नोटबंदी के बाद डाकघर में जमा हुए सवा चार करोड़ रुपये
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :15 Dec 2016 8:00 AM (IST)
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औरंगाबाद सदर : नोटबंदी को एक महीने से ज्यादा हो चुका है. इस बीच पुराने पांच सौ व हजार के नोट बैंक व डाकघर में पहले की तुलना ज्यादा डिपोजिट हुए. अब भी लोग पुराने नोटों को जमा करने के लिए लाइन में लग रहे हैं और इसके बावजूद लोगों का विश्वास सरकार के फैसले […]
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औरंगाबाद सदर : नोटबंदी को एक महीने से ज्यादा हो चुका है. इस बीच पुराने पांच सौ व हजार के नोट बैंक व डाकघर में पहले की तुलना ज्यादा डिपोजिट हुए. अब भी लोग पुराने नोटों को जमा करने के लिए लाइन में लग रहे हैं और इसके बावजूद लोगों का विश्वास सरकार के फैसले के साथ है.
वे अब भी इंतजार करने को तैयार हैं, पर इधर पहले की तुलना बैंक व डाकघरों में भीड़ में कमी आयी है. इस दौरान रिकार्ड तोड़ डिपोजिट औरंगाबाद डाकघर में हुआ. पुराने नोटों के बंद होने के बाद प्रधान डाकघर में अब तक सवा चार करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं. डाक विभाग के डाकपाल कहते हैं कि 10 से 24 नवंबर तक थोड़ी परेशानी हुई, वर्क लोड बढ़ा पर जमा-निकासी व एक्सचेंज को लेकर सभी उत्साहित थे. हालांकि सुविधाओं की कमी से थोड़ी दिक्कत भी हुई.
500 व 1000 के नोटों ने बढ़ाया व्यवसाय : नोटबंदी के बाद 10 नवंबर से 13 दिसंबर तक पुराने नोटों का जमा होने का रेशियो पहले की तुलना में काफी ज्यादा रहा. अब तक डाकघर में एक हजार के 18 हजार 357 नोट व 500 के 45 हजार 624 नोट जमा हो चुके हैं. कुल मिला कर अब तक 4 करोड़ 11 लाख 69 हजार रुपये पोस्टऑफिस में जमा हुए हैं.
इन खातों में जमा हुए ये रुपये : पुराने पांच सौ व हजार के नोट बंद होने के बाद डाकघर के चालू खाता, केवीपी, एनएससी, आरडी, पीपीएफ, सुकन्या व एमआइएस खाते में ये सवा चार करोड़ रुपये जमा हुए.
मिले नये खाते भी और आरडी में भी जमा हुए रुपये : डाक विभाग की एजेंट लीला देवी कहती है कि नोटबंदी के बाद पोस्टऑफिस के पुराने खातो में पुराने नोट खूब जमा हुए और इस दौरान नये खाते भी खुले. आरडी में भी उपभोक्ताओं ने पुराने नोट जमा किये. एजेंटों को इसका लाभ मिला है.
डाकघर के साथ एजेंट के भी रहे अच्छे दिन : एजेंट गिरजा देवी कहती है कि डाकघर में पुराने नोट जमा होने के क्रम में एजेंटों को भी इसका फायदा मिला है. डाकघर के अच्छे दिन तो लौटे ही, एजेंटों के लिए भी अच्छे दिन रहे. पोस्टऑफिस में डिपोजिट के लिए नये खाते भी मिले और पुराने खातों में भी रुपये जमा हुए.
एक करोड़ 18 लाख 31 हजार एक्सचेंज
देश में पुराने पांच सौ व हजार के नोटों को बंद करने के बाद 10 से 24 नवंबर तक डाकघर से 1 करोड़ 18 लाख 31 हजार रुपये एक्सचेंज किये जा चुके हैं. प्रधान डाकघर से मिली जानकारी के अनुसार ये रुपये दो सप्ताह में एक्सचेंज किये गये हैं. इस दौरान डाकघर में नोट बदलने को लेकर काफी भीड़ भी रही, पर डाककर्मियों के बेहतर प्रदर्शन के कारण इस कार्य में बहुत असुविधा लोगों को नहीं होने दी गयी.
काउंटिंग मशीन नहीं रहने से परेशानी
डाकघर के निर्भय कुमार सिंह, जगवंश कुमार सिंह बताते है कि डाकघर को अब तक बैंको की तरह सुविधा उपलब्ध नहीं करायी गयी है, जिसके कारण परेशानी हो रही है. नोटबंदी के बाद प्रधान डाकघर में काउंटिंग मशीन और नोट सेपरेशन मशीन नहीं रहने के कारण काफी परेशानी हुई, पर डाककर्मियों ने अपने कार्य को पूरा करने के लिए देर रात तक भी काम किया. लोगों को असुविधा न हो, इसका पूरा ख्याल डाकघर ने रखा.
पांच सौ व एक हजार के पुराने नोट बंद होने के बाद 10 से 24 नवंबर तक डाकघर में काफी भीड़ रही, पर डाककर्मियों ने अपने कार्य को निष्ठापूर्वक निभाया. नोटों को मिलाने व उसके बंडल बनाने में देर रात हो जाती थी, फिर भी लोग दूसरे दिन समय से अपने ड्यूटी पर पहुंचते थे.
लखन प्रसाद, डाकपाल, प्रधान डाकघर
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