औरंगाबाद में 45 लाख के उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने लगाया अनियमितता का आरोप

Author Brajesh divedi|Edited by Vivek Ranjan
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उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अधूरा पड़ा सुलभ शौचालय निर्माण कार्य

उप स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अधूरा पड़ा सुलभ शौचालय निर्माण कार्य

Aurangabad News: औरंगाबाद के ओबरा प्रखंड के पिसाय गांव में निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र में अनियमितता का आरोप लगा है. ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री और मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए डीएम से जांच की मांग की है.

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Aurangabad News: ओबरा प्रखंड के चंदा टोला, पिसाय गांव में बिहार राज्य चिकित्सा आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड के तहत निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र में कथित अनियमितताओं का मामला सामने आया है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि लगभग 45 लाख रुपये की लागत से बन रहे इस उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य विभागीय एमबी (मेजरमेंट बुक) एवं स्वीकृत एस्टीमेट के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है. इससे निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.

कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई

ग्रामीण अर्जुन पांडेय, अमित कुमार पांडेय, पप्पू पांडेय, वरुण पांडेय, प्रेम पांडेय, गोपाल पांडेय, सुनील पांडेय सहित अन्य लोगों ने बताया कि संवेदक निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी कर रहा है. उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग को लेकर कई बार विभाग के कनीय अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई.

अधूरा पड़ा निर्माण, दीवारों में दिखीं दरारें

ग्रामीणों का कहना है कि उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण कार्य अभी तक अधूरा है. भवन की कुछ दीवारों में दरारें दिखाई दे रही हैं, जबकि परिसर में बनने वाला सुलभ शौचालय भी अधूरा पड़ा हुआ है. उनका आरोप है कि यह भवन प्री-फैब तकनीक से बनाया जाना है, लेकिन निर्माण कार्य में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है.

अन्य पंचायतों में भी घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप

ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि ओबरा प्रखंड के अन्य पंचायतों में निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्रों में भी घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है.

आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कर गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित नहीं कराया गया, तो वे संवेदक, संबंधित एसडीओ और कनीय अभियंता के खिलाफ धरना-प्रदर्शन करेंगे. साथ ही उन्होंने जिलाधिकारी अभिलाषा शर्मा से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.

शिकायत मिलने पर होगी जांच : प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी

इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. विक्रम कुमार सिंह ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत के आलोक में चंदा टोला, पिसाय गांव स्थित निर्माणाधीन उप स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि जांच में अनियमितता पाई जाती है तो संवेदक एवं संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी तथा गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित कराया जाएगा.

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