बैसाखी के सहारे चल रहा मलेरिया विभाग

बैसाखी के सहारे चल रहा मलेरिया विभाग स्वीकृत 80 पद में आठ पद पर हैं लोग कार्यरत सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल व पीएचसी से लिया जाता है सहयोग (फोटो नंबर-9,10)कैप्शन- मलेरिया कार्यालय, जिला मलेरिया पदाधिकारी डा. जनार्दन प्रसाद(पेज तीन का लीड) प्रतिनिधि, औरंगाबाद (नगर) स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा कई […]
बैसाखी के सहारे चल रहा मलेरिया विभाग स्वीकृत 80 पद में आठ पद पर हैं लोग कार्यरत सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल व पीएचसी से लिया जाता है सहयोग (फोटो नंबर-9,10)कैप्शन- मलेरिया कार्यालय, जिला मलेरिया पदाधिकारी डा. जनार्दन प्रसाद(पेज तीन का लीड) प्रतिनिधि, औरंगाबाद (नगर) स्वास्थ्य के क्षेत्र में सुधार लाने के लिए सरकार द्वारा कई तरह की योजनाएं चलायी जा रही हैं, ताकि लोगों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा मिल सके. लेकिन, मलेरिया विभाग को देखा जाये तो इसकी हालत काफी खराब है. कर्मचारियों व पदाधिकारियों के अभाव में यह विभाग चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहा है. बल्कि दूसरे विभाग के संसाधन से मलेरिया की मलेरिया के मरीजों की जांच की जाती है. यदि दूसरा विभाग का सहयोग न मिले तो यह विभाग कभी भी बंद हो सकता है. इस विभाग में कर्मचारियों व पदाधिकारियों स्वीकृत पर 80 है. लेकिन, वर्तमान में आठ पदों पर ही लोग कार्यरत हैं. यह कहना गलत नहीं होगा कि यह विभाग सिर्फ वैशाखी के सहारे चल रहा है. फांगिंग मशीन का उपयोग कई माह से नहीं किया गया है. शहर में मच्छर का प्रकोप इतना ज्यादा है कि लोगों की रात की बात तो दूर, दिन में भी मच्छरों की चपेट से लोग नहीं बच पा रहे हैं. यही नहीं विभाग को न तो कोई अपना वाहन है और न ही कार्यालय की सफाई करनेवाला कोई कर्मचारी. यहां तक कि खून का सैंपल भी लेनेवाला लैब टेक्नीशियन नहीं है. विभाग को जिंदा रखने के लिए सिर्फ जिला मलेरिया पदाधिकारी है. सदर अस्पताल, रेफरल अस्पताल, पीएचसी से किसी तरह सहयोग लेकर मरीजों का मलेरिया की जांच की जाती है. नवंबर माह में पूरे जिले में 2037 मरीजों की जांच की गयी थी. इसमें 27 मरीज पॉजिटिव पाये गये. इनमें दो पीएफ एवं 25 पीभी के मरीज हैं. वरीय पदाधिकारियों को दी गयी है सूचना विभाग के लिए जिले में कुल 80 पद स्वीकृत है. इसमें मात्र आठ लोग ही कार्यरत हैं. फिर भी किसी तरह विभाग को संचालित किया जा रहा है. इसकी सूचना वरीय पदाधिकारी व विभाग को दिया दी जा चुकी है. यही नही पॅागिंग मशीन की खरीदारी करने के लिए जिला स्वास्थ्य समिति को तीन बार पत्र लिखा जा चुका है. बावजूद अभी तक कोई अनुमति नही दी गयी है. डाॅ जनार्दन प्रसाद, जिला मलेरिया पदाधिकारी कार्यरत पदाधिकारी व कर्मचारीस्वीकृत पद®कार्यरत जिला मलेरिया पदाधिकारी®1क्लर्क®2 ®कार्यरत®1मलेरिया इंस्पेक्टर®4®कार्यरत®1बुनियादी स्वास्थ्य निरीक्षक ®11®कार्यरत®1बुनिया स्वास्थ्य कार्यकर्ता®36®कार्यरत®3सफाईकर्मी®1®कार्यरत®0आदेशपाल®2®कार्यरत®1प्रायोगशाला प्रोद्योगी®11®कार्यरत ®0मोटर यांत्रिक®1®कार्यरत ®0चालक®2कार्यरत®0 श्रेष्ठ क्षेत्रीय कार्यकर्ता®2®कार्यरत®0क्षेत्रीय कार्यकर्ता®4®कार्यरत®0सह चालक®2®कार्यरत®0
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