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विज्ञान का वास्तविक उद्देश्य समाज, राष्ट्र व विश्व का कल्याण

Updated at : 23 Sep 2025 11:29 PM (IST)
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विज्ञान का वास्तविक उद्देश्य समाज, राष्ट्र व विश्व का कल्याण

सरस्वती विद्या मंदिर में क्षेत्रीय विज्ञान मेला का हुआ शुभारंभ

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फारबिसगंज. विज्ञान वरदान है, तो विज्ञान अभिशाप भी है, इसलिए अति सर्वत्र वर्जयेत का पालन आवश्यक है. विज्ञान का वास्तविक उद्देश्य समाज, राष्ट्र व विश्व कल्याण में योगदान देना है. उक्त बातें विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्यालीराम ने क्षेत्रीय विज्ञान मेला के उद्घाटन सत्र में कही. उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि हमें केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि सृजनकर्ता वैज्ञानिक बनना है. कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि भगवद् गीता में पर्याप्त विज्ञान निहित है, जिसे समझकर जीवन व समाज को नई दिशा दी जा सकती है. भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ने का आह्वान किया गया. विद्या भारती हर वर्ष बाल वैज्ञानिकों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने व नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करने के लिए विज्ञान मेला का आयोजन करती है. इस मेले में छात्र-छात्राएं अपने वैज्ञानिक मॉडल व शोध प्रस्तुत करते हैं. जिससे उनकी प्रतिभा निखरती है. क्षेत्रीय विज्ञान मेला का शुभारंभ मुख्य अतिथि विद्या भारती बिहार के क्षेत्रीय संगठन मंत्री ख्यालीराम, विद्या भारती उत्तर बिहार के संरक्षक रामकुमार केसरी, प्रदेश अध्यक्ष रामप्रकाश प्रसाद, क्षेत्रीय विज्ञान प्रमुख राजाराम शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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PRAPHULL BHARTI

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By PRAPHULL BHARTI

PRAPHULL BHARTI is a contributor at Prabhat Khabar.

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