Chhath 2024: इन छठ घाटों पर काफी संख्या में पहुंचते हैं छठ व्रती, पर्व में रह गए हैं महज 20 दिन
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 15 Oct 2024 6:52 PM
Chhath 2024: छठ व्रत के पहले प्रशासन को छठ घाटों की सफाई सहित अन्य तरह की व्यवस्था करनी होगी, ताकि छठ व्रतियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो.
Chhath 2024: इस वर्ष आरा के 11 से अधिक छठ घाटों पर व्रती भगवान सूर्य को अर्घ देंगे. हालांकि पूर्व में आरा में लगभग 20 छठ घाट थे, लेकिन अतिक्रमण के कारण अब केवल 11 बच गये हैं. लोक आस्था का महापर्व जिले के लिए महत्वपूर्ण पर्व में से एक है. छठ में सफाई एवं शुद्धता का काफी महत्व होता है.
प्रशासन को करनी होगी व्यवस्था
छठ व्रत के पहले प्रशासन को छठ घाटों की सफाई सहित अन्य तरह की व्यवस्था करनी होगी, ताकि छठ व्रतियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो. छठ घाटों तक जानेवाली सड़कों की मरम्मत छठ घाटों पर प्रकाश की व्यवस्था एवं अन्य तरह की व्यवस्था करनी होगी .वहीं सभी मोहल्लों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों की बैठक कर उनसे भी सहयोग लेनी पड़ेगी.छठव्रतियों को सुविधाजनक तरीके से छठ व्रत संपन्न करने में किसी तरह की असुविधा नहीं हो. वहीं सूखे हुए तालाबों में पानी की व्यवस्था भी प्रशासन को करनी होगी.

इन छठ घाटों पर काफी संख्या में पहुंचते हैं छठ व्रती
कलेक्ट्रेट छठ घाट
कलेक्ट्रेट छठ घाट नगर के महत्वपूर्ण छठ घाटों में एक है. इस छठ घाट पर काफी संख्या में छठ व्रती एकत्र होते हैं तथा भगवान सूर्य को अर्घ देते हैं. छठ घाट पर बाबू बाजार, मौला बाग, हरि जी का हाता ,महावीर टोला, गोला मोहल्ला, तरी मोहल्ला ,चौधरियाना सहित कई मोहल्ले के छठ व्रती पहुंचते हैं. इससे इस छठ घाट पर काफी भीड़ होती है.
गांगी छठ घाट
गांगी छठ घाट भी नगर के प्रमुख छठ घाटों में है. इस छठ घाट पर भी काफी संख्या में छठ व्रती पहुंचते हैं तथा छठ व्रत को संपन्न करते हैं.गांगी नदी के किनारे स्थित छठ घाट पर कई मोहल्लों के लोग पहुंचते हैं. इस कारण काफी भीड़ की स्थिति बनती है. जिन मोहल्लों के छठ व्रती इस घाट पर पहुंचते हैं, उनमें गौसगंज, मीरगंज, सिंगही, छोटी सिंगही,सतपहाड़ी आदि मोहल्ले शामिल हैं.

नहर छठ घाट
आरा डिहरी मेन केनाल में आरा लख से धनुपरा तक लगभग चार छठ घाट बनाए जाते हैं.इन छठ घाटों पर काफी संख्या में छठ व्रती पहुंचते हैं. इनमें अहीरपुरवा, नवादा, बहिरो, शिवपुर, आनंद नगर ,धरहरा सहित एक दर्जन से अधिक मोहल्ले शामिल हैं.
पावरगंज छठ घाट
पावरगंज छठ घाट पर भी काफी संख्या में छठ व्रतियों की भीड़ होती है.इस छठ घाट पर तीन से चार मोहल्ले के छठ व्रती पहुंचते हैं तथा छठ व्रत करते हैं.

नवीन पुलिस केंद्र छठ घाट पर जुटते हैं कई मोहल्लों के छठ व्रती
नवीन पुलिस केंद्र छठ घाट पर भी कई मोहल्लों के छठ व्रती छठ व्रत को लेकर पहुंचते हैं.काफी संख्या में भीड़ होती है. इन मोहल्ले में वशिष्ठ नगर ,वशिष्ठ पुरी ,महाराणा प्रताप नगर, रामनगर ,कश्यप नगर सहित लगभग एक दर्जन छोटे बड़े मोहल्ले के छठ व्रती पहुंचते हैं.
चंदवा सूर्य मंदिर छठ घाट
नगर के प्रमुख छठ घाट में से एक चंदवा सूर्य मंदिर छठ घाट पर भी काफी संख्या में छठ व्रत करने को लेकर छठ व्रती पहुंचते हैं तथा भगवान सूर्य को अर्घ देते हैं. इस छठ घाट पर चंदवा, अवधपुरी, कृष्णा नगर, रामनगर आदि मोहल्ले के लोग छठ व्रत करने को लेकर पहुंचते हैं.
पिछले वर्ष प्रशासन ने जिले में किये थे खतरनाक छठ घाटों को चिह्नित
नगर में प्रशासन द्वारा इन छठ घाटों को चिह्नित किया गया है खतरनाक छठ घाट. इसमें गांगी छठ घाट ,कलेक्ट्रेट तालाब छठ घाट ,पावरगंज छठ घाट.वहीं आरा सदर अनुमंडल में नगर के साथ 34 छठ घाटों को खतरनाक चिन्हित किया गया है. जिले में कुल 100 से अधिक छठ घाट हैं. आरा सदर अनुमंडल में खतरनाक छठ घाटों में कोईलवर प्रखंड के कोईलवर में टीवी सेनिटोरियम छठ घाट, बहियारा सूर्य मंदिर छठ घाट है.

संदेश प्रखंड में : चिल्हौस रेपुरा छठ घाट, नानसागर छठ घाट, संदेश मंदिर छठ घाट, खोलपुर छठ घाट,
सहार प्रखंड में : सहार छठ घाट, धौरी छठ घाट ,खैरा छठ घाट ,अंधारी छठ घाट, पेउर छठ घाट ,बरुही छठ घाट
बड़हरा प्रखंड में : महुली छठ घाट ,मौजमपुर छठ घाट ,सोहरा छठ घाट, बलुआं छठ घाट, केवटिया छठ घाट ,पीपरा छठ घाट, मंझौली छठ घाट, हेमतपुर छठ घाट, सिन्हा छठ घाट, नेकनाम टोला छठ घाट, नथमलपुर छठ घाट, केशोपुर छठ घाट, बड़हरा छठ घाट ,एकौना छठ घाट ,बबुरा छठ घाट
गड़हनी प्रखंड में : शिवपुर छठ घाट,गड़हनी बाजार छठ घाट
अगिआंव प्रखंड में : मड़नपुर छठ घाट
उदवंतनगर प्रखंड में : बेलाउर छठ घाट
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परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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