मजदूर दिवस : कामगारों के लिए संचालित हैं तीन प्रमुख योजनाएं
Updated at : 01 May 2019 7:20 AM (IST)
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नौ हजार मजदूरों का हुआ निबंधन वार्षिक चिकित्सा लाभ योजना के तहत प्रति वर्ष तीन हजार रुपये की सुविधा दुर्घटना में मृत्यु पर एक लाख की सहायता, स्थायी अपंगता पर 75 हजार रुपये परवेज आलम, अररिया : मेहनत मजदूरी कर मनरेगा सहित अन्य क्षेत्रों में रोजी रोटी कमाने वाले कामगारों के लिए सरकार द्वारा तीन […]
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- नौ हजार मजदूरों का हुआ निबंधन
- वार्षिक चिकित्सा लाभ योजना के तहत प्रति वर्ष तीन हजार रुपये की सुविधा
- दुर्घटना में मृत्यु पर एक लाख की सहायता, स्थायी अपंगता पर 75 हजार रुपये
परवेज आलम, अररिया : मेहनत मजदूरी कर मनरेगा सहित अन्य क्षेत्रों में रोजी रोटी कमाने वाले कामगारों के लिए सरकार द्वारा तीन प्रमुख योजनाएं संचालित की जा रही हैं. खास ये कि जागरूक मजदूर श्रम कार्यालय में निबंधन करा कर इन योजनाओं का लाभ भी उठा रहे हैं.
आलम ये है कि पिछले लगभग डेढ सालों के दौरान चलाये गये विशेष अभियान के तहत ही जिले में कमोबेश नौ हजार मजदूरों का निबंधन किया जा चुका है. पांच हजार से अधिक को विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ भी मिल चुका है. जबकि लगभग 350 मजदूरों की सूची जिले से लाभ के लिए भेजी जा चुकी है.
निर्माण कामगार कल्याण योजना
राज्य श्रम संसाधन विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए जिला श्रम अधीक्षक जावेद रहमत ने बताया कि बिहार भवन एंव सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोड द्वारा निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों के लिए 14 अलग अलग प्रकार की योजनाएं संचालित हैं. राज मिस्त्री, हेल्पर, लोहार बढ़ई, पेंटर व टारइल्स मिस्त्री सहित कुल 20 प्रकार के श्रमिकों का निबंधन योजना के तहत होता है
. 90 दिन का कार्य दिवस पूरा करने वाले निबंधित मजदूरों को अलग अलग योजनाओं का लाभ मिल सकता है. बताया गया कि भवन मरम्मत, वार्षिक चिकित्सा लाभ, सइकिल क्रय अनुदान, विवाह सहायता, मातृत्व लाभ व मृत्यु लाभ सहित कुल 14 तरह के आर्थिक लाभ निबंधित मजदूर उठा सकते हैं.
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए योजना : वहीं असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए सरकार द्वारा बिहार शताब्दी कार्यक्षेत्र कामगार एंव शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना का संचालन किया जाता है. खास ये कि इस योजना के लाभ के लिए श्रम विभाग से निबंधन आवश्यक नहीं है.
इस श्रेणी में कुल 88 प्रकार के कामगार शामिल हैं. दी गयी जानकारी के मुताबिक योजना के तहत श्रमिक के सामान्य मृत्यु पर 30 हजार की सहायता राशि परिजन को दी जाती है. जबकि दुर्घटना में म्त्यु पर एक लाख की सहायता राशि देने का प्रावधान है.
अस्थानीय पूर्ण अपंगता पर 75 हजार, जबकि स्थायी आंशिक अपंगता पर 37 हजार 500 की सहायता मिल सकती है. योजना के तहत असाध्य रोगी मजदूरों को आठ हजार से 30 हजार तक सहायता राशि का प्रावधान है. जबकि आइटीआइ व पॉलीटेकनिक में पढ़ने वाले श्रमिकों के बच्चों को एक हजार 200 रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति भी मिलती है.
प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना
इस योजना का लाभ उन मजदूरों के लिए है जो प्रदेश के बाहर मेहनत मजदूरी करते हैं. बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना के तहत सामान्य मृत्यु, दुर्घटना में मृत्यु व अपंगता के लिए अलग अलग राशि दिये जाने का प्रावधान है. एक अहम बात ये कि इस योजना का लाभ उन मजदूरों को भी मिल सकता है, जो मेहनत मजदूरी करने विदेश जाते हैं.
प्रमुख योजनाएं
- बिहार भवन एंव अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड
- बिहार शताब्दी कार्यक्षेत्र कामगार एंव शिल्पकार सामाजिक सुरक्षा योजना
- बिहार राज्य प्रवासी मजदूर दुर्घटना अनुदान योजना
प्रमुख योजनाओं में सहायता राशि
चिकित्सा योजना- 3000 प्रति वर्ष
भवन मरम्मी अनुदान- 20,000
मातृत्व लाभ योजना- 10,000
मृत्यु लाभ योजना- 100,000
युवा सहायता- 50,000
निबंधित मजदूरों की संख्या 13 हजार से अधिक पांच हजार से अधिक को मिल चुका है लाभ
अररिया. योजना लागू होने के बाद से अबतक जिले के लगभग 13 हजार मजदूरों का निबंधन जिला श्रम कार्यालय कर चुका है. 23 नवंबर 2017 से लेकर अब तक ही केवल आठ हजार 890 मजदूरों का निबंधन किया गया है.
श्रम अधीक्षक द्वारा दी गयी जानकारी के मुताबिक अब तक लगभग पांच हजार मजदूरों को वार्षिक चिकित्सा लाभ योजना के तहत सहायता राशि मिल चुकी है. जबकि घर मरम्मत योजना के तहत 282 मजदूरों को अनुदान राशि दी जा चुकी है.
सात लाभुक को विवाह सहायता योजना, मातृत्व योजना के तहत छह व मृत्यु लाभ योजना के तहत एक मजदूर को लाभ दिया गया है. वहीं बताया गया कि हाल के दिनों में भवन मरम्मती के लिए 335, मातृत्व लाभ के लिए तीन, मृत्यु लाभ के लिए एक व युवा सहायता के लिए भी एक लाभुक के नाम की अनुशंसा राज्य सरकार से की गयी है.
पांच वर्ष के लिए महज 50 रुपये है निबंधन शुल्क
अलग अलग क्षेत्र व श्रेणी के श्रमिकों के लिए विभाग तीन प्रमुख योजनाओं का संचालन करता है. बिहार भवन व अन्य सन्निर्माण कल्याण बोर्ड की योजनाओं के लिए निबंधन जरूरी है.
अब तक 13 हजार से अधिक श्रमिकों का निबंधन हो चुका है. पांच साल के लिए निबंधन शुल्क मात्र 50 रुपये है. योजना का लाभ मनरेगा के तहत निर्माण कार्य में लगे मजदूर भी ले सकते हैं. शर्त ये है कि उन्होंने एक साल में 90 दिन का काम किया हो.
जावेद रहमत, श्रम अधीक्षक, अररिया
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