हर गली-मुहल्ले में पसर चुका है रिफिलिंग का अवैध धंधा

Published at :29 Jun 2017 9:12 AM (IST)
विज्ञापन
हर गली-मुहल्ले में पसर चुका है रिफिलिंग का अवैध धंधा

पकड़े जाने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई औरंगाबाद सदर : शहर में गैस रिफलिंग का धंधा खूब चल रहा है. बड़े सिलिंडरों से लोग छोटे सिलिंडरों में गैस रिफिल कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन ये तरीका कालाबाजारी को जन्म दे रहा है. यही कारण है कि इस आसान धंधे ने लोगों को […]

विज्ञापन
पकड़े जाने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई
औरंगाबाद सदर : शहर में गैस रिफलिंग का धंधा खूब चल रहा है. बड़े सिलिंडरों से लोग छोटे सिलिंडरों में गैस रिफिल कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं, लेकिन ये तरीका कालाबाजारी को जन्म दे रहा है. यही कारण है कि इस आसान धंधे ने लोगों को इतना आकर्षित किया कि अब तो हर गली-मुहल्ले में ये धंधा पांव पसार चुका है और बड़े गैस सिलिंडर से छोटे सिलिंडर में रिफलिंग की जा रही है. पांच किलो का बिना सर्टिफाइड सिलिंडर भी धड़ल्ले से बिक रहा है.
बिना मानकवाले ये सिलिंडर खाना बनाते वक्त या फिर यूं ही रखे हुए, कब धोखा दे जायें, यह किसी को नहीं मालूम. लेकिन, फिर भी लोग ये सब जानते हुए भी खतरा मोल ले रहे है. छोटे सिलिंडरों की बढ़ती खपत और जरूरतो को देखते हुए पेट्रोलियम कंपनियां एवं एलपीजी गैस एजेंसियां इसे उपलब्ध कराने लगी हैं. लेकिन, अब तक पेट्रोल पंपों पर ये छोटे सिलिंडर उपलब्ध नहीं दिख रहे. नतीजा यह है कि लोग अवैध सिलिंडरों का इस्तेमाल कर रहे हैं.
लॉज व हॉस्टलों में खूब हो रहा इस्तेमाल : छोटे सिलिंडर का उपयोग घर में लोग तो करते ही हैं, लेकिन सबसे ज्यादा इसका उपयोग छात्र-छात्राएं करती हैं. ऐसे छात्र-छात्राएं जो लॉज, होस्टल या किराये का कमरा लेकर कहीं रह रहे हैं, वे खाना पकाने में इस छोटे सिलिंडर का उपयोग करते हैं.
अवैध सिलिंडरों का इस्तेमाल गैरकानूनी : खुले बाजार में बिकनेवाले छोटे साइज के एलपीजी सिलिंडर पूरी तरह अवैध हैं. ऐसे सिलिंडरों का इस्तेमाल एलपीजी की रिफिलिंग के लिए नहीं किया जा सकता है. ऐसा करनेवाले पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी है.
वैध सिलिंडर पर बीमा का है प्रावधान : जान माल की सुरक्षा हेतु एजेंसी में उपलब्ध गैस सिलिंडर को खरीदने में एक नहीं कई फायदे हैं. पब्लिक लायबिलिटी पॉलिसी के अंतर्गत सिलिंडरधारक की दुर्घटना पर मुआवजा का प्रावधान दिया गया है. मृत्यु होने पर प्रति व्यक्ति छह लाख रुपये, दुर्घटना होने पर चिकित्सा कवर के रूप में इलाज का खर्च बीमा कंपनी से देय होता है. इसके अलावे संपत्ति क्षति पर भी मुआवजे का प्रावधान है.
खुल कर बिक रहे बिना मानकवाले छोटे सिलेंडर
शहर के दर्जन भर इलाके ऐसे हैं, जहां बिना मानकवाले छोटे गैस सिलिंडर की बिक्री होती है और गैस की कालाबाजारी भी. महावीर मंदिर काली क्लब रोड, धर्मशाला चौक, महाराजगंज रोड इनमें प्रमुख हैं. जहां छोटे सिलिंडर बिकते भी दिख जाते हैं और अवैध रूप से रिफलिंग भी होती है. इस पर प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही. खास बात यह है कि ऐसे एलपीजी सिलिंडरों की बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध है. लेकिन, इसकी काट के लिए अधिकतर अवैध सिलिंडरों पर नॉट फॉर एलपीजी/डॉमेस्टिक यूज लिखा होता है.
वैध सिलिंडर लेने में इतना है खर्च
गैस सिलेंडर -920 रुपये
रेग्यूलेटर-172 रुपये
गैस पांच किलो-375 रुपये
चूल्हा-400 रुपये से शुरू
सुरक्षा पाइप-200 रुपये
कागजात- कोई एक पहचान पत्र
गैस एजेंसियों में उपलब्ध हैं वैध छोटे सिलिंडर
अब पेट्रोलियम कंपनियां पांच किलोवाला छोटा सिलिंडर गैस एजेंसियों उपलब्ध करा रही हैं. इसका कनेक्शन लेना बिल्कुल आसान है. पहली बार में यह भले ही थोड़ा महंगा पड़े, लेकिन दुबारा रिफलिंग के वक्त काफी सस्ता पड़ता है. गैस एजेंसी में पिछले दो महीने से यह सिलिंडर उपलब्ध है.
इसे खरीदना बेहद आसान है. सिर्फ पहचानपत्र पर पांच किलो का गैस सिलिंडर उपभोक्ताओं को उपलब्ध करा दिया जा रहा है. इसे लेने में खर्च भी बहुत ज्यादा नहीं है. साथ ही, यह पूरी तरह सुरक्षित भी है.
संजय कुमार झा, प्रबंधक सबेरा गैस एजेंसी
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन