भोजपुर DM के ट्रांसफर आदेश की अनदेखी, 5 दिन बाद भी पुराने कार्यालय में जमे कर्मचारी, नए कार्यस्थल पर नहीं किया जॉइन

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भोजपुर DM के ट्रांसफर आदेश की अनदेखी, 5 दिन बाद भी पुराने कार्यालय में जमे कर्मचारी, नए कार्यस्थल पर नहीं किया जॉइन

Bhojpur Employee Transfer : भोजपुर में जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया द्वारा लगभग 150 कर्मचारियों का स्थानांतरण किए जाने के पांच दिन बाद भी कई कर्मचारियों ने अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं दिया है. इसे लेकर स्थानांतरण नियमावली के पालन पर सवाल उठ रहे हैं.

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Bhojpur Employee Transfer : भोजपुर में जिलाधिकारी तनय सुल्तानिया द्वारा लगभग 150 कर्मचारियों का स्थानांतरण किए जाने के पांच दिन बाद भी कई कर्मचारियों ने अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं दिया है. इसे लेकर स्थानांतरण नियमावली के पालन पर सवाल उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि यदि जिलाधिकारी के आदेश का ही पालन नहीं हो रहा है, तो आम जनता की समस्याओं का समाधान कैसे होगा.

5 दिन बाद भी नए स्थान पर नहीं पहुंचे कर्मचारी

जिलाधिकारी के आदेश के बावजूद कई कर्मचारियों ने अब तक अपने नए कार्यस्थल पर योगदान नहीं किया है. इससे प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानांतरण प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि आदेश जारी होने के बाद भी यदि कर्मचारी पुराने स्थान पर बने रहते हैं, तो नियमों का उद्देश्य ही समाप्त हो जाता है.

Bhojpur News: चुनाव आयोग और सरकार के निर्देशों की भी अनदेखी

चुनाव आयोग और राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, कर्मचारियों का तीन वर्ष के बाद स्थानांतरण किया जाना चाहिए, ताकि प्रशासनिक पारदर्शिता बनी रहे. लेकिन जिले में कई कर्मचारी वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं. ऐसे में स्थानांतरण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

Arrah News : डेपुटेशन के नाम पर पुराने स्थान पर ही तैनाती

स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्थानांतरण के बाद भी कई कर्मचारियों को डेपुटेशन के नाम पर फिर उसी कार्यालय में कार्य करने की अनुमति मिल जाती है. इससे स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है. लोगों का कहना है कि यदि कर्मचारी पुराने स्थान पर ही बने रहेंगे, तो तबादले का कोई औचित्य नहीं रह जाएगा.

15-15 वर्षों से एक ही जगह जमे हैं कर्मचारी

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिले में कई कर्मचारी 15-15 वर्षों से एक ही कार्यालय या विभाग में कार्यरत हैं. मौलाबाग निवासी अवध बिहारी प्रसाद ने कहा कि इतने लंबे समय तक एक ही स्थान पर बने रहने के पीछे क्या कारण है, इसकी जांच होनी चाहिए. वहीं शिवगंज के कौशल कुमार का आरोप है कि वर्षों से एक ही जगह तैनात कर्मचारी आम लोगों से काम के बदले अवैध वसूली करते हैं.

लोगों ने नियमों के सख्ती से पालन की उठाई मांग

जिलेवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि स्थानांतरण आदेश का सख्ती से पालन कराया जाए. जो कर्मचारी निर्धारित समय के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान नहीं देते हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि स्थानांतरण नीति का उद्देश्य पूरा हो सके.

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