नीरा के व्यवसाय के लिए मिलेगा लाइसेंस, सर्वे शुरू

Published at :27 Mar 2017 5:04 AM (IST)
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नीरा के व्यवसाय के लिए मिलेगा लाइसेंस, सर्वे शुरू

अंबा : शराबबंदी के बाद सरकार ने ताड़ी पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. कहीं भी सार्वजनिक व निजी स्थान पर ताड़ी बेचना कानूनन अपराध बन चुका है. ऐसे में ताड़ व खजूर के रस का प्रयोग अब नीरा के रूप में किया जाना है. किस क्षेत्र में कितने लोग ताड़ी उतारने का कार्य करते […]

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अंबा : शराबबंदी के बाद सरकार ने ताड़ी पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. कहीं भी सार्वजनिक व निजी स्थान पर ताड़ी बेचना कानूनन अपराध बन चुका है. ऐसे में ताड़ व खजूर के रस का प्रयोग अब नीरा के रूप में किया जाना है. किस क्षेत्र में कितने लोग ताड़ी उतारने का कार्य करते हैं, इसका सर्वे किया जा रहा है. जीविका की दीदी को सर्वे को जिम्मा दिया गया है. वे गांव-गांव के ताड़ी उतारनेवाले व्यक्तियों की सूची बना कर जीविका के प्रखंड कार्यालय को देंगे. इस संबंध में जीविका बीपीएम योगेंद्र कुमार अम्बष्टा ने बताया कि 31 मार्च तक सर्वे का कार्य पूरा कर लिया जायेगा. उन्होंने बताया कि जिस क्षेत्र में 40 से अधिक व्यवसायी पाये जायेंगे,

उसके आस-पास में ही कलस्टर बनाया जायेगा. व्यवसायी सुबह नीरा को लेकर सेंटर पर पहुंचेगे. वहां पीएच मीटर से जांच की जायेगी. यदि जांच में ताड़ी मिलेगी, तो उसे स्वीकार नहीं किया जायेगा. नीरा होगा, तो उसे रख लिया जायेगा. नीरा से ताल मिसरी, बिस्कुट, पेड़ा, जेली, गुड़ आदि बनाया जायेगा. कलस्टर सेंटर से इसकी आपूर्ति कंपनी तक की जायेगी. इससे ताड़ी उतारनेवाले लोगों को रोजगार का अवसर प्राप्त होगा. उन्हें चिह्नित कर उत्पाद विभाग की ओर से लाइसेंस दिया जायेगा. कलस्टर सेंटर पर लाइसेंसधारी व्यवसायी से ही नीरा लिया जायेगा. नशाबंदी को लागू करने के लिए सरकार की यह बेहतर पहल है. इससे ताड़ी पर प्रतिबंध स्थापित होगा और लोगों को रोजगार का अवसर भी मिलेगा.

ताड़ी उतारने के धंधे से जुड़े लोगों की सूची बनाने में जुटीं जीविका दीदी
40 व्यवसायियों को लेकर बनाया जायेगा कलस्टर
हर सुबह कलस्टर सेंटर पर ही इकट्ठा किया जायेगा नीरा
बनाये जायेंगे ताल मिसरी, बिस्कुट, पेड़ा, जेली व गुड़
सर्वे पूरा होने के बाद उत्पाद विभाग देगा लाइसेंस
पौष्टिक पेय पदार्थ है नीरा, नहीं होता नशा
नीरा पेय पौष्टिक पदार्थ है. सुबह छह बजे से पहले ताड़ या खजूर के वृक्ष से प्राप्त रस को उतार कर शून्य डिग्री तापमान में रखा जाना है. इसके उपयोग से नशा नहीं होता है और स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद होता है. यदि रस को छह बजे के बाद उतारा जाता है, वह ताड़ी हो जाता है, जो नशीला पेय पदार्थ है. इसके सेवन से व्यक्ति की सेहत पर प्रभाव पड़ता है. नीरा को बनाये रखने के लिए आइसबॉक्स या फ्रिज में रखना जरूरी है. यदि आइसबॉक्स या फ्रिज की व्यवस्था नहीं है, तो वह बेकार हो जाता है.
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