आरा में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई बेअसर, फिर कब्जे में आने लगी सड़कें

Edited by Nikhil Anurag
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आरा में फिर कब्जे में आने लगी सड़कें

Arrah Encroachment News : आरा शहर में अतिक्रमण विरोधी अभियान के बावजूद गिरिजा मोड़ समेत कई स्थानों पर दोबारा अतिक्रमण होने लगा है. प्रशासन द्वारा हाल ही में हटाए गए कब्जों के बाद अतिक्रमणकारी फिर से आशियाना बना रहे हैं, जिससे अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं.

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Arrah Encroachment News : (नरेन्द्र प्रसाद सिंह की रिपोर्ट) नगर में लगातार अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. सरकार के निर्देश पर प्रशासन पूरी तैयारी के साथ सड़कों के किनारे से अतिक्रमण हटाने का प्रयास कर रहा है. बार-बार यह भी दावा किया जा रहा है कि यदि अतिक्रमणकारियों द्वारा फिर से उसी जगह पर अतिक्रमण किया जाएगा तो उन पर कार्रवाई की जाएगी और दोबारा अतिक्रमण हटाया जाएगा. लेकिन इसका प्रभाव अतिक्रमणकारियों पर नहीं पड़ रहा है.

गिरिजा मोड़ के पास दोबारा जम गए अतिक्रमणकारी

गिरिजा मोड़ के पास अभी अतिक्रमण हटाए एक सप्ताह भी नहीं हुए हैं कि अतिक्रमणकारियों द्वारा फिर से आशियाना बनाए जाने लगा है. वास्तव में अतिक्रमण हटाने के दूसरे दिन से ही यह प्रक्रिया शुरू हो गई थी. इसके बावजूद इन पर कार्रवाई नहीं की जा रही है.

प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं अतिक्रमणकारी

अतिक्रमणकारी प्रशासन पर भारी पड़ रहे हैं. प्रशासन के आदेश-निर्देश का उन पर कोई असर नहीं हो रहा है. इस कारण सड़कों की स्थिति फिर से दयनीय हो रही है. अतिक्रमणकारी प्रशासन के आदेश को धता बता रहे हैं.

इन जगहों पर फिर से बन गया है आशियाना

नगर के गिरिजा मोड़, पश्चिमी ओवरब्रिज के नीचे सहित कई जगहों पर अतिक्रमणकारियों ने फिर से आशियाना बना लिया है. इससे अतिक्रमण हटाओ अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े होने लगे हैं.

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Nikhil Anurag

लेखक के बारे में

By Nikhil Anurag

मूलतः निखिल अनुराग. पेशे से पत्रकार. बुद्ध की धरती पर जन्म. बिहार का सबसे नवीनतम जिला (अरवल) से ताल्लुक. पढ़ाई की शुरूआत गांव से ही. फिर पलायन कर गंगा के तट पटना पहुंचा. ज्ञान की धरती से कुछ तालीम हासिल कर राष्ट्रीय राजधानी की ओर कूच. पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट ( माखनलाल पत्रकारिता विश्वविद्यालय). नोएडा की धरती पर विद्वतजन से कुछ न कुछ सीखा. करंट अफ़ेयर्स, राजनीति, खेल, अंतरराष्ट्रीय संबंध, गाँव, खेत-किसान पसंदीदा टॉपिक. स्कूल, कॉलेज युनिवर्सिटी में यूथ से गपशप करना एनर्जी का अतिरिक्त स्रोत. साल 2020 में नोएडा से शुरू हुई इस लेखन यात्रा कलम, डेस्कटॉप, लैपटॉप के की-बोर्ड से होते हुए स्मार्ट फोन तक पहुंच गयी. ज्यों-ज्यों उम्र बढ़ रही है, सीखने, पढ़ने, लिखने की भूख भी बढ़ रही है. नोएडा में टीवी न्यूज में काम करने के बाद हिंदुस्तान ग्रूप होते हुए बिहार, झारखंड की सबसे पसंदीदा अखबार प्रभात खबर में कार्यरत. हां एक बात और... पढ़ने-लिखने की जिज्ञासा कभी खत्म नहीं होगी. साहित्य में बेहद दिलचस्पी.

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