135 महिलाओं को मिला रोजगार
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :23 Jun 2016 7:59 AM (IST)
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औरंगाबाद (ग्रामीण) : औरंगाबाद जिला वैसे तो सूबे में नक्सल प्रभावित इलाके के रूप में जाना जाता है,लेकिन हाल के दिनों में इस जिले के विकास में नक्सल के प्रभाव को समाप्त करने में अहम भूमिका निभायी है. विकास में जितना सहयोग पुरूषों का है उससे कम महिलाओं का नहीं है. कल तक समाज व […]
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औरंगाबाद (ग्रामीण) : औरंगाबाद जिला वैसे तो सूबे में नक्सल प्रभावित इलाके के रूप में जाना जाता है,लेकिन हाल के दिनों में इस जिले के विकास में नक्सल के प्रभाव को समाप्त करने में अहम भूमिका निभायी है. विकास में जितना सहयोग पुरूषों का है उससे कम महिलाओं का नहीं है. कल तक समाज व परिवार की बंदिशे महिलाओं व युवतियों को जकड़े रहती थी, आज वो बंदिशे टूट सी गयी है.ग्रामीण इलाके की महिलाएं अब रोजगार पाने के लिये शहरों का रास्ता चुन चुकी है.
औरंगाबाद जिला मुख्यालय हो या अन्य प्रखंड मुख्यालय. यहां पर ब्यूटी पार्लर से लेकर पार्चून की दुकान तक महिलाएं संभाल रही है. सिलाई कटाई में तो ये काफी आगे निकल चुकी है. इसके पीछे एकमात्र उदेश्य है पुरूषों की बराबरी या उनसे आगे निकल परिवार को संभालने की. उसके भरण पोषण की. महिलाओं को रोजगार पाने व दिलाने में ब्यूटीशियन कोर्स या सुंदर बनने व बनाने की चाह सहायक साबित हो रही है. यही कारण है कि शहर से गांव तक की महिलाएं ब्यूटी पार्लर चलाने में दिलचस्पी ले रही है. ब्यूटीशियन का कोर्स भी अब आम बात बन गयी है. यानी कि महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के दिशा में ब्यूटीशियन कोर्स का प्रशिक्षण सरकार के देखरेख में दिया जा रहा है.
तीन साल में सैकड़ों महिलाओं को मिला रोजगार : शहर की आवोहवा से ग्रामीण इलाके अब अछूता नहीं है. हर किसी को सजने व संवरने का शौक होता है. लेकिन, इसके पीछे आर्थिक स्थिति आड़े आती हैं.
लेकिन, जब मन में किसी भी कार्य को लगन से करने का निर्णय ले लिया जाये, तो काम भी असान हो जाता है. जिन्हें कभी खुद सजने संवरने की चिंता थी, आज वह दूसरे का हेयर कटिंग, मसाज, कर्लिन, फेशियल, ब्लीच, र्स्कब व थ्रेडिंग कर रही हैं व पैसे का उपार्जन कर परिवार की गाड़ी खींचने लगी हैं. रूलर डेवलपमेंट के तहत ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान से पिछले तीन वर्ष में करीब 135 युवतियों व महिलाओं को जिला मुख्यालय में प्रशिक्षण दिया गया है. इनमें 65 प्रतिशत लोगों को रोजगार भी मिल गया है. जो बचे हैं, उन्हें रोजगार दिलाने के लिए संस्थान मदद कर रही है. पीएनबी से कुछ महिलाओं को लोन भी मिला है. पंजाब नेशनल बैंक के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण केंद्र के निदेशक संतोष सिन्हा ने बताया कि 135 महिलाओं को तीन साल में अलग-अलग बैच के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया.
एक बैच को 30 दिन का प्रशिक्षण मिला. 65 प्रतिशत लोगों को रोजगार प्राप्त हो गया,जो बचे है उन्हें भी जल्द रोजगार मुहैया हो जायेगा. प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके महिलाओं को 50 हजार का लोन आसानी से बैंक द्वारा उपलब्ध कराया गया. एक से दो लाख लोन वालों को गारंटर के तौर पर लोन दी गयी. कई ऐसे लोग भी है जिन्हें पांच लाख तक की लोन दी गयी है.
पार्लर के दम पर बच्चों को दे रहीं शिक्षा
मदनपुर प्रखंड के जलवन गांव की तनुजा देवी मदनपुर हाइस्कूल के समीप ब्यूटी पार्लर खोल कर अपने परिवार की गाड़ी मजे से खींच रही हैं. पति सुरेंद्र प्रसाद प्राइवेट जॉब करते हैं.
इनके तीन बच्चे हैं, जिनमें दो बेटी व एक बेटा है. बड़ी बेटी पायल मधुबनी में एएनएम की पढ़ाई कर रही है. बेटा सुधांशु सुमन छत्तीसगढ़ में रह कर बी-टेक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटी बेटी 10वीं की पढ़ाई कर रही है. पहले तनुजा की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी.
लेकिन, जब ब्यूटीशियन कोर्स कर ब्यूटी पार्लर के कारोबार में उतरी, तो उनकी किस्मत ही बदल गयी. तनुजा बताती हैं कि अब वह पूरी तरह आत्म निर्भर बन गयी है. अब महिलाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिये काम कर रही हूं. 15 से 20 हजार रूपये प्रतिमाह आमदनी हो जाती है. तनुजा जैसे कई महिलाएं है जो अब अपने पैरों पर खड़ी है. प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना से जुड़ कर भारी संख्या में महिलाएं व युवतियां ब्यूटीशियन का कोर्स कर रही है.
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