सीएम सम्राट की चेतावनी के बाद बिहार में बुलडोजर एक्शन शुरू, आरा में 146 लोगों को नोटिस

सांकेतिक तस्वीर
Bihar News: आरा में अतिक्रमण हटाने को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है. सड़क और नाला निर्माण के लिए कई घरों पर कार्रवाई की तैयारी है, जिससे लोगों में डर और नाराजगी दोनों देखने को मिल रही है.
Bihar News: बिहार के आरा में अतिक्रमण के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. नगर निगम क्षेत्र के चंदवा मोड़ से पुरानी पुलिस लाइन तक बनने वाली फोर लेन सड़क और नाले के निर्माण को लेकर प्रशासन ने करीब एक दर्जन घरों को तोड़ने की तैयारी कर ली है.
प्रशासन ने 146 लोगों को नोटिस जारी कर 27 अप्रैल 2026 को अंचलाधिकारी, आरा के न्यायालय में उपस्थित होने का निर्देश दिया है. नोटिस के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और इससे प्रभावित परिवारों में बेघर होने का डर बढ़ गया है.
एक दर्जन से अधिक घर काम में बने बाधा
दरअसल, इस परियोजना का काम पहले से चल रहा है. चंदवा मोड़ से मौलाबाग तक नाले का निर्माण किसी तरह किया गया, लेकिन आगे कई मकान बीच में आ रहे हैं. मौलाबाग इलाके में एक दर्जन से अधिक घर निर्माण कार्य में बाधा बने हुए हैं. जब तक इन अतिक्रमणों को हटाया नहीं जाएगा, तब तक सड़क और नाला निर्माण पूरा होना संभव नहीं है.
यह परियोजना उन योजनाओं में शामिल है, जिनका शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दौरे के दौरान हुआ था.
सीएम ने कहा- अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
राज्य में अतिक्रमण के खिलाफ तेज हो रही कार्रवाई ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है. आज ही मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर के तारापुर में एक कार्यक्रम के दौरान साफ कहा कि राज्य में किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने यहां तक कहा कि जब मेरा घर टूट सकता है, तो अतिक्रमण करने वाले किसी का भी नहीं बचेगा. उन्होंने सरकारी जमीन पर बने हर अवैध निर्माण को हटाने की बात कही.
एक हफ्ते में बढ़ी कार्रवाई, कई जिले चर्चा में
पिछले एक हफ्ते में राज्य के कई जिलों में अतिक्रमण हटाने को लेकर कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं. आरा के अलावा पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर और छपरा जैसे जिलों में भी सड़क चौड़ीकरण, नाला निर्माण और सरकारी जमीन खाली कराने को लेकर अभियान चलाया गया है.
लोगों में नाराजगी, पक्षपात के आरोप
इधर, प्रभावित इलाकों में लोगों की नाराजगी भी बढ़ती दिख रही है. कई स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्रवाई में पक्षपात हो रहा है और चुनिंदा लोगों को ही निशाना बनाया जा रहा है. वहीं, कई परिवारों के सामने घर छिनने का खतरा खड़ा हो गया है, जिससे उनमें डर और असंतोष का माहौल है.
फिलहाल, प्रशासन ने सभी नोटिसधारियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया है. सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि किन-किन घरों पर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.
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