गड़हनी.
स्थानीय नगर पंचायत गड़हनी बाजार पर बिना रजिस्ट्रेशन के दर्जनों क्लिनिक चल रहे हैं. अवैध क्लिनिक चलाने वालों पर स्वास्थ्य विभाग ने जून, 2025 में लगाम लगाने को लेकर गड़हनी बाजार पर जिले से टीम बनाकर छापेमारी की थी. इस दौरान कई अवैध क्लिनिकों को सील भी किया गया था, जबकि बाकी लोग बंद कर फरार हो गये थे. लगातार कई दिनों तक रुक-रुक कर छापेमारी की गयी थी. छापेमारी के डर से करीब एक माह तक बाजार में अवैध क्लिनिक नहीं खुले थे, लेकिन अब फिर से खुलेआम क्लिनिक खोलकर मरीजों का इलाज कर रहे हैं. कई लोग मेडिकल हॉल की आड़ में मरीजों का इलाज कर रहे हैं. मेडिकल दुकान पर इलाज कराने को लेकर मरीजों की लाइन लगी रहती है. गड़हनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने भी सभी अवैध क्लिनिक वालों को नहीं खोलने के लिए चेतावनी दी थी. साथ ही बताया गया था कि यदि अब किसी मरीज को इलाज करते पकड़े जायेंगे तो कार्रवाई की जायेगी. वहीं इस संबंध में जिला से सीएस के द्वारा भी एक आदेश दिया गया था की जिसको क्लिनिक चलाना है, वह रजिस्ट्रेशन करा ले. रजिस्ट्रेशन के लिए कुछ प्रक्रिया है, जिसे पूरा करना जरूरी है, लेकिन अभी तक एक भी व्यक्ति अपने क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है और अवैध तरीके से चला रहे है. बता दे कि गड़हनी बाजार पर पिछले दो तीन सालों में अवैध क्लिनिक में इलाज के दौरान कई लोगों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन पैसे देकर मामले को दबा दिया गया. जिले में लगातार हो रही इस तरह की घटनाओं के कारण स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी कर क्लिनिक बंद कराने का निर्णय लिया था, लेकिन सफलता नहीं मिली. इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ सुनील महेंद्र कपूर ने कहा कि सभी ग्रामीण चिकित्सकों को सिर्फ प्राथमिक उपचार करने को बोला गया है. कोई क्लिनिक वाले यदि चीर- फाड़ या भर्ती कर इलाज करते पकड़े जायेंगे ,तो कार्रवाई कि जायेगी. सभी का सर्वे कर रिपोर्ट जिला में भेज दिया गया है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

