घुटने भर पानी में तैरकर कॉलेज जाने को मजबूर छात्र-छात्राएं, जर्जर सड़क दे रही हादसों को न्योता

महथावा स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय जाने वाले जलमग्न मार्ग से होकर गुजरते छात्र-छात्राएं | Prabhat Khabar Network
भरगामा प्रखंड के महथावा में जलजमाव ने कॉलेज मार्ग को दीपावली बना दिया है. सैकड़ों छात्र-छात्राओं को घुटनों तक पानी से होकर कॉलेज पहुंचना पड़ रहा है, जिससे वे चोटिल हो रहे हैं और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. खासकर छात्राओं को भारी शर्मिंदगी और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
भरगामा प्रखंड के महथावा स्थित राजकीय डिग्री महाविद्यालय और श्री दरबारी राय उच्च विद्यालय को जोड़ने वाला मुख्य संपर्क मार्ग इन दिनों पूरी तरह जलमग्न हो चुका है. मानसूनी बारिश के बाद सड़क पर हफ्तों से जलजमाव की स्थिति बनी हुई है, जिससे प्रतिदिन सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों को भारी फजीहत और सुरक्षा के खतरों का सामना करना पड़ रहा है.
कंधे पर बैग और घुटनों तक पानी, फिसलकर चोटिल हो रहे छात्र
महथावा स्थित ये दोनों शिक्षण संस्थान क्षेत्र के बड़े और प्रमुख केंद्र हैं, जहां रोजाना भारी संख्या में विद्यार्थी पहुंचते हैं. वर्तमान में बदहाल सड़क की स्थिति यह है कि छात्रों को अपने बैग कंधे पर टांगकर और कपड़े समेटकर गंदे पानी के बीच से पैदल गुजरना पड़ता है. जलजमाव के कारण सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढे पूरी तरह अदृश्य हो चुके हैं. इसके चलते आए दिन साइकिल सवार और पैदल चलने वाले छात्र-छात्राएं असंतुलित होकर गड्ढों में गिर रहे हैं, जिससे वे न केवल चोटिल हो रहे हैं बल्कि उनके कपड़े और किताबें भी खराब हो रही हैं.
छात्राओं को झेलनी पड़ रही है सबसे ज्यादा मानसिक और शारीरिक परेशानी
इस जलजमाव और बदइंतजामी का सबसे खौफनाक और शर्मनाक पहलू छात्राओं से जुड़ा है:
- शर्मिंदगी का सामना: गंदे पानी के बीच से गुजरने के दौरान कपड़े भीगने और कीचड़ में फिसलने के डर से छात्राओं को भारी मानसिक परेशानी और शर्मिंदगी उठानी पड़ती है.
- बढ़ रही अनुपस्थिति: कई छात्राओं ने रोष जताते हुए कहा कि हर दिन इसी नारकीय स्थिति का सामना करते हुए उन्हें कॉलेज जाना पड़ता है. प्रशासनिक उदासीनता के कारण कई छात्राएं अब जलजमाव वाले दिनों में स्कूल-कॉलेज जाने से कतराने लगी हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है.
महज एक साल में ही उखड़ गई सड़क, जल निकासी के कोई इंतजाम नहीं
स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों में इस दुर्दशा को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ भारी आक्रोश है. ग्रामीणों का कहना है कि छात्रों की सुविधा के लिए महज एक वर्ष पूर्व ही इस पहुंच पथ (सड़क) का निर्माण कराया गया था, लेकिन ठेकेदार की लापरवाही और घटिया निर्माण सामग्री के कारण यह एक साल के भीतर ही पूरी तरह जर्जर हो गई. सबसे बड़ी लापरवाही यह है कि दो बड़े शिक्षण संस्थानों को जोड़ने वाले इस मुख्य मार्ग के दोनों तरफ जल निकासी (नाला निर्माण) की कोई व्यवस्था नहीं की गई, जिसके चलते हर साल बरसात में यहां टापू जैसा नजारा बन जाता है.
यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस रास्ते से होकर हमारे बच्चे उच्च शिक्षा का सपना लेकर कॉलेज जाते हैं, वह रास्ता खुद ही बदहाली के आंसू रो रहा है. जिला प्रशासन और स्थानीय प्रशासन तुरंत इस मामले का संज्ञान ले. हमारी मांग है कि अविलंब सड़क की मरम्मत कराई जाए, जल निकासी के लिए स्थाई नाले का निर्माण हो ताकि छात्रों को एक सुरक्षित और सुगम आवागमन का माहौल मिल सके.
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लेखक के बारे में
By राष्ट्रभूषण पिंटू
राष्ट्रभूषण पिंटू प्रिंट माध्यम में 12 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. भरगामा (अररिया) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.
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