को असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिये जाने का मामला प्रकाश में आया है. ज्ञात हो कि पहले तालाब की घेराबंदी करायी गयी थी. मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में डुबकी लगाने से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि चर्म रोगों से भी राहत मिलती है. यहां लोग स्नान कर मन्नत मांगते हैं और विश्वास है कि उनकी इच्छाएं पूर्ण होती हैं. सूर्य कुंड तालाब की घेराबंदी के तहत लगभग 21 लोहे के गेट पाइप के माध्यम से लगाये गये थे. इनमें से 19 नंबर गेटों को बुधवार की रात असामाजिक तत्वों द्वारा तोड़ दिया गया. इस घटना को लेकर सूर्य कुंड तालाब परिसर के रात्रि प्रहरी सुदामा प्रसाद सिंह ने देव थाने में सनहा दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. इधर, घटना की जानकारी मिलते ही मंदिर न्यास समिति के सचिव विश्वजीत राय, कोषाध्यक्ष सुधीर सिंह, सदस्य योगेंद्र सिंह सहित अन्य लोगों ने क्षतिग्रस्त गेट का जायजा लिया. न्यास समिति के सदस्यों ने बताया कि बीते छह दिसंबर को हाइकोर्ट के एक जज का देव दौरा हुआ था. इस दौरान उन्होंने सूर्य कुंड तालाब परिसर की स्वच्छता बनाये रखने के उद्देश्य से सभी गेट बंद रखने का निर्देश न्यास समिति को दिया था. उक्त निर्देश के आलोक में एक मुख्य गेट को छोड़कर अन्य सभी गेट बंद कर दिये गये थे. इसके बावजूद बुधवार की रात कुछ असामाजिक तत्वों ने गेट तोड़ दिया. न्यास समिति के सचिव ने आरोप लगाया कि ऐसे असामाजिक तत्वों को देव नगर पंचायत के कुछ जनप्रतिनिधियों का संरक्षण प्राप्त है, जिससे उनका मनोबल बढ़ा हुआ है और इसी के चलते गेट तोड़ने जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि सूर्य कुंड तालाब परिसर में अतिक्रमण कर गाड़ी पार्किंग बना दी गयी है और दुकानें लगायी जा रही हैं, जिससे तालाब में गंदगी जाती है और श्रद्धालुओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. वहीं, देव नगर पंचायत के सचिव द्वारा लगाये गये आरोपों पर नगर पंचायत उपाध्यक्ष गोलू गुप्ता ने कहा कि असामाजिक तत्वों को नगर पंचायत के किसी भी जनप्रतिनिधि का संरक्षण प्राप्त नहीं है. उन्होंने कहा कि घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. यदि सचिव ने आरोप लगाये हैं, तो उन्हें इसके साक्ष्य सार्वजनिक करने चाहिए. थानाध्यक्ष कुमार सौरभ ने बताया कि सूर्य कुंड तालाब परिसर के रात्रि प्रहरी सुदामा प्रसाद सिंह द्वारा सनहा दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है. मामले की जांच की जा रही है.

कुष्ठ रोग निवारक माना जाता है सूर्य कुंड तालाब

देव सूर्य मंदिर से थोड़ी दूरी पर स्थित सूर्य कुंड तालाब को कुष्ठ रोग निवारक तालाब के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इस तालाब में स्नान करने से चर्म रोगों से ग्रसित लोगों को राहत मिलती है. सूर्य कुंड को लेकर कई किवदंतियां प्रचलित हैं. चैत्र और कार्तिक मास में बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां अर्घ्य अर्पित करते हैं. सूर्य कुंड तालाब न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का भी अनोखा केंद्र है. सूर्य मंदिर और सूर्य कुंड तालाब लोगों की गहरी आस्था और विश्वास का केंद्र बने हुए हैं. मान्यता है कि इस पवित्र कुंड में स्नान करने से पापों का नाश होता है और मन्नतें पूरी होती हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SUJIT KUMAR

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SUJIT KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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