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मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में लगायी आस्था की डुबकी

Updated at : 15 Jan 2026 6:15 PM (IST)
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मकर संक्रांति पर श्रद्धालुओं ने गंगा नदी में लगायी आस्था की डुबकी

गंगा स्नान के लिए लोग सुबह ही घाटों पर पहुंचा कर दिये थे शुरू

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बड़हरा.

मकर संक्रांति पर्व पर गंगा स्नान के लिए बड़हरा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गंगा नदी घाटों पर सुबह पांच बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ गयी थी. इस बार स्नान करने के लिए सबसे अधिक गंगा पार महुली घाट (खवासपुर) में श्रद्धालुओं की भीड़ रही.

लोग गंगा नदी में आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना, सूर्य उपासना, दान-पुण्य कर तिलकुट ग्रहण किया. वहीं बच्चों ने नदी घाटों पर मेले का आनंद लिया. प्रखंड के सिन्हा, महुली, बलुआ, केशोपुर, बबुरा, खवासपुर समेत अन्य घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला गुरुवार अहले सुबह से शुरू हो गया जो शाम तक जारी रहा. मकर संक्रांति को लेकर क्षेत्र में पूरे दिन उत्सव का माहौल बना रहा. इस दिन लोग सुबह स्नान करने के बाद अग्निदेव व सूर्यदेव की पूजा किये. वहीं, मंदिरों में ब्राह्मणों और गरीबों को दान दिये. इसके बाद तिल के लड्डू, खिचड़ी और पकवानों की मिठास के साथ मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया.

मान्यतासाधु संतों व आचार्यों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं. एक राशि को छोड़कर दूसरे राशि में प्रवेश करने की इस विस्थापन क्रिया को सक्रांति कहा जाता है. ज्योतिषगणना के अनुसार मकर सक्रांति से ही सूर्य उत्तरायण होते हैं. पौराणिक कथाओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गंगा नदी भगीरथ के पीछे-पीछे चलकर कपिल मुनि के आश्रम से होते हुई सागर में जा मिली थीं. इसीलिए मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान का भी विशेष महत्व है. आचार्य व साधु-संतों के अनुसार मकर संक्रांति को मौसम में बदलाव का सूचक भी माना जाता है. ऐसा भी माना जाता है इस दिन सूर्य देव नाराजगी भूलकर अपने पुत्र शनिदेव के घर गये थे. सुरक्षा के किये गये थे विशेष इंतजामश्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली थीं. प्रमुख घाटों पर पुलिस बल, गोताखोर व एसडीआरएफ की तैनाती देखने को मिली. गोताखोरों की व्यवस्था, बैरिकेडिंग, नावों की निगरानी तथा भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किये गये थे. महुली घाट पीपापुल पर पुलिस की तैनाती से जाम नहीं लगा. वहीं, खवासपुर भागड़पुल पर लोगों को भारी जाम का सामना करना पड़ा. अंचल और प्रखंड प्रशासन की अधिकारियों व कर्मियों की ड्यूटी लगायी गयी है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके. महुली घाट पर मजिस्ट्रेट मृत्युंजय मिश्रा (सीआइ), राजस्व कर्मचारी सुमित कुमार, खवासपुर में राजस्व कर्मचारी विनय कुमार, सिन्हा थाना, खवासपुर थाना, कृष्णागढ़ थाना पुलिस अपने-अपने क्षेत्र में तैनात थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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DEVENDRA DUBEY

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DEVENDRA DUBEY is a contributor at Prabhat Khabar.

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