ओलावृष्टि से फारबिसगंज के भलवा सहित अन्य गांवों में फसलों को भारी क्षति, किसान परेशान
Updated at : 02 Apr 2019 7:01 AM (IST)
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फारबिसगंज :रविवार की देर शाम फारबिसगंज प्रखंड के पूर्वी क्षेत्रों में तेज हवा के साथ जमकर हुई ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है. ओला वृष्टि से किसानों की कमर टूट गयी है. प्रखंड के भालुवा व कुशमाहा सहित पूर्वी क्षेत्र के अन्य गांवों में हुई ओला वृष्टि से किसानों के खेतों […]
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फारबिसगंज :रविवार की देर शाम फारबिसगंज प्रखंड के पूर्वी क्षेत्रों में तेज हवा के साथ जमकर हुई ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचाया है. ओला वृष्टि से किसानों की कमर टूट गयी है. प्रखंड के भालुवा व कुशमाहा सहित पूर्वी क्षेत्र के अन्य गांवों में हुई ओला वृष्टि से किसानों के खेतों में कल तक लहलहाने वाले गरमा धान, गेंहू व मक्का की फसल खेतों में टूट कर मुरझा गयी हैं.
अमहारा पंचायत के भालुवा गांव के किसान मो हसन, मो हनीफ, मंसूर आलम, मो इकबाल, मो मोजम्मिल हक व मो यूनुस सहित अन्य ने बताया कि आसमान में बादल छाये तो ऐसा लगा कि बारिश होगी,
लेकिन बारिश तो तेज नहीं लेकिन तेज हवा के साथ आकाश से लगभग 10 से 15 मिनट तक लगातार इतनी ओला वृष्टि हुई कि खेतों में लगी मक्का, गरमा धान व गेहूं सहित अन्य फसलें टूटकर खेत में गिर गयी हैं. पीड़ित किसानों ने ओला वृष्टि से हुई फसलों की क्षति पर मुआवजा देने के मांग की है.
जिले में नहीं थम रहा है रुक-रुककर बारिश का सिलसिला
कुर्साकांटा. प्रखंड क्षेत्र में विगत शनिवार व रविवार को हुये तेज आंधी के साथ ओला वृष्टि को लेकर विभिन्न पंचायत से रबी फसल क्षति की जानकारी मिली है. ओला वृष्टि से प्रखंड क्षेत्र के सेनवारी, मूसा टोल, पड़ासी, जागीर, नया टोला सिकटिया, बीरबन, लक्ष्मीपुर, सिझुआ, कुआड़ी, लैलोखर गरैया, बखरी, बरकुड़वा, कमलदाहा, कोल्हुआ, बैद्यनाथ पुर, भोरहा, पररिया, घाट चिकनी, बटराहा समेत दर्जनों गांव में जमकड़ कहर बरपाया.
ओला वृष्टि से रबी फसल में जहां तैयार गेहूं की क्षति हुई तो पीछे लगाया गया मकई की खेती को भी चौपट कर दिया. किसान से मिली जानकारी अनुसार प्रकृति भी मानो किसान से ही बदला लेने को आतुर है. किसान किसी तरह कर्ज, उधार लेकर काफी मुश्किल से खेती करते हैं.
लेकिन जब खेत में फसल तैयार होता है तो प्रकृति किसी न किसी तरह नष्ट कर देता है. वहीं सरकार द्वारा फसल क्षति को लेकर फसल क्षति मुआवजा राशि की घोषणा तो होती है.समकक्ष अधिकारी द्वारा किसान से फसल क्षति का सर्वे भी किया जाता है. लेकिन जब फसल क्षति राशि किसान के खाते में भेजने की बारी आती है तो बिचौलियागिरी चरम पर होती है. परिणाम हताश किसान को मिलता है तो केवल आश्वासन.
ओलावृष्टि के कारण रबी फसलों के साथ आम व लीची की फसल प्रभावित
अररिया. शनिवार की रात से जिले में हो रही रूक-रूक कर बारिश का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच तेज हवा व कुछ एक जगहों पर हुई ओलावृष्टि से रबी फसलों को व्यापक नुकसान की बात सामने आ रही है.
बारिश के कारण खेतों में तैयार गेहूं की फसल कटनी प्रभावित हो रही है. तो आम, लीची, सरसों की फसल को इससे नुकसान झेलना पड़ा है. तेज हवा व ओलावृष्टि के कारण खेतों में लगे मक्का के पौधे खेतों में गिर गये. इससे किसानों की चिंताएं बढ़ गयी है. में हताशा व निराशा व्याप्त है.
इधर पड़ोसी देश नेपाल में बारिश से हुई भीषण तबाही के कारण निकटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत व्याप्त है. कृषि विभाग के अधिकारियों के मुताबिक तेज हवा व कुछ इलाकों में ओलावृष्टि से नुकसान का आकलन किया जा रहा है. इधर कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा आगामी पांच दिनों के लिए जारी मौसम पूर्वानुमान में बुधवार तक जिले भर में हल्की फूल्की बारिश का संभावना व्यक्त की गयी है.
मंगलवार व बुधवार को जिले में दस एमएम तक बारिश हो सकती है. इस बीच जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक बने रहने की बात कही गयी है.
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