परीक्षा चलने पर बंद हो जाता है पुस्तकालय

Published at :27 Sep 2016 4:50 AM (IST)
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परीक्षा चलने पर बंद हो जाता है पुस्तकालय

दाउदनगर : सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए पुस्तकालयों की स्थापना की गयी है, लेकिन समय पर किताबें तक उपलब्ध नहीं हो पाती हैं. अनुमंडल मुख्यालय के कादरी इंटर विद्यालय में पुस्तकालय को अपना कमरा तक उपलब्ध नहीं है. प्लस टू के लिए बने कमरों में से एक कमरे में पुस्तकालय चलता है. […]

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दाउदनगर : सरकारी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए पुस्तकालयों की स्थापना की गयी है, लेकिन समय पर किताबें तक उपलब्ध नहीं हो पाती हैं. अनुमंडल मुख्यालय के कादरी इंटर विद्यालय में पुस्तकालय को अपना कमरा तक उपलब्ध नहीं है. प्लस टू के लिए बने कमरों में से एक कमरे में पुस्तकालय चलता है.
इसी कमरे के आधे भाग में पुस्तकालय है, तो आधे भाग में जिम का सामान है. पुस्तकें रखने के लिए आठ अालमारी हैं. छात्र-छात्राओं के लिए कॉमन रूम तक नहीं है. जहां बैठ कर वे किताबें पढ़ सकें. विद्यार्थी पुस्तकालय वाले कमरे में रखे गये तीन बेंचों पर बैठ कर पुस्तकों का आदान-प्रदान करते हैं. फर्नीचर की भी कमी है.
1680 पुस्तकें हैं उपलब्ध : 1962 में स्थापित इस विद्यालय के पुस्तकालय में वर्तमान में 1680 किताबें उपलब्ध हैं. इन किताबों में करीब 240 की संख्या में ही कोर्स की किताबें हैं.
नौवीं व दसवीं कक्षा में 581 विद्यार्थी नामांकित हैं. इनके लिए भारती भवन एवं बीटीबीसी की मात्र 150 पुस्तकें ही उपलब्ध हैं. प्लस टू में 331 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. इनके लिए किताबों की संख्या करीब 90 हैं. हालांकि, सभी विषयों की किताबें नहीं हैं. अर्थशास्त्र, इतिहास, भूगोल, मनोविज्ञान व अंगरेजी की किताबें ही उपलब्ध हैं. नये संस्करण की किताबें भी अभी तक उपलब्ध नहीं हो पायी हैं. हालांकि, कई बड़े नामचीन लेखकों की किताबें भी पुस्तकालय में उपलब्ध हैं. इसका फायदा छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी िमलता है.
हर रोज 15 से 20 िवद्यार्थी उठाते हैं लाभ
विद्यालय में कमरों की कमी होने के कारण पुस्तकालय को किसी भी परीक्षा के समय बंद कर दिया जाता है. खुद पुस्तकाध्यक्ष मो नेयाज अहमद ने बताया कि जब भी किसी परीक्षा का केंद्र इस विद्यालय में बनाया जाता है, तो पुस्तकालय बंद कर इस कमरे में बेंच लगा कर परीक्षार्थियों को बैठाया जाता है. पुस्तकालय की समस्याओं से प्रभारी प्रधानाध्यापिका को अवगत कराया जाता है. जो किताबें उपलब्ध हैं, उससे ही काम चलाया जा रहा है. 15 से 20 विद्यार्थी औसतन प्रतिदिन पुस्तकालय का लाभ उठाते हैं.
मो नेयाज अहमद, पुस्तकालयाध्यक्ष
अिधकारियों को दी गयी है जानकारी
विभागीय अधिकारियों को सुविधा की कमी को लेकर समय-समय पर जानकारी दी जाती रही है. विभाग से आदेश व आवंटन मिलते ही पुस्तकालय के लिए जरूरी इंतजाम कर िदये जायेंगे.
राधा कुमारी, प्रभारी प्रधानाध्यापिका
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