आरा में लापता दलित युवक केस में हाईकोर्ट का आया आदेश, 2 ASI समेत 6 गिरफ्तार

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High Court

Bhojpur Dalit Youth Missing Case : भोजपुर में लापता दलित युवक सनोज कुमार मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है. उत्पाद विभाग के 2 एएसआई, 3 होमगार्ड और एक चालक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया. हाई कोर्ट के निर्देश के बाद जांच तेज हुई. पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर युवक की तलाश में जुटी है.

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Bhojpur Dalit Youth Missing Case : आरा भोजपुर जिले में दस महीने से लापता दलित युवक सनोज कुमार के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्पाद विभाग के दो एएसआई, तीन होमगार्ड और एक निजी चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. हाई कोर्ट की सख्ती के बाद यह कार्रवाई तेज हुई और बुधवार को सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

गिरफ्तार किए गए पुलिसकर्मियों में एएसआई (ASI) धीरज कुमार सिंह और राज कुमार शामिल हैं. वहीं होमगार्ड जवानों में राजू सिंह, उमेश यादव और धर्मेंद्र पासवान के अलावा निजी चालक विकास सिंह को भी जेल भेजा गया है. भोजपुर एसपी राज ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है.

हाई कोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई जांच

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भोजपुर एसपी के नेतृत्व में टीम गठित की गई. मंगलवार को संदिग्ध पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की गई. पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर बुधवार को सभी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया.

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जानकारी की अनुसार, गिरफ्तार सभी पुलिसकर्मी जगदीशपुर उत्पाद थाना में तैनात थे. एक अन्य संदिग्ध पुलिसकर्मी से भी पूछताछ जारी है, जिससे मामले में और खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है.

Dalit Youth : 13 अगस्त 2025 से लापता है युवक

जानकारी के अनुसार बिहिया थाना क्षेत्र के गंज गांव निवासी गौरी शंकर राम के पुत्र सनोज कुमार को 13 अगस्त 2025 को उत्पाद पुलिस ने पकड़ा था. इसके बाद से वह घर नहीं लौटा और अचानक लापता हो गया. परिजनों ने लगातार उसकी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. इस मामले को लेकर परिजनों ने न्याय के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया. हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और मामले की गंभीरता से जांच शुरू की गई.

Arrah News : पुलिस की कहानी पर उठे सवाल

उत्पाद विभाग का कहना है कि गिरफ्तार किए गए युवकों को वाहन से ले जाया जा रहा था. इसी दौरान बिहिया चौराहे पर जाम लगा और पीछे बैठा एक युवक दरवाजा खोलकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया. हालांकि इस दावे पर कई सवाल उठ रहे हैं. यदि युवक पुलिस हिरासत से भागा था तो तत्काल स्थानीय थाने में एफआईआर या सनहा क्यों दर्ज नहीं कराया गया? इसके अलावा सनोज का मोबाइल फोन पुलिस के कब्जे से कैसे बरामद हुआ, जबकि युवक कथित रूप से फरार बताया गया था. यही वजह है कि जांच एजेंसियां अब पूरे घटनाक्रम को संदेह की नजर से देख रही हैं.

Bhojpur Missing Case: भाई ने सुनाई आखिरी बातचीत

सनोज कुमार के भाई निरंजन कुमार ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद उनके भाई ने फोन कर कहा था कि आबकारी पुलिस ने उसे पकड़ लिया है. कुछ देर बाद दोबारा बात हुई तो वह रो रहा था और उसने कहा कि बार-बार फोन मत करो, पुलिस बहुत मार रही है. इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और फिर उससे कोई संपर्क नहीं हो सका. परिजनों का कहना है कि काफी तलाश के बाद भी जब सनोज का कोई सुराग नहीं मिला तो उन्होंने पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद परिवार ने पटना हाईकोर्ट का रुख किया.

तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों पर जांच जारी

पुलिस अब सनोज कुमार की तलाश में तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा ले रही है. कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य डिजिटल सबूतों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है. पुलिस का दावा है कि जल्द ही युवक के संबंध में अहम जानकारी सामने आ सकती है.

परिजनों को न्याय की उम्मीद

इस पूरे मामले में कार्रवाई होने के बाद परिजनों को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है. लंबे समय से अपने बेटे की तलाश में भटक रहे परिवार के लिए यह कार्रवाई एक बड़ी राहत मानी जा रही है.

भोजपुर पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानून व्यवस्था के लिए अहम है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि किसी भी मामले में दोषी चाहे कोई भी हो, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सनोज कुमार का सुराग कब तक मिलता है और इस मामले में आगे क्या खुलासा होता है.

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Ragini Sharma

लेखक के बारे में

By Ragini Sharma

वर्तमान में मैं, रागिनी शर्मा पटना स्थित प्रभात खबर डिजिटल की टीम के साथ कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हूं. यहां मैं बिहार के विभिन्न जिलों से जुड़ी अहम खबरों, राजनीतिक-सामाजिक मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर काम कर रही हूं. मेरा उद्देश्य हर खबर को सरल, सटीक और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत करना है, ताकि पाठक न सिर्फ जानकारी प्राप्त करें बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस करें और डिजिटल पत्रकारिता को और अधिक सार्थक बनाया जा सके.

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