शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं बेटियां

Published at :21 Oct 2016 4:50 AM (IST)
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शिक्षा के माध्यम से खुद को सशक्त बनाएं बेटियां

दहेज जैसी प्रथा के बहिष्कार की जरूरत दाउदनगर अनुमंडल : शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाया जा सकता है. बेटी अपने आप में समाज का एक महत्वपूर्ण भाग है. लिंगानुपात में कमी आ रही है. इसे रोकने के लिए और संतुलन बनाये रखने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है. उक्त बातें प्रभात खबर […]

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दहेज जैसी प्रथा के बहिष्कार की जरूरत

दाउदनगर अनुमंडल : शिक्षा के माध्यम से लड़कियों को सशक्त बनाया जा सकता है. बेटी अपने आप में समाज का एक महत्वपूर्ण भाग है. लिंगानुपात में कमी आ रही है. इसे रोकने के लिए और संतुलन बनाये रखने के लिए जागरूकता की आवश्यकता है. उक्त बातें प्रभात खबर द्वारा कंप्यूटर शिक्षण संस्थान वीसीएसआरएम में आयोजित बेटी बचाओ अभियान का उद्घाटन करते हुये निदेशक रौशन सिन्हा ने कहीं. उन्होंने कहा शिक्षा पूरी गहराई के साथ रोजगार से जुड़ी हुई है.
आप अपने अंदर आत्मबल लाएं और बेटियों को बचाने का संकल्प लें. निदेशक आलोक कुमार टंडन ने कहा कि बेटी को इस लायक बनायें कि वे अपने लक्ष्य की प्राप्ति कर सकें. उन्हें अपना कैरियर बनाने में सब्जेक्ट का चुनाव स्वयं करने दें. भ्रूण हत्या को रोकने के लिए लड़कियों को भी भूमिका निभानी चाहिए. जीवन में आगे बढ़ कर अपने अभिभावक के सपने को साकार करें. छात्रा रागिनी गुप्ता ने कहा कि समाज को अपनी मानसिकता में सुधार करनी होगी.
दीपा ने कहा कि बेटियों को बराबरी का दर्जा मिलना चाहिए. पूजा ने कहा कि कम उम्र में ही बेटियों की शादी कर दी जाती है, उन्हें अधिक अहमियत नहीं दी जाती. सुप्रिया ने कहा कि भ्रूण हत्या का एक कारण दहेज भी माना जा सकता है. आरती ने कहा कि भ्रूण हत्या बंद होनी चाहिए. सोनी ने कहा कि बेटी के जन्म लेने पर भी हर्ष मनाया जाना चाहिए. बेटी किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं है. अलका, कामिनी, सोनी, पूजा, रश्मि, चंद्रकांता, रीना, स्वस्तिका पांडेय,
अनु गुप्ता, निक्की आदि छात्राओं ने कहा कि बेटी नहीं रहेगी, तो समाज आगे नहीं बढ़ेगा. बेटियों को समान अधिकार मिलना चाहिए. छात्र अजीत तिवारी ने कहा कि लड़कों की तरह लड़कियों को भी आजादी मिलनी चाहिए. कैरियर चुनने में लड़कियां आजाद नहीं हैं. अपने अभिभावकों पर आश्रित हैं. अविनाश कुमार ने कहा कि समाज को अपनी मानसिकता बदलनी होगी. प्राइवेट सेक्टर में भी करीब 40 प्रतिशत लड़कियां जॉब कर रही हैं. लक्ष्य कोचिंग सेंटर के निदेशक ओमप्रकाश कुमार ने भी संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों को शिक्षित कर उन्हें लक्ष्य प्राप्ति में सहयोग करें. कार्यक्रम की देखरेख करते हुए प्रभात खबर के स्थानीय प्रतिनिधि ने कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डाला.
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