भोजपुर : कोईलवर में भूमि विवाद के 7 मामलों की सुनवाई, 4 का मौके पर ही हुआ निष्पादन
सुनवाई करते अंचलाधिकारी | Prabhat Khabar Network
बिहार सरकार की भूमि विवाद समाधान पहल के तहत कोईलवर अंचल में 7 मामलों की सुनवाई हुई. इनमें से 4 मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जिससे लोगों को त्वरित न्याय मिला. शेष 3 मामलों में आगे की कार्रवाई के लिए स्थल निरीक्षण रिपोर्ट मांगी गई है.
भूमि विवाद से जुड़े मामलों के त्वरित एवं निष्पक्ष निष्पादन को लेकर बिहार सरकार की पहल के तहत शनिवार को कोईलवर अंचल कार्यालय में भूमि विवाद मामलों की सुनवाई की गयी. अंचलाधिकारी उदय प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित सुनवाई के दौरान कोईलवर, चांदी, गीधा और बबुरा क्षेत्र से संबंधित कुल सात मामले प्रस्तुत किये गये.
इनमें चार मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया. वहीं, शेष तीन मामलों में स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश संबंधित राजस्व कर्मचारियों को दिया गया.
बिसुनपुर गांव के जमीन विवाद में मापी का आदेश
सुनवाई के दौरान चांदी थाना क्षेत्र के बिसुनपुर गांव निवासी प्रमोद कुमार ने विनोद कुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज करायी. प्रथम पक्ष का आरोप था कि दूसरे पक्ष द्वारा उसकी जमीन में घर की सीढ़ी का निर्माण कराया जा रहा है.
मामले की सुनवाई के बाद अंचलाधिकारी ने सरकारी स्तर से जमीन की मापी कराने का आदेश दिया. वहीं, दूसरे पक्ष के विनोद कुमार ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि सरकारी मापी में यदि सीढ़ी दूसरे पक्ष की जमीन में पायी जाती है, तो वह उसे हटा देंगे. अब सरकारी मापी की रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जायेगी.
आरा न्यायालय में लंबित टाइटल सूट का मामला
वहीं, दूसरे मामले में प्रथम पक्ष के जुनूनधारी सिंह और दूसरे पक्ष के अंगद सिंह के बीच जमीन के स्वामित्व को लेकर विवाद सामने आया. दोनों पक्षों की ओर से रिविजनल और कैडस्ट्रल खतियान के आधार पर जमीन पर दावा किया गया. सुनवाई के दौरान सामने आया कि दूसरे पक्ष ने पुराने खतियान के आधार पर जमीन की खरीद की थी.
जांच में यह भी पता चला कि उक्त जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच आरा न्यायालय में टाइटल सूट संख्या 439/20 लंबित है. इसे देखते हुए न्यायालय का फैसला आने तक दोनों पक्षों को शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाये रखने का निर्देश दिया गया.
सीओ का बयान और पारदर्शी निष्पादन की पहल
अंचलाधिकारी उदय प्रताप सिंह ने बताया कि भूमि विवाद से जुड़े मामलों के त्वरित एवं निष्पक्ष निष्पादन के लिए अंचल स्तर पर नियमित रूप से सुनवाई की जा रही है. शनिवार को कुल सात मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें चार मामलों का निष्पादन कर दिया गया.
शेष तीन मामलों में संबंधित राजस्व कर्मचारियों को स्थल निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद अगली तिथि पर पुनः सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामलों का अंतिम निष्पादन किया जायेगा.
उन्होंने कहा कि भूमि विवाद के मामलों में सभी पक्षों को पारदर्शी तरीके से अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है. राजस्व अभिलेखों, स्थल जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, ताकि भूमि विवादों का स्थायी समाधान हो सके और अनावश्यक विवाद को बढ़ने से रोका जा सके.
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