एसबीआइ लाइफ इंश्योरेन्स कटिहार को हर्जाने की राशि भुगतान का आदेश

Updated at : 26 Apr 2019 6:37 AM (IST)
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एसबीआइ लाइफ इंश्योरेन्स कटिहार को हर्जाने की राशि भुगतान का आदेश

अररिया : जिला उपभोक्ता फोरम न्यायालय अररिया में चल रहे दावा राशि से संबंधित मामले में आवेदक के पक्ष में आदेश जारी करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम न्यायालय अररिया के अध्यक्ष सह रिटायर जिला न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार चौबे, सदस्य क्रमश: अशोक कुमार साह व रीता कुमारी की खंडपीठ ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेन्स कटिहार को 2 […]

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अररिया : जिला उपभोक्ता फोरम न्यायालय अररिया में चल रहे दावा राशि से संबंधित मामले में आवेदक के पक्ष में आदेश जारी करते हुए जिला उपभोक्ता फोरम न्यायालय अररिया के अध्यक्ष सह रिटायर जिला न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार चौबे, सदस्य क्रमश: अशोक कुमार साह व रीता कुमारी की खंडपीठ ने एसबीआई लाइफ इंश्योरेन्स कटिहार को 2 लाख 90 हजार रुपये हर्जाना जमा करने को कहा है.

बताया जाता है कि जिले के रानीगंज थाना क्षेत्र अन्तर्गत पचीरा गांव के रहने वाले मंसूर ऋषिदेव पिता तिरथू ऋषिदेव ने अपनी पत्नी मीना देवी के नाम से एसबीआइ लाइफ इंश्योरेन्स कटिहार के एजेंट से इंश्योरेन्स करवाया था.
मीना देवी की मौत हो जाने के बाद नॉमिनी के नाते आवेदक मंसूर ऋषिदेव ने दावा राशि के भुगतान के लिए सभी आवश्यक दस्तावेज पेश एसबीआइ लाइफ इन्श्योरेन्स कटिहार के पदाधिकारियों के पास दिया गया, जिसमें एसबीआइ लाइफ इन्श्योरेन्स कटिहार के पदाधिकारियों ने काफी टाल-मटोल किया.
दावा राशि नहीं मिलने पर आवेदक मंसूर ऋषिदेव जिला उपभोक्ता फोरम न्यायालय अररिया में अपने अधिवक्ता संजीव कुमार सिन्हा, राजेश कुमार वर्मा तथा कौशल वर्मा के माध्यम से दावा राशि 2 लाख 65 हजार दावा राशि, आर्थिक व मानसिक परेशानी के लिए 50 हजार तथा वाद खर्च एवं अन्याय के लिए 25 हजार रुपये की राशि कुल ं3 लाख 40 हजार रुपये का दावा ठोका. फोरम न्यायालय द्वारा नोटिस मिलने के बाद एसबीआइ लाइफ इंश्योरेन्स कटिहार न्यायालय में पेश होकर अपना तर्क प्रस्तुत किया.
फोरम न्यायालय अररिया के अध्यक्ष सह रिटायर जिला न्यायाधीश सुरेन्द्र कुमार चौबे, सदस्य क्रमश: अशोक कुमार साह व रीता कुमारी की खंडपीठ ने आवेदक द्वारा दाखिल किये साक्ष्य को सही ठहराते हुए एसबीआई लाइफ इंश्योरेन्स कटिहार को आदेश देते हुए आदेश किया के वे दो माह के अंदर आवेदक को दावा राशि दो लाख 65 हजार, मानसिक प्रताड़ना के लिए दस हजार तथा दावा राशि देने में विलंब के लिए अलग से 15 हजार रुपये कुल 2 लाख 90 हजार रुपये जमा करें. अन्यथा आवेदक के आवेदन दिनांक 8 सितंबर 2017 के बाद भुगतान करने की तिथि तक आदेश की राशि का भुगतान 10 प्रतिशत के ब्याज के साथ अलग से देना होगा.
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