ePaper

चैती छठ के लिए घाटों की सफाई शुरू

Updated at : 16 Mar 2018 4:30 AM (IST)
विज्ञापन
चैती छठ के लिए घाटों की सफाई शुरू

कुर्था अरवल : लोक आस्था का चार दिवसीय महान पर्व चैती छठ अनुष्ठान में अभी मात्र कुछ ही दिन बचे हैं. इसको लेकर प्रखंड क्षेत्र के कुर्था, मानिकपुर , मोतेपुर समेत भिन्न-भिन्न गांव के सूर्य मंदिर परिसरों को व छठ घाट की साफ-सफाई का दौर शुरू हो गया है. कुर्था सूर्य मंदिर कमेटी के सदस्यों […]

विज्ञापन

कुर्था अरवल : लोक आस्था का चार दिवसीय महान पर्व चैती छठ अनुष्ठान में अभी मात्र कुछ ही दिन बचे हैं. इसको लेकर प्रखंड क्षेत्र के कुर्था, मानिकपुर , मोतेपुर समेत भिन्न-भिन्न गांव के सूर्य मंदिर परिसरों को व छठ घाट की साफ-सफाई का दौर शुरू हो गया है. कुर्था सूर्य मंदिर कमेटी के सदस्यों द्वारा छठ घाटों की साफ-सफाई व पंचतीर्थ धाम की छठ पूजा कमेटी के सदस्यों द्वारा घाटों की साफ -सफाई व मंदिरों के रंगरोगन का कार्य प्रारंभ हो गया है.

वहीं छठ व्रतियों को भिन्न -भिन्न प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंदिर कमेटियों द्वारा तरह-तरह के कार्य प्रारंभ किये जा रहे हैं. वहीं प्रखंड के अधिकारियों द्वारा भिन्न-भिन्न घाटों का निरीक्षण भी किया जा रहा है. बताते चलें कि आगामी 21 मार्च यानी बुधवार से शुरू होने वाले छठ व्रत की तैयारी अभी से शुरू हो गयी है. साथ ही व्रतियों के लिए घाटों का भी निरीक्षण शुरू हो गया है. 21 को नहाय-खाय के साथ शुरू हुए व्रत 24 को उदीयमान सूर्य के अर्घ्य के साथ समापन होगा.

चैती छठ के सभी घाटों का साफ -सफाई की तैयारी अभी से ही शुरू हो गयी है.
बच्चों की रक्षा से जुड़ा है छठ महापर्व का अनुष्ठान
शिक्षाविद पंडित प्रभाकर शर्मा शास्त्री के मुताबिक छठ पर्व का अनुष्ठान बच्चों की रक्षा से जुड़ा है, जिस प्रकार से बच्चे के जन्म के बाद उसकी छठी मनायी जाती है, ठीक उसी प्रकार सूर्य की शक्ति के समक्ष बच्चों की रक्षा की जाती है. उक्त व्रत के वैज्ञानिक महत्व है. भारत में दो बार छठ व्रत मनाया जाता है. दोनों ही नये ऋतु के आगमन से जुड़ा है. कार्तिक मास में शरद ऋतु की शुरुआत होती है तो चैत में बसंत ऋतु की शुरुआत होती है, तो दूसरे में गर्मी के बदलते मौसम में छठव्रत किया जाता है. इन दोनों ऋतुओं में रोगों का प्रकोप बढ़ जाता है. इसे शांत करने के लिए सूर्य की आराधना की जाती है, जो प्राकृतिक प्रदत्त पूजा है.
पूजा में मौजूद सभी सामग्रियां प्रकृति से जुड़ी होती हैं ताकि रोगों से लड़ने की शक्ति प्रदान हो सके.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन