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फर्जी नर्सिंग होम पर नहीं हो रही कार्रवाई

Updated at : 20 Dec 2019 8:29 AM (IST)
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फर्जी नर्सिंग होम पर नहीं हो रही कार्रवाई

औरंगाबाद नगर : स्वास्थ्य विभाग की उदासीन कार्य प्रणाली के चलते जिले में निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक व लैब संचालकों के हौसले बुलंद हैं. जिले में एक दर्जन नर्सिंग होम, एक दर्जन के लगभग क्लिनिक और लैब दलालों की मिलीभगत से संचालित हो रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को इसकी जानकारी भी है. […]

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औरंगाबाद नगर : स्वास्थ्य विभाग की उदासीन कार्य प्रणाली के चलते जिले में निजी नर्सिंग होम, क्लिनिक व लैब संचालकों के हौसले बुलंद हैं. जिले में एक दर्जन नर्सिंग होम, एक दर्जन के लगभग क्लिनिक और लैब दलालों की मिलीभगत से संचालित हो रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के आला अफसरों को इसकी जानकारी भी है. इस संबंध में सिर्फ कागजी घोड़े ही दौड़ रहे हैं.

कार्रवाई के नाम पर अब तक कुछ नहीं किया गया है. इन संचालकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं होने से विभागीय अधिकारियों पर साठ-गांठ के आरोप लगाये जाने लगे हैं. जिले में स्वास्थ्य विभाग के नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चिकित्सा के नाम पर अवैध ढंग से संचालन किया जा रहा है. मरीजों से इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूलने के बाद भी उन्हें समुचित उपचार मुहैया नहीं कराया जा रहा है. जिले के अधिकतर नर्सिंग होम, क्लिनिक और पैथोलॉजी संचालक अवैध तरीके से इनका संचालन कर रहे हैं. यहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मरीज अपना इलाज कराने भी पहुंचते हैं. इसके बाद भी इनमें से अधिकतर संचालकों ने अभी तक नवीनीकरण नहीं कराया है.

मरीज व परिजनों के साथ की जाती है मनमानी
नर्सिंग होम और क्लिनिक के संचालक मरीजों और उनके परिजनों के साथ मनमानी करते हैं. जिले भर में ऐसे कई मामले सामने चुके हैं लेकिन अभी तक कार्रवाई किसी पर नहीं हुई. स्वास्थ्य विभाग से जुड़े सूत्र बताते हैं कि जो क्लिनिक और नर्सिंग होम नियमों और शर्तों की पूर्ति नहीं करते हैं, निरीक्षण करने के दौरान संबंधित टीम सख्त रुख अख्तियार तो करती है लेकिन सिर्फ दिखावे के लिए. बाद में पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है.
कुछ ऐसा ही मामले शहर में देखने को मिल रहे हैं. सिविल सर्जन ने दिसंबर में कई जगहों पर जांच की लेकिन करवाई कुछ भी नहीं. सिर्फ स्पष्टीकरण पूछ कर रह गये. जब मामला डीएम के पास पहुंचा, तो वह मामले को लेकर गंभीर हुए और उन्होंने बुधवार को सिविल सर्जन को कार्रवाई करने का निर्देश दिया. डीएम के निर्देश के आलोक में सिविल सर्जन ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को त्वरित करवाई का निर्देश दिया. पता चला है कि शुक्रवार को कुछ जगहों पर कार्रवाई होगी. पर कार्रवाई किसपर होगी यह तो समय ही बता पायेगा.
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