जिले के ऐतिहासिक धरोहरों को लगी नजर

Published at :18 Dec 2015 7:06 PM (IST)
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जिले के ऐतिहासिक धरोहरों को लगी नजर

जिले के ऐतिहासिक धरोहरों को लगी नजर मंदिरों से मूर्तियां चोरी करने में चोर हो रहे सफल (फोटो नंबर-34,35)कैप्शन- शहर के ठाकुरबाड़ी मंदिर गेट, प्राचीन काल की मूर्तियां औरंगाबाद (सदर) इन दिनों कुछ मूर्ति तस्करों व चोरों की नजर जिले के ऐतिहासिक धरोहर पर गड़ गयी है. जो अपने मंसूबे में भी कामयाब हो रहे […]

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जिले के ऐतिहासिक धरोहरों को लगी नजर मंदिरों से मूर्तियां चोरी करने में चोर हो रहे सफल (फोटो नंबर-34,35)कैप्शन- शहर के ठाकुरबाड़ी मंदिर गेट, प्राचीन काल की मूर्तियां औरंगाबाद (सदर) इन दिनों कुछ मूर्ति तस्करों व चोरों की नजर जिले के ऐतिहासिक धरोहर पर गड़ गयी है. जो अपने मंसूबे में भी कामयाब हो रहे हैं. एक तरफ मठ मंदिरों में स्थापित प्राचीन मूर्तियों को सहेजने में लगे हैं. दूसरी तरफ आपराधिक प्रवृत्ति के लोग लूट कर ले जा रहे हैं. पिछले 16 दिसंबर बुधवार को गोह के मरही धाम मंदिर से की गयी प्राचीन मूर्तियों की चोरी से लोग परेशान हैं. किसी को अंदाजा भी नही था कि मंदिर में स्थापित भगवान की मूर्तियों को कोई रातों-रात उड़ा ले जायेगा. जब ये वारदात हुई तो लोगों के होश उड़ गये. अब लोग मूर्तियों को पून: मंदिर में स्थापित करने को लेकर हो-हल्ला मचा रहे हैं और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि चोरो को पकड़कर फिर से मूर्तियों को अपने स्थान पर स्थापित किया जाये. ऐसा इसलिये कि उस पत्थर की मूर्ति से इनकी आस्था जुड़ी है. इससे पूर्व भी औरंगाबाद शहर की ठाकुरबाड़ी मंदिर से मूर्तियों की चोरी कर ली गयी थी. रात के अंधेरे में मूर्तियों के साथ-साथ आभूषणों की चोरी कर ली गयी थी. इसका पता भी आज तक पुलिस नहीं कर पायी. हालांकि, इसके अनुसंधान में जिले के डीएसपी रैंक के अधिकारी लगे हुए थे. बहरहाल अब इस वारदात के बाद क्या जिले के उन तमाम मंदिरों को इस घटना से सबक लेते हुए सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है या नही. ये एक बड़ा सवाल है. इस घटना के बाद जिले के विभिन्न मंदिरो में स्थापित प्राचीन मूर्तियों की सुरक्षा बढ़ानी होगी तभी जिले के धरोहरो को बुरी नजरों से बचाया जा सकेगा. जानकार बताते हैं कि इन मूर्तियों की तस्करी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर की जाती है और तस्करों से मंदिरों की सुरक्षा बेहद आवश्यक है.मूर्तियों की चोरी से खत्म हो जायेगा इतिहासपूरे देश में मूर्तियों की चोरी होने का मामला प्रकाश में आते रहा है. बिहार में भी ऐसी वारदात हो रहे हैं जो बेहद शर्मनाक है. राज्य में अभी बहुत सी मूर्तियां ऐसी है जिनका सरकार द्वारा रेखांकन नहीं किया जा सका है. ये मूर्तियां इतिहास लिखने में महत्वपूर्ण भूमिका रखती हैं. लेकिन, अगर इसी तरह इनकी चोरी होती रही तो इतिहास के लिए कुछ नहीं रह जायेगा.डाॅ अनंत आशुतोष द्विवेदी, पुरातात्विकविद्मंदिरों की हो सुरक्षा जिले के मंदिरों में भी सुरक्षा का अभाव है. यहां के बहुत से मंदिरों में प्राचीन मूर्तियां स्थापित है, जिनकी सुरक्षा जरूरी है. जिला प्रशासन को इनकी सुरक्षा के प्रति विशेष ध्यान देना होगा. ये संग्रहित रहेंगे तो ही अपनी संस्कृति बची रहेगी.श्री निवास कुमार, सदस्य देव न्यास समिति सह राज्य सचिव भारत स्काउट गाइडमूर्ति तस्करी के अनुसंधान में जांच एजेंसियां है अक्षम पूरे देश में मूर्तियों की चोरी हो रही है. उनकी तस्करी की जा रही है. यह एक संगठित अपराध है. आज सरकार के तमाम जांच एजेंसिया इसके अनुसंधान में अक्षम हैं. अरबों रुपये की मूर्तियों भारतवर्ष से चोरी की गयी और कुछ को नष्ट कर दिया गया. ये सिलसिला अब भी जारी है. राज्य सरकार को चाहिये कि केंद्र सरकार से सहयोग लेते हुए एक निरोधात्मक कार्रवाई की जाये. अनिल सिंह, प्रांतीय संयोजक हिंदू युवामूर्तियों हैं धरोहर मूर्तियां अपनी धरोहर है, जिनका संरक्षण जरूरी है. मूर्तियों का दर्शन का पर्याय है की उससे हम अपनी अतीत को जानने का प्रयास करते हैं. अगर समय रहते इन्हें नहीं सहेजा गया तो हमारी संस्कृति लूट जायेगी. जिले के मंदिरों में बहुत प्राचीन मूर्तियां पायी गयी है जिनका ताल्लुक पाल काल से जुड़ा हुआ है. इनका संरक्षण बहुत जरूरी है.धर्मवीर भारती, निदेशक फिल्म द: हेरिटेज ऑफ मगधरुपये से ज्यादा कीमती है संस्कृतिचंद पैसों के लिये अपनी जमीर को बेच कर हमारे ही बीच के लोग मूर्तियां की तस्करी कर रहे हैं. रुपये से ज्यादा कीमती हमारी संस्कृति है. उमगा मंदिर की मूर्तियां भी वर्षों से चोरी होती रही पर प्रशासन इस पर कभी गंभीरता नहीं दिखायी. इनकी सुरक्षा जिला प्रशासन का दायित्व है.बालमुकुंद पाठक, मुख्य पुजारी, उमंगेश्वरी मंदिरप्राचीन मूर्तियों को किया जा रहा नुकसान जिले के विभिन्न मंदिरों में स्थापित प्राचीन मूर्तियों की सुरक्षा बहुत जरूरी है. आये दिन इन मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है. कभी इनकी चोरी कर ली जा रही है तो कभी इन्हें नष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है. तस्करों पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनका स्पीडी ट्रायल कराया जाये. अनुसंधान की गति तेज करने की जरूरत है. अवधेश सिंह कालीकिंकर, प्रचारक विश्व हिंदू परिषद

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