सांप के काटने से महिला की मौत पर भड़के परिजन, सदर अस्पताल में हंगामा, तोड़फोड़

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Aug 2018 4:58 AM

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तोड़फोड़ होता देख ओपीडी से भाग खड़े हुए मरीज व डॉक्टर औरंगाबाद कार्यालय : सोमवार की सुबह औरंगाबाद का सदर अस्पताल हंगामे की भेंट चढ़ गया. जिस अस्पताल में कुछ देर पहले तक मरीज कतारबद्ध होकर डॉक्टरों से अपना इलाज करा रहे थे,वहां अचानक अफरातफरी का माहौल हो गया. कुछ उपद्रवियों के उत्पात देख मरीज […]

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तोड़फोड़ होता देख ओपीडी से भाग खड़े हुए मरीज व डॉक्टर

औरंगाबाद कार्यालय : सोमवार की सुबह औरंगाबाद का सदर अस्पताल हंगामे की भेंट चढ़ गया. जिस अस्पताल में कुछ देर पहले तक मरीज कतारबद्ध होकर डॉक्टरों से अपना इलाज करा रहे थे,वहां अचानक अफरातफरी का माहौल हो गया. कुछ उपद्रवियों के उत्पात देख मरीज से लेकर डॉक्टर तक भाग खड़े हुए. अस्पताल में ऐसा कोहराम मचा कि ओपीडी से लेकर इमरजेंसी वार्ड तक तोड़फोड़ हुई. यह स्थिति एक महिला की मौत होने के बाद उत्पन्न हुई.
जानकारी के अनुसार सड़सा गांव के रामाश्रय सिंह की पत्नी को सांप ने रविवार की अहले सुबह काट लिया. पहले तो परिजन पशोपेस में थे कि आखिर काटा क्या, लेकिन जब हालत खराब हुई और एहसास हुआ कि सांप ने ही काटा है तो उसे लेकर सुबह सुबह अस्पताल पहुंचे. अस्पताल में डयूटी पर रहे डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया,जिसके बाद परिजन शव को घर ले गये. रोने-चिल्लाने का दौर शुरू हो गया. इसी बीच परिजनों को अहसास हुआ कि महिला की सांसें चल रही हैं तो आननफानन में उसे लेकर फिर से अस्पताल पहुंचे. पौने 12 बजे के करीब डॉ आसित रंजन ने ईसीजी वार्ड में ले जाकर महिला का नब्ज टटोला और कुछ देर के इलाज के बाद मृत बता दिया.
इसके बाद तो सदर अस्पताल आक्रोश की भेंट चढ़ गया. दर्जनों की संख्या में पहुंचे परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगा कर पहले ईसीजी कमरे में टेबल कुर्सी तोड़ दी,फिर ओपीडी में इलाज कर रहे डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए टेबल,कुर्सी को क्षतिग्रस्त करते हुए कागजात इधर-उधर फेंक दिये. परिजनों के आक्रोश के दौरान ओपीडी में रहे डॉक्टर आसित रंजन और सुनील कुमार जान बचाने के लिए भाग खड़े हुए. अन्य कर्मचारी भी अपनी सुरक्षा देखते हुए अस्पताल से खिसक लिये. किसी तरह कुछ लोगों के समझाने के बाद आक्रोशित मृतका के शव को लेकर चले गये.
छावनी में तब्दील हुआ अस्पताल
सांप के काटने से महिला की मौत के बाद सदर अस्पताल में हुए हंगामा की सूचना पर नगर थानाध्यक्ष राजेश वर्णवाल घटनास्थल पहुंचे और करीब एक घंटे तक पूरे मामले की जानकारी जुटायी. अस्पताल उपाधीक्षक से लेकर कर्मचारियों से पूछताछ की गयी. उपाधीक्षक ने सुरक्षा का हवाला देते हुए स्पष्ट रूप से बताया कि सदर अस्पताल में डॉक्टरों व कर्मियों का काम करना मुश्किल हो गया है. मामूली सी बात को लेकर जिस तरह से हंगामा हो रहा है उससे अस्पताल के कर्मी सुरक्षित नहीं है. नगर थानाध्यक्ष ने कर्मियों से जानकारी लेने के बाद अस्पताल के सीसीटीवी फूटेज को खंगाला और कहा कि हंगामा करनेवाले लोगों पर कार्रवाई की जायेगी. इधर हंगामा के बाद सदर अस्पताल पुलिस छावनी में तब्दील हो गयी. स्वास्थ्य कर्मचारियों में दहशत का माहौल इस तरह दिखा कि इलाज कराने पहुंचे कई मरीज बिना इलाज के ही लौट गये.
आये दिन हो रहे हंगामों से कर्मचारियों में दहशत
औरंगाबाद के सबसे बड़े अस्पताल में क्या व्यवस्था है और किस तरह से मरीजों का इलाज होता है यह किसी से छिपा हुआ नहीं है. वैसे भी अस्पताल की कुव्यवस्था हर दिन चर्चा में रही है. सबसे बड़ी बात यह है कि बात-बात में सदर अस्पताल अखाड़ा बन जा रहा है. हर दिन किसी न किसी बात को लेकर हंगामा होता है. पिछले तीन दिनों की स्थिति पर नजर दौड़ायी तो हंगामा की पूरी स्थिति भी स्पष्ट होती है. शनिवार को मिशन स्कूल की शिक्षिका अनिता देवी की मौत अस्पताल में होने के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया था. इस मामले में डीएम के निर्देश पर एक जांच कमेटी बनायी गयी थी.
जांच चल ही रहा थी कि रविवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मुंशी बिगहा गांव के समीप एक ट्रक से कुचल कर मारे गये रोहतास जिले के मीरगंज गांव के कमलेश कुमार सिंह के परिजनों व शहर के कुछ लोगों ने सदर अस्पताल में हंगामा किया. इन लोगों का भी आरोप था कि अगर डॉक्टर इलाज में लापरवाही नहीं बरतते और समय पर एंबुलेंस मिल जाता तो कमलेश की जान बच सकती थी. इस घटना के 18 घंटे बाद ही एक बार फिर यानी सोमवार की सुबह सदर अस्पताल हंगामे की भेंट चढ़ गया. वैसे अस्पताल में हंगामा कोई नयी बात नहीं है. पूर्व में भी डॉक्टरों व कर्मचारियों के साथ मारपीट व उपकरणों की तोड़ फोड़ हो चुकी है.
कहां रहते हैं सुरक्षाकर्मी और क्या है उनका काम, सवालों के घेरे में
सदर अस्पताल की सुरक्षा भगवान भरोसे है. यहां ड्यूटी पर लगाये गये एक्स आर्मी के जवान आखिर करते क्या हैं और रहते कहां है यह एक बड़ा सवाल है. वैसे सुरक्षाकर्मियों की डयूटी मरीजों के साथ-साथ अस्पताल की सुरक्षा करना है, पर हर बार यानी हंगामे के दौरान ये पहले अपनी सुरक्षा में लग जाते हैं. पता चला कि 26 सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था. वर्तमान में 14 सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. इनकी जवाबदेही उपद्रवियों से निबटते हुए सुरक्षा की कमान संभाले. इधर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ राजकुमार प्रसाद ने बताया कि सभी सुरक्षाकर्मियों को अस्पताल से हटाया जायेगा.
इसके लिए विभाग को सूचना दी जायेगी.उपाधीक्षक ने यह भी कहा कि अस्पताल में सुरक्षा के लिहाज से दो दंडाधिकारियों के साथ आठ सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के लिए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई होगी.
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